KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तेजस्वी ने स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के मुद्दे उठाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
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स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार के आरोप
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के निजी सहायक (PA) सरकारी अस्पतालों में बेड बेचने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि पटना के IGIMS अस्पताल में जाकर देखा जा सकता है कि मंत्री जी के सचिव किस तरह से बेड बेचते हैं। तेजस्वी ने यह भी दावा किया कि इस बेड के कमीशन का हिस्सा मंत्री तक भी जाता है।
मुजफ्फरपुर रेप पीड़िता की मौत पर सवाल
तेजस्वी ने मुजफ्फरपुर में नौ साल की दलित बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और उसकी मौत के मामले में सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़िता को समय पर इलाज नहीं मिला और अस्पताल में बेड न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। तेजस्वी ने इस घटना को राज्य की कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की विफलता का प्रतीक बताया।
चिराग पासवान पर ‘पद लोभ’ का आरोप
तेजस्वी यादव ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को ‘पद लोभी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि चिराग एनडीए और सरकार में रहते हुए भी सरकार को पत्र लिख रहे हैं, जो दिखाता है कि वे पद के मोह में हैं। तेजस्वी ने चिराग पर यह भी आरोप लगाया कि वे अपने पिता के अपमान को भूल गए हैं और सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
कानून व्यवस्था पर चिंता
तेजस्वी यादव ने राज्य में बढ़ते अपराधों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिहार में हर जिले में रेप की घटनाएं हो रही हैं और सरकार इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि पुलिस वसूली में लगी हुई है और सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है।
तेजस्वी यादव के इन आरोपों ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था की विफलता और नेताओं के पद लोभ जैसे मुद्दे आगामी चुनावों में प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। सरकार को इन आरोपों का जवाब देना होगा और जनता को यह विश्वास दिलाना होगा कि राज्य में सुशासन कायम है।



