Home Maharashtra अजित पवार का अंतिम संस्कार : राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई,...

अजित पवार का अंतिम संस्कार : राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, शोक में डूबा महाराष्ट्र

महाराष्ट्र की राजनीति ने गुरुवार को एक बड़े और अपूरणीय नेता को खो दिया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ बारामती में किया गया। विमान दुर्घटना में उनके आकस्मिक निधन से न केवल राज्य, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर है। बारामती से लेकर मुंबई तक हर आंख नम दिखी और हर चेहरा गमगीन रहा।

एनसीपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अजित पवार के निधन को महाराष्ट्र के लिए काला दिन बताया। राजनीति में उनके योगदान, प्रशासनिक पकड़ और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान बारामती की सड़कों पर सन्नाटा और भावुकता साफ झलक रही थी।

विमान दुर्घटना ने छीना सशक्त नेतृत्व

बुधवार सुबह पुणे जिले के बारामती हवाई अड्डे के पास एक विमान दुर्घटना में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब विमान लैंडिंग की तैयारी में था। दुर्घटना के बाद विमान में आग लग गई और मलबा रनवे के पास फैल गया। राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन किसी को बचाया नहीं जा सका।

66 वर्षीय अजित पवार के अचानक चले जाने से महाराष्ट्र की भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में एक बड़ा राजनीतिक खालीपन पैदा हो गया है। इसके साथ ही उनकी अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बारामती से शुरू हुई अंतिम यात्रा

अजित पवार के पार्थिव शरीर को बुधवार शाम पुणे जिले के बारामती स्थित एक शिक्षण संस्थान में लाया गया। यहां बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। देर रात तक लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए इंतजार करते रहे।

गुरुवार सुबह पार्थिव शरीर को काटेवाडी से विद्या प्रतिष्ठान मैदान ले जाया गया। रास्ते के दोनों ओर खड़े लोग भावुक नजर आए। कई समर्थक फूट-फूट कर रोते दिखे। बारामती, जिसे अजित पवार का राजनीतिक गढ़ माना जाता है, पूरी तरह शोक में डूबी रही।

राजकीय सम्मान और दिग्गजों की मौजूदगी

विद्या प्रतिष्ठान मैदान में अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। केंद्र और राज्य के कई वरिष्ठ नेता इस दौरान मौजूद रहे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंतिम विदाई के समय उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

एनसीपी-एससीपी प्रमुख शरद पवार अपने भतीजे के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उनके चेहरे पर गहरा दुख साफ नजर आ रहा था। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी दलों के नेताओं ने अजित पवार को सम्मानपूर्वक विदाई दी।

महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक

अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को सार्वजनिक अवकाश का ऐलान किया। इसके तहत राज्य के सभी स्कूल और सरकारी कार्यालय 30 जनवरी तक बंद रहेंगे।

सरकारी भवनों पर झंडे आधे झुके रहे और सभी सार्वजनिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए। यह फैसला अजित पवार के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को देखते हुए लिया गया।

दुर्घटनास्थल पर कलाई घड़ी से पहचान

विमान दुर्घटना स्थल पर अजित पवार की पहचान उनकी कलाई घड़ी से हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब विमान का मलबा आग की लपटों में घिरा हुआ था। झुलसे हुए शवों की पहचान करना मुश्किल था।

बताया गया कि एक शव की कलाई पर मौजूद घड़ी से यह स्पष्ट हुआ कि वह अजित पवार हैं। इस घटना ने लोगों को भावुक कर दिया क्योंकि घड़ी एनसीपी का चुनाव चिह्न भी है। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े वीडियो भी सामने आए।

हादसे की जांच शुरू

पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में दुर्घटनावश मृत्यु रिपोर्ट दर्ज कर ली है। यह रिपोर्ट बारामती तालुका पुलिस थाने में दर्ज की गई है। प्रक्रिया के अनुसार, मामले को महाराष्ट्र आपराधिक जांच विभाग को सौंपा जाएगा।

विमान से बरामद ब्लैक बॉक्स का विश्लेषण किया जाएगा। इसमें फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर शामिल हैं। जांच एजेंसियां इन्हीं आंकड़ों के आधार पर दुर्घटना के कारणों का पता लगाएंगी।

देशभर से श्रद्धांजलि

महाराष्ट्र और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अजित पवार के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मुंबई स्थित लोकभवन में आयोजित शोकसभा में दो मिनट का मौन रखा गया। उन्होंने अजित पवार को जमीनी स्तर से जुड़े जननेता बताया।

राज्यपाल ने कहा कि अजित पवार एक कर्मठ, संवेदनशील और समर्पित नेता थे। महाराष्ट्र की जनसेवा में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

शोक में डूबे कार्यकर्ता और समर्थक

एनसीपी कार्यकर्ता राज्य के कोने-कोने से बारामती पहुंचे। जब पार्थिव शरीर को विद्या प्रतिष्ठान परिसर में रखा गया, तब ‘अजित दादा अमर रहे’ और ‘अजित दादा लौट आओ’ जैसे नारे गूंज उठे। हर चेहरा अपने नेता को खोने के दर्द को बयां कर रहा था।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, लेकिन माहौल पूरी तरह शांत और भावुक रहा। स्वयंसेवक लोगों को श्रद्धांजलि देने में मदद करते नजर आए।

एक युग का अंत

अजित पवार को एक मजबूत प्रशासक और निर्णायक नेता के रूप में जाना जाता था। उन्होंने दशकों तक महाराष्ट्र की राजनीति को दिशा दी। उनका अचानक जाना न केवल एनसीपी, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक बड़ी क्षति है।

अंतिम संस्कार के साथ ही एक प्रभावशाली राजनीतिक अध्याय का अंत हो गया। अब सबकी नजर इस पर है कि महाराष्ट्र की राजनीति इस खालीपन से कैसे उबरती है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version