KKN ब्यूरो। राजधानी दिल्ली सोमवार (10 नवंबर, 2025) की शाम तब दहल गई जब ऐतिहासिक लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास खड़ी एक कार में जोरदार धमाका हुआ। इस भीषण विस्फोट में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 24 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी 3-4 गाड़ियां पूरी तरह से आग की लपटों में घिर गईं और कार के परखच्चे 150 मीटर की दूरी तक बिखर गए। घटना शाम 6 बजकर 52 मिनट पर हुई, जब यह इलाका भीड़-भाड़ से भरा हुआ था और स्थानीय बाजार गुलजार थे।
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धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास की दुकानों के शीशे टूट गए, दूर-दूर तक इमारतों की खिड़कियां कांप उठीं और पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के साथ एक विशाल आग का गोला उठा और घना धुआं चारों ओर फैल गया। घटनास्थल पर दमकल की 7 से 15 गाड़ियां तुरंत भेजी गईं, जिन्होंने शाम 7:29 बजे तक आग पर काबू पा लिया। घायलों को तुरंत लोक नायक जय प्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने पुष्टि की कि 15 लोगों को लाया गया था, जिनमें से 8 की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी।
घटना का विवरण और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
धमाका लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास पार्किंग में खड़ी एक मारुति इको वैन या स्विफ्ट डिजायर कार में हुआ। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने घटना के विवरण देते हुए बताया, “आज शाम करीब 6.52 बजे, एक धीमी गति से चल रही गाड़ी रेड लाइट पर रुकी। उस वाहन में विस्फोट हुआ, और विस्फोट के कारण आसपास के वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। सभी एजेंसियां, एफएसएल, एनआईए, यहां हैं। कुछ लोगों की मौत हुई है और कुछ घायल हुए हैं। स्थिति की निगरानी की जा रही है”।
प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना की भयावहता का वर्णन करते हुए बताया कि उन्होंने ऐसा धमाका पहले कभी नहीं सुना। एक स्थानीय दुकानदार ने एएनआई को बताया, “मैंने अपने जीवन में कभी इतना तेज धमाका नहीं सुना। जब धमाका हुआ तो मैं अपनी दुकान में कुर्सी पर बैठा था और विस्फोट के प्रभाव से तीन बार गिर गया। मुझे लगा कि धरती फटने वाली है। मैंने दुकान छोड़ दी और भाग गया, मेरे साथ कई परिवार भागे… ऐसा लग रहा था जैसे दूसरा धमाका होगा और हम सब मरने वाले हैं”।
स्थानीय निवासी राजधर पांडे ने कहा, “मैंने अपने घर से आग की लपटें देखीं और फिर नीचे आकर देखा कि क्या हुआ है। बहुत तेज धमाका हुआ। मैं पास में ही रहता हूं”। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “पहले हमने फेफड़े देखे और हम चौंक गए और फिर हमने थाना प्रभारी को सूचना दी कि अवशेष हैं। जब हमने सड़क पर किसी का हाथ देखा, तो हम बिल्कुल स्तब्ध रह गए। मैं इसे शब्दों में बयान नहीं कर सकता”।
ऑटो चालक जीशान, जो खुद विस्फोट में घायल हो गए, ने बताया, “मेरे सामने वाली कार लगभग दो फीट दूर थी। मुझे नहीं पता कि उसमें बम था या कुछ और, लेकिन वह फट गई। यह एक स्विफ्ट डिजायर कार थी”।
जांच एजेंसियों की तैनाती और आतंकी लिंक की आशंका
घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की बम स्क्वॉड, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है और व्यापक जांच चल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विस्फोट किसी साधारण दुर्घटना से कहीं अधिक गंभीर है। इंडिया टुडे के विश्लेषक ने नोट किया, “क्षति की सीमा, इसने जितनी त्रिज्या को कवर किया है, इसने जिस तरह का नुकसान किया है… हमें यह विश्वास करने के लिए प्रेरित कर रहा है कि यह सिर्फ एक और कार में आग नहीं है”। धमाके की तीव्रता और विनाश का पैमाना यह संकेत दे रहा है कि इसमें उच्च-शक्ति वाले विस्फोटकों का उपयोग किया गया हो सकता है।
जांच एजेंसियां इस विस्फोट और उसी दिन सुबह फरीदाबाद में बरामद हुए 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही हैं। फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव में हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था, जिसमें 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, असॉल्ट राइफलें, पिस्तौल, 20 टाइमर, बैटरियां, रिमोट कंट्रोल, और बम बनाने के अन्य उपकरण बरामद किए गए थे।
इस ऑपरेशन में दो डॉक्टर – अल-फलाह विश्वविद्यालय फरीदाबाद के सहायक प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई और पुलवामा के डॉ. आदिल अहमद रदर – को गिरफ्तार किया गया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, यह एक अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क है जो जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ा हुआ है और पाकिस्तान से संचालित हो रहा है।
देशभर में हाई अलर्ट और सुरक्षा व्यवस्था में कड़ाई
दिल्ली में धमाके के तुरंत बाद पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और देश के कई राज्यों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। दिल्ली के सभी मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को 10 गुना बढ़ा दिया गया है।
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया, “डीजीपी ने उत्तर प्रदेश के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को संवेदनशील धार्मिक स्थलों, संवेदनशील जिलों और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सभी सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है”। अयोध्या में राम मंदिर की सुरक्षा को विशेष रूप से बढ़ाया गया है।
प्रयागराज में रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बम स्क्वाड और डॉग स्क्वाड तैनात कर दिए गए हैं। हर यात्री के सामान की स्कैनर से जांच की जा रही है और संदिग्ध वाहनों की कड़ी तलाशी ली जा रही है। लखनऊ से संवेदनशील इलाकों में गश्त और चेकिंग बढ़ाने का आदेश जारी किया गया है।
महाराष्ट्र: मुंबई में भी हाई अलर्ट घोषित किया गया है। सुरक्षा एजेंसी सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि महाराष्ट्र की राजधानी में महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। संवेदनशील इलाकों और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाकर गश्त तेज कर दी है। सभी पुलिस थानों को आई अलर्ट की सूचना दे दी गई है, संवेदनशील स्थानों पर नाकाबंदी की जा रही है और संदिग्ध व्यक्तियों की आकस्मिक तलाशी ली जा रही है।
राजस्थान: राजस्थान में भी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है। डीजीपी राजीव शर्मा ने सभी रेंज इंस्पेक्टर जनरल, जिला अधीक्षकों और संवेदनशील पुलिस थानों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। सीमावर्ती जिलों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों की पूरी तरह से जांच की जा रही है।
उत्तराखंड: उत्तराखंड में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है और देहरादून में पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सीमावर्ती क्षेत्र: दिल्ली धमाके के बाद इंडो-नेपाल बॉर्डर पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। सशस्त्र सीमा बल (BSF) के अलावा स्थानीय पुलिस भी हाई अलर्ट पर है और खुफिया विभाग सीमा पार करने वाले सभी आगंतुकों की बारीकी से निगरानी कर रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सुरक्षा चूक पर सवाल
धमाके की घटना पर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “लाल किले के पास हुए धमाके की खबर बेहद चिंताजनक है। बताया जा रहा है कि इसमें कुछ लोगों की जान भी गई है, ये बेहद दुखद है। पुलिस और सरकार को तुरंत इसकी जांच करनी चाहिए कि ये धमाका कैसे हुआ और क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं है। दिल्ली की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती”।
पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने ट्वीट किया, “लाल किले के पास हुए धमाके की खबर बेहद चिंताजनक है। घटना की पूरी जांच जल्द से जल्द होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके। दिल्ली की जनता की सुरक्षा हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है”। मनीष सिसोदिया ने कहा कि “ऐसे समय में शांति और संयम बनाए रखना ही सबसे बड़ी ताकत है। आतंक और भय का जवाब हमारी एकजुटता से ही दिया जा सकता है”।
सांसद पप्पू यादव ने तीखे शब्दों में गृह मंत्री और प्रधानमंत्री की आलोचना करते हुए कहा, “दुर्भाग्यपूर्ण है लाल किला के पास भीषण धमाका, नौ लोग मारे गए, देश के गृह मंत्री, प्रधानमंत्री अपना दायित्व छोड़ बिहार में चुनाव जीतने को धमकी और कट्टा का खेल कर रहे थे। ऐसे में इस विस्फोट की जिम्मेदारी लें, अपने पद से इस्तीफी दें, ऐसी कमजोर सरकार देश को सुरक्षा नहीं दे सकती”।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना की जानकारी ली है और गृह मंत्री अमित शाह से स्थिति का जायजा लिया। गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और इंटेलिजेंस ब्यूरो चीफ से फोन पर बातचीत करके स्थिति की जानकारी ली है।
ऐतिहासिक संदर्भ और सुरक्षा की चुनौती
लाल किला क्षेत्र दिल्ली के सबसे व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाकों में से एक है। यह 17वीं शताब्दी का मुगल काल का किला है जो साल भर पर्यटकों को आकर्षित करता है। शाम के समय इस इलाके में अच्छी-खासी भीड़ होती है और स्थानीय बाजार गुलजार होते हैं। यह एक अति-संवेदनशील हाई-सिक्योरिटी जोन है, जो इस धमाके को और भी चिंताजनक बनाता है।
विशेष रूप से चिंताजनक है कि यह विस्फोट गौरी शंकर और जैन मंदिरों के सामने हुआ, जो एक ऐसा स्थान है जिसे 2000 में आतंकवादियों ने निशाना बनाया था। इस घटना ने राष्ट्रीय राजधानी में पहले के आतंकवादी हमलों की याद ताजा कर दी है, और दिल्ली में कई सालों बाद इतने बड़े पैमाने पर हाई अलर्ट घोषित किया गया है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात या संदिग्ध चीज को देखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और फोरेंसिक टीमें धमाके के स्वरूप और इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों का पता लगा रही हैं।
देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती
दिल्ली के लाल किले के पास हुआ यह धमाका देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती है। 8 लोगों की मौत और 24 से अधिक घायलों के साथ, यह घटना राजधानी में सुरक्षा की खामियों को उजागर करती है। फरीदाबाद में बरामद हुए विशाल विस्फोटक भंडार के साथ इस घटना का संभावित संबंध जांच एजेंसियों के सामने बड़े सवाल खड़े करता है।
जांच एजेंसियां धमाके के कारणों, इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की प्रकृति, और किसी भी आतंकी संगठन से संबंध की गहन जांच कर रही हैं। देश भर में बढ़ाई गई सुरक्षा और हाई अलर्ट इस घटना की गंभीरता को दर्शाता है। अब सभी की नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं, जो यह स्पष्ट करेंगे कि यह विस्फोट तकनीकी गड़बड़ी था या किसी बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा।



