बिहार के गया जिले में सोमवार को एक दुखद दुर्घटना ने खुशी के मौके को मातम में बदल दिया। दो किशोरों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब तीनों लड़के रेलवे ट्रैक पर इंस्टाग्राम वीडियो बनाने के लिए खड़े थे। यह घटना शंकर बिगहा मंझीआमा गांव के पास, गुरारू-इस्माइलपुर रेलवे सेक्शन में हुई।
वीडियो बनाते वक्त आ गईं दोनों दिशाओं से ट्रेनें
घटना उस समय हुई जब तीनों लड़के अपने मोबाइल फोन से रेलवे ट्रैक पर वीडियो बना रहे थे। गवाहों के अनुसार, एक समय में दोनों दिशाओं से ट्रेनें आ रही थीं, जिससे किशोरों के पास प्रतिक्रिया करने का कोई समय नहीं था। नतीजा यह हुआ कि दो किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया।
मृतकों की पहचान राजीव कुमार (12) कोंच पल्ली और गौतम कुमार (14) परैया खगड़ी बिगहा के रूप में हुई। घायल लड़के, विपिन कुमार (14) परैया परनपुर के रहने वाले हैं, जिन्हें पहले गुरारू के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में उनकी हालत गंभीर होने पर मगध मेडिकल कॉलेज गया रेफर किया गया।
छठ पूजा की खुशियां मातम में बदल गईं
पुलिस सूत्रों ने बताया कि तीनों लड़के मंझीआमा गांव में अपने मामा सुरेन्द्र पासवान के घर छठ पूजा मनाने के लिए आए थे। इस खुशी के मौके पर परिवार और गांव में उत्साह था, लेकिन जैसे ही हादसे की खबर फैली, खुशी का माहौल ग़म में बदल गया। मृतक दोनों किशोर पासवान परिवार के ही सदस्य थे – एक उनके भतीजे थे, जबकि दूसरा उनका पोता था। घायल लड़का भी पासवान परिवार का नजदीकी रिश्तेदार था।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया और आक्रोश
हादसे के बाद, स्थानीय लोग तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गए और दुख के साथ-साथ आक्रोश भी व्यक्त किया। इस घटना ने गांव के लोगों को गहरे शोक में डुबो दिया, और परिवार के सदस्य तो जैसे बेसुध थे, क्योंकि वे अपनों को खो चुके थे। अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो गई थी, और गांव के लोग इस दुखद घटना को लेकर अधिकारियों से सख्त कदम उठाने की अपील कर रहे थे।
रेलवे ट्रैक के पास सुरक्षा उपायों की आवश्यकता
यह हादसा एक बार फिर से रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा की कमी को उजागर करता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां युवा लोग अक्सर वीडियो बनाने के लिए इकट्ठा होते हैं। स्थानीय निवासियों ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि रेलवे ट्रैक के पास सुरक्षा उपायों को कड़ा किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
अब सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, और किशोरों के लिए रेलवे ट्रैक जैसी खतरनाक जगहें चुनना जोखिम भरा साबित हो सकता है। इसलिए यह जरूरी हो गया है कि स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों को इस दिशा में सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है।
गया में हुआ यह दुखद हादसा परिवार और समुदाय के लिए भारी आघात है। जहां एक ओर यह घटना किशोरों के लिए खतरनाक सोशल मीडिया ट्रेंड्स के जोखिम को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर यह रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा इंतजामों की कमी को भी उजागर करता है। इस हादसे के बाद अधिकारियों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे रेलवे ट्रैक के पास सुरक्षा उपायों को सख्त करें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
यह घटना यह भी बताती है कि हमें सोशल मीडिया की आदी होती युवा पीढ़ी को ऐसे खतरों से जागरूक करने की आवश्यकता है।
