सोमवार, फ़रवरी 16, 2026 3:33 अपराह्न IST
होमBihar18 साल बाद जिंदा लौट आया वह बेटा, जिसे परिवार ने मृत...

18 साल बाद जिंदा लौट आया वह बेटा, जिसे परिवार ने मृत मानकर कर दिया था अंतिम संस्कार

Published on

बिहार के छपरा से सामने आई यह खबर किसी चमत्कार से कम नहीं है। वर्ष 2008 में जिस बेटे को परिवार ने मृत मान लिया था और हिंदू रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार तक कर दिया था, वही बेटा 18 साल बाद एक युवा के रूप में अपने माता-पिता और भाई के सामने जीवित खड़ा मिला। यह भावुक पुनर्मिलन छपरा स्थित सेवा कुटीर परिसर में हुआ, जहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

सामाजिक सुरक्षा विभाग के तत्वावधान में संचालित सेवा कुटीर में जब रोशन कुमार अपने परिजनों से मिला, तो वर्षों की पीड़ा एक ही पल में फूट पड़ी। रोशन अपने माता-पिता से लिपटकर फफक-फफक कर रोने लगा। बेटे को जीवित सामने देखकर माता-पिता खुद को संभाल नहीं पाए। वर्षों से दबा हुआ दर्द और अचानक मिली खुशी ने माहौल को बेहद भावुक बना दिया।

वर्ष 2008 में अचानक लापता हो गया था रोशन

रोशन कुमार मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड अंतर्गत लक्ष्मण नगर निवासी विश्वनाथ साह और रामपरी देवी का पुत्र है। परिजनों के अनुसार, मैट्रिक परीक्षा के बाद रोशन गलत संगत में पड़ गया था। इसी दौरान वह कुछ दोस्तों के साथ दिल्ली जाने के लिए घर से निकला। सफर के दौरान वह ट्रेन में अपने साथियों से बिछड़ गया।

बौद्धिक रूप से कमजोर होने के कारण रोशन घर लौटने का रास्ता नहीं खोज सका। इधर, परिवार को उसके लापता होने की जानकारी मिली तो मानो जमीन खिसक गई। माता-पिता ने बेटे को ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास किया। रिश्तेदारों से लेकर अधिकारियों तक सभी से संपर्क किया गया, लेकिन कहीं से कोई सुराग नहीं मिला।

उस समय विश्वनाथ साह सरकारी सेवा में कार्यरत थे। उन्होंने अपनी नौकरी और संसाधनों का पूरा उपयोग किया, लेकिन महीनों की तलाश के बाद भी रोशन का कोई पता नहीं चला। धीरे-धीरे उम्मीद टूटती चली गई और अंततः परिवार ने रोशन को मृत मान लिया। भारी मन से हिंदू रीति के अनुसार उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

छपरा में भटकता मिला रोशन, सेवा कुटीर ने दिया सहारा

परिवार को यह नहीं पता था कि रोशन जिंदा है और संघर्ष भरी जिंदगी जी रहा है। वह छपरा में इधर-उधर भटकता हुआ पाया गया। उसकी हालत देखकर सेवा कुटीर से जुड़े संवेदनशील लोगों ने उसे अपने संरक्षण में ले लिया। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए रोशन की देखभाल शुरू की गई।

इसके बाद उसे भोजपुर जिले के कोईलवर स्थित मानसिक चिकित्सालय में इलाज के लिए भेजा गया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार हुआ। इलाज के बाद उसकी नियमित काउंसलिंग कराई गई, जिससे उसकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा।

काउंसलिंग के दौरान रोशन ने अपने गांव, घर और पिता का नाम बताया। यह जानकारी उसके अतीत से जुड़ने की पहली मजबूत कड़ी बनी। यहीं से एक नई उम्मीद ने जन्म लिया।

प्रशासन और सेवा कुटीर की संयुक्त कोशिशें रंग लाईं

रोशन से मिली जानकारी के आधार पर सेवा कुटीर, जिला प्रशासन और सामाजिक सुरक्षा कोषांग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर खोज अभियान शुरू किया। यह प्रक्रिया आसान नहीं थी। कई स्रोतों से जानकारी जुटाई गई और हर पहलू की गंभीरता से जांच की गई।

यह प्रयास धैर्य और संवेदना के साथ आगे बढ़ाया गया। कई बार निराशा हाथ लगी, लेकिन उम्मीद बनी रही। अंततः वर्षों बाद परिजनों का पता चल गया। जब रोशन के परिवार को यह सूचना दी गई कि उनका बेटा जीवित है, तो पहले तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ।

सेवा कुटीर में हुआ ऐतिहासिक पुनर्मिलन

सेवा कुटीर परिसर में हुए इस पुनर्मिलन का दृश्य बेहद भावुक था। जैसे ही रोशन अपने माता-पिता और भाई के सामने आया, भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। वर्षों से जिस बेटे को खो चुके थे, उसे अपनी आंखों के सामने देखकर माता-पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

मां बार-बार बेटे का चेहरा छूकर खुद को यकीन दिलाने की कोशिश कर रही थी। पिता भावुक होकर चुपचाप खड़े रहे। वहां मौजूद हर व्यक्ति इस दृश्य को देखकर भावुक हो उठा। यह पल न केवल परिवार के लिए, बल्कि समाज के लिए भी बेहद प्रेरणादायक था।

माता-पिता ने जताया आभार, कहा सबसे बड़ी खुशी

अपने बेटे को जीवित पाकर माता-पिता ने सेवा कुटीर सारण और जिला प्रशासन के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी है। वर्षों से जो उम्मीद अधूरी थी, वह आज पूरी हो गई।

परिजनों ने बताया कि हर त्योहार, हर खुशी के मौके पर रोशन की कमी खलती थी। अब ऐसा लग रहा है जैसे जीवन फिर से पूरा हो गया हो। यह पल उनके लिए किसी नए जीवन की शुरुआत जैसा है।

सामाजिक सरोकार और संवेदना की मिसाल

इस मौके पर जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक राहुल कुमार, गृह अधीक्षक राकेश रंजन सिंह, क्षेत्र समन्वयक अरुण कुमार, परामर्शदाता रजनीश कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने इस पुनर्मिलन को सामाजिक सरोकार और मानवीय जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बताया।

अधिकारियों ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक सफलता नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि जब व्यवस्था संवेदनशील बनती है, तो वह सिर्फ कागजी काम नहीं करती, बल्कि टूटे हुए रिश्तों को भी जोड़ने का काम करती है।

उम्मीद, भरोसा और इंसानियत की जीत

रोशन कुमार की यह कहानी बताती है कि उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए। यह घटना साबित करती है कि इंसानियत, धैर्य और सामूहिक प्रयास से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। वर्षों की पीड़ा के बाद एक परिवार को फिर से खुशियां मिली हैं।

छपरा की यह घटना न सिर्फ एक परिवार की जिंदगी बदलने वाली है, बल्कि समाज के लिए भी एक मजबूत संदेश है। जब संवेदना और जिम्मेदारी साथ चलती हैं, तो बिछड़े लोग भी अपने अपनों से दोबारा मिल सकते हैं।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

क्या पाकिस्तान टूटने जा रहा है? बलुचिस्तान में खुली बगावत, कहा गिरे सेना के ठिकाने

क्या पाकिस्तान की नींव में ऐसी दरार पड़ चुकी है, जिसे अब जोड़ा नहीं...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

More like this

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

₹10,000 से कम में Samsung के दमदार स्मार्टफोन, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ

अगर आप budget segment में Samsung का स्मार्टफोन खरीदने की planning कर रहे हैं,...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...

आज का राशिफल, सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Horoscope 10 February 2026 Aaj Ka Rashifal ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार...

Bank of Baroda Recruitment 2026 : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने...

Raxaul में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, तीन श्रद्धालु घायल

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के Raxaul में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार...

परीक्षा पे चर्चा 2026 परीक्षा के तनाव पर पीएम मोदी करेंगे छात्रों से संवाद

Pariksha Pe Charcha 2026 एक बार फिर देशभर के छात्रों से जुड़ने जा रहा...

पटना समेत पूरे बिहार में न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना

बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। राज्य...

खराब lifestyle बना फैटी लिवर की बड़ी वजह, जानिए क्या न खाएं

आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले...

जानिए महाशिवरात्रि 2026 की सही तिथि, पूजा का समय और धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को...

IAF Agniveervayu Recruitment 2027 : आज बंद होगी रजिस्ट्रेशन विंडो, 12वीं पास उम्मीदवार करें आवेदन

भारतीय वायुसेना में अग्निवीरवायु के रूप में भर्ती होने का सपना देखने वाले युवाओं...