गया में डीडीए की रैली में बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजद (RJD) और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दोनों पार्टियां परिवारवादी राजनीति को बढ़ावा दे रही हैं। शाह ने भाजपा उम्मीदवार मैथिली ठाकुर की उम्मीदवारी का समर्थन करते हुए इसे “भ्रष्टाचार और परिवारवाद” के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार, यह उम्मीदवारी उन पार्टियों की पारिवारिक राजनीति के खिलाफ एक बड़ा संदेश है, जो अपने परिवारों को सत्ता में बनाए रखने के लिए काम करती हैं।
मैथिली ठाकुर की उम्मीदवारी पर अमित शाह का समर्थन
अमित शाह ने 25 वर्षीय भाजपा उम्मीदवार मैथिली ठाकुर की उम्मीदवारी को लेकर कहा कि यह एक बड़ा कदम है, जो परिवारवाद को चुनौती दे रहा है। शाह ने सभा में उपस्थित लोगों से पूछा, “क्या कांग्रेस या राजद में ऐसा हो सकता है, जहां एक युवा उम्मीदवार को बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के टिकट दिया जाए?” उन्होंने भाजपा के इस कदम की सराहना की और कहा कि कांग्रेस और राजद के नेताओं की राजनीति में हमेशा उनके परिवारों का ही दबदबा रहता है।
शाह ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि सोनिया गांधी चाहती हैं कि उनका बेटा राहुल गांधी प्रधानमंत्री बने, वहीं लालू प्रसाद यादव चाहते हैं कि उनका बेटा बिहार का मुख्यमंत्री बने। उन्होंने यह भी जोड़ा कि “अब नरेंद्र मोदी दिल्ली में और नीतीश कुमार बिहार में हैं, तो इन पार्टियों के लिए कोई जगह नहीं बची है।”
मिथिला की संस्कृति और पहचान पर जोर
अमित शाह ने मिथिला की समृद्ध संस्कृति और पहचान को भी रैली में जोर दिया। उन्होंने स्थानीय सांस्कृतिक प्रतीकों जैसे विद्यापति और शारदा सिन्हा का नाम लिया और कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने मिथिला की सांस्कृतिक धारा को जीवित रखा। इसके साथ ही, शाह ने दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का ऐलान किया, जिनमें 850 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य सीता माया मंदिर और 500 करोड़ रुपये की लागत से एक सांस्कृतिक संग्रहालय शामिल है। इन परियोजनाओं को बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने मखाना बोर्ड की स्थापना और मैथिली को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने जैसे कदम उठाए हैं, जिससे इस क्षेत्र के किसानों और संस्कृति को वैश्विक पहचान मिली है।
RJD और कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप
अमित शाह ने कांग्रेस और राजद पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि इन पार्टियों ने दशकों तक भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने विशेष रूप से चारा घोटाले और भूमि-रोजगार घोटाले का जिक्र किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले किए हैं। उन्होंने कहा कि यह पार्टियां जनता के पैसे का दुरुपयोग करती हैं, जबकि भाजपा सरकार ने पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी है।
शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने अनुच्छेद 370 को खत्म किया, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगाया और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को पूरा किया। उन्होंने कहा कि “राम लल्ला को 550 सालों तक तंबू में रहना पड़ा क्योंकि इन पार्टियों ने कभी इसका समर्थन नहीं किया।”
दरभंगा में NDA सरकार की विकास योजनाएं
अमित शाह ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए दरभंगा में एनडीए सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने AIIMS दरभंगा, दरभंगा एयरपोर्ट, आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे और पश्चिमी कोसी नहर परियोजना जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी। इन विकास कार्यों को बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर के सुधार के तौर पर देखा गया है, जो राज्य के लोगों के लिए लाभकारी होंगे।
इसके अलावा, शाह ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें 8.52 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त राशन, 3.53 करोड़ नागरिकों के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना, और 1.25 करोड़ जीविका दीदियों को 10,000 रुपये की सहायता शामिल हैं। ये योजनाएं राज्य के गरीब और पिछड़े वर्गों के लिए बड़े आर्थिक लाभ की प्रतीक हैं।
राजनीतिक परिवारवाद को नकारने का आह्वान
अमित शाह ने अपने भाषण का समापन करते हुए बिहारवासियों से अपील की कि वे परिवारवादी राजनीति को नकारें और नरेंद्र मोदी तथा नीतीश कुमार के हाथों को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि एनडीए का काम “विकास” और “विरासत” दोनों का प्रतीक है, जो बिहार के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अमित शाह का यह भाषण बिहार की राजनीति के लिए एक मजबूत संदेश था। उन्होंने मैथिली ठाकुर की उम्मीदवारी को न केवल परिवारवाद के खिलाफ एक कदम बताया, बल्कि यह भी कहा कि भाजपा ही एकमात्र पार्टी है जो विकास और राष्ट्र के हित में काम कर रही है। शाह ने एनडीए सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बिहार के भविष्य के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उनके इस भाषण ने यह साबित किया कि भाजपा का उद्देश्य बिहार के लोगों को अवसर, पारदर्शिता और वास्तविक विकास प्रदान करना है, जबकि विपक्षी दलों की राजनीति अब भी परिवारों तक सीमित है।
