Home Economy Business जानिए, क्या है आईएनएक्स मीडिया केस

जानिए, क्या है आईएनएक्स मीडिया केस

आईएनएक्स मीडिया

KKN लाइव न्यूज ब्यूरो। भारत में बहुचर्चित आईएनएक्स मीडिया केस इन दिनो सुर्खियों में है। दरअसल, यह पूरा मामला आईएनएक्स मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड (FIPB) से गैर कानूनी तौर पर मंजूरी दिलवाने से जुड़ा है। इसमें आईएनएक्स ने 305 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश हासिल किया था। इस केस में गड़बड़ी की आंच कार्ति चिदंबरम के जरिए तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम तक पहुंची और 15 मई 2017 में सीबीआई ने विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितताओं के चलते पहली एफआईआर दर्ज की। इसके बाद साल 2018 में प्रवर्तन निदेशालय ने भी मनी लांड्रिंग मामले में केस दर्ज किया।

ऐसे चली घटक्रम

वह 15 मई, 2017 का दिन था। सीबीआई ने पहली बार आईएनएक्स मीडिया केस में प्राथमिकी दर्ज की जिसमें आरोप था कि साल 2007 में 305 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि पाने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी पाने में अनियमितता बरती गई थी। उस समय कार्ति चिदंबरम के पिता पी चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे। आईएनएक्स मीडिया इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी से संबंधित कंपनी है।

लुक आउट सर्कुलर

इसके बाद 16 जून, 2017 को केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी और ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने कार्ति चिदंबरम के खिलाफ एक लुक आउट सर्कुलर जारी किया। 10 अगस्त, 2017 को मद्रास उच्च न्यायालय ने कार्ति चिदंबरम और चार अन्य के खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर पर रोक लगा दी। इसके बाद 14 अगस्त, 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी करते हुए मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी।

विदेश यात्रा पर रोक

22 सितंबर, 2017 को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कार्ति चिदंबरम को विदेश यात्रा करने से रोका गया था क्योंकि वह सबूत नष्ट करने के लिए कथित तौर पर अपने कई विदेशी बैंक खातों को बंद कर रहे थे। 9 अक्टूबर, 2017 को कार्ति चिदंबरम ने अपनी बेटी को एक विश्वविद्यालय में दाखिला दिलाने के लिए ब्रिटेन की यात्रा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी की मांग की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह ब्रिटेन में किसी भी बैंक का दौरा नहीं करेंगे। पी चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार उनके और उनके बेटे के खिलाफ राजनीतिक रूप से प्रेरित होकर प्रतिशोध ले रही है।

कार्ति चिदंबरम गिरफ्तार

28 फरवरी, 2018 को कार्ति चिदंबरम को विदेश से आने के तुरंत बाद सीबीआई ने चेन्नई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया और बाद में उन्हें दिल्ली लाया गया। 23 मार्च, 2018 को कार्ति चिदंबरम को 23 दिन जेल में बिताने के बाद जमानत मिली। 25 जुलाई, 2018 को उच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी से पी चिदंबरम को अंतरिम राहत दिया।

संपत्ति अटैच

11 अक्टूबर, 2018 को ईडी ने आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भारत, ब्रिटेन और स्पेन में कार्ति चिदंबरम की 54 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की। 11 जुलाई, 2019 को जेल में बंद इंद्राणी मुखर्जी गवाह बनने के लिए तैयार हो गईं और एक जज के सामने रखी शर्तों को स्वीकार कर लिया। 20 अगस्त, 2019 को दिल्ली हाईकोर्ट ने पी चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज कर दी। और सीबीआई ने 21 अगस्त 2019 को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version