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बेटी के प्रेम विवाह से नाराज माता-पिता ने समधन पर पेट्रोल डालकर आग लगाई, महिला गंभीर रूप से झुलसी

कर्नाटका के चिक्कबल्लापुर जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें बेटी के प्रेम विवाह से नाराज माता-पिता ने बदले की भावना से लड़के की मां, यानी समधन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस जघन्य हमले में महिला बुरी तरह से झुलस गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। यह दिल दहला देने वाली घटना परिवारों के बीच रिश्तों के हद से बाहर जाकर की गई हिंसा को उजागर करती है।

घटना का विवरण

यह घटना चिक्कबल्लापुर जिले के पाटपाल्या थाना क्षेत्र के संगतापल्ली गाँव की है। यहाँ अम्बरीश और प्रतिभा एक-दूसरे से प्रेम करते थे। प्रतिभा के परिवार के कड़े विरोध के बावजूद, दोनों ने भागकर मंदिर में शादी कर ली। इस प्रेम विवाह से प्रतिभा के माता-पिता को गहरा आघात पहुँचा। वे अपनी बेटी के इस कदम से बेहद नाराज हो गए थे।

नाराजगी के बाद, प्रतिभा के माता-पिता ने अम्बरीश के घर पर धावा बोला। सबसे पहले उन्होंने प्रतिभा के कपड़े, किताबें और अन्य सामानों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके बाद, जब अम्बरीश की मां बयम्मा वहाँ आईं, तो गुस्से में भरे हुए प्रतिभा के माता-पिता ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने बयम्मा पर भी पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने का प्रयास किया।

हमले के बाद का हाल

इस निर्मम हमले से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने मुश्किल से आग पर काबू पाया और बुरी तरह से झुलसी बयम्मा को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल बयम्मा को बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। उनका इलाज चल रहा है, लेकिन उनका जीवन संकट में है।

इस दर्दनाक और नृशंस घटना के बाद, पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध के लिए अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

पुलिस की कार्रवाई

घटना के बाद, पाटपाल्या पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रतिभा के माता-पिता के खिलाफ हत्या की कोशिश, जानलेवा हमले और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि वे सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आरोपियों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।

स्थानीय लोगों और समाज ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई है। इस तरह की हिंसा ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या समाज में प्रेम विवाह को लेकर इस तरह के कट्टरपंथी दृष्टिकोण को खत्म करने की आवश्यकता नहीं है।

समाज में प्रेम विवाह को लेकर बढ़ती असहमति और हिंसा

यह घटना उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो प्रेम विवाह को लेकर सामाजिक दबावों और परंपराओं के कारण हिंसा का सहारा लेते हैं। हालांकि, शहरी क्षेत्रों में प्रेम विवाह अब सामान्य होते जा रहे हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी इस पर कड़ा विरोध देखा जाता है। इस तरह की घटनाओं से यह साबित होता है कि समाज में अब भी प्रेम विवाह को लेकर असहमति की स्थिति बनी हुई है, और इसे लेकर कई बार परिवारों के बीच हिंसा उत्पन्न हो जाती है।

कानूनी और सामाजिक सुधार की आवश्यकता

जहां एक ओर कानून में सुधार की दिशा में प्रयास हो रहे हैं, वहीं इस तरह की घटनाएं यह साबित करती हैं कि सामाजिक दृष्टिकोण को बदलने की भी आवश्यकता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पारंपरिक मान्यताएं और परिवारों की इच्छाएं बच्चों की व्यक्तिगत पसंदों से ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती हैं, वहां बदलाव जरूरी है।

कानूनी सुधार के साथ-साथ समाज को इस दिशा में और अधिक संवेदनशील बनाना होगा, ताकि ऐसे मामलों में हिंसा का रास्ता न अपनाया जाए और बच्चों को अपने जीवनसाथी चुनने की स्वतंत्रता मिल सके।

समाज में मानसिकता के बदलाव की आवश्यकता

यह घटना एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि समाज में मानसिकता को बदलने की जरूरत है। यह समय है कि परिवारों और समुदायों को इस मुद्दे पर जागरूक किया जाए, ताकि युवा अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने में डर और हिंसा का सामना न करें। हमें यह समझना होगा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिंदगी का निर्णय लेने का अधिकार है, और इस अधिकार को ससम्मान स्वीकार करना चाहिए।

कर्नाटका के चिक्कबल्लापुर जिले में हुई यह घटना न केवल एक परिवार के अंदर के रिश्तों की त्रासदी है, बल्कि यह एक समाज के उस पुराने सोच को भी चुनौती देती है, जिसमें व्यक्तिगत पसंद को परिवार की इच्छाओं के ऊपर रखा जाता है। इस तरह की घटनाएं समाज में व्याप्त असहिष्णुता और हिंसा की समस्याओं को उजागर करती हैं। यह समय है कि हम इस मुद्दे पर विचार करें और प्रेम विवाह के खिलाफ हिंसा और नफरत के बजाए, एक सहिष्णु और समझदार समाज की दिशा में कदम बढ़ाएं।

इस घटना के बाद, स्थानीय समुदाय और पुलिस को इस मुद्दे पर गंभीरता से कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की बर्बरता से बचा जा सके और लोगों को अपनी पसंद के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता मिले।

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