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बिहार चुनाव में महुआ से तेज प्रताप यादव को मिल रहा समर्थन

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महुआ विधानसभा चुनाव में विकासपरक उम्मीदवारों के प्रति समर्थन बढ़ता जा रहा है। खासकर युवा, महिलाएं और स्थानीय व्यवसायी ऐसे उम्मीदवारों को तवज्जो दे रहे हैं जो विकास के मुद्दों पर फोकस करते हैं। तेज प्रताप यादव, जिन्हें राजद और उनके परिवार से निकाल दिया गया है, फिर भी महुआ विधानसभा सीट पर एक मजबूत उम्मीदवार बने हुए हैं। महुआ के गांवों में वोटर अब भी तेज प्रताप के पुराने योगदानों को याद कर उनका समर्थन कर रहे हैं।

तेज प्रताप यादव की मजबूत स्थिति

तेज प्रताप यादव, जो कि लालू प्रसाद यादव के बेटे हैं, महुआ विधानसभा चुनाव में एक प्रमुख उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं, हालांकि उन्हें राजद और उनके परिवार से निष्कासित कर दिया गया था। तेज प्रताप ने अपने कार्यकाल में स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए महुआ में एक मेडिकल कॉलेज की नींव रखी थी, जो अब स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का बड़ा स्रोत बन चुका है। इस मेडिकल कॉलेज से इलाज की सुविधा महुआ में ही उपलब्ध हो गई है, जिससे लोगों को पटना और दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं रही। इसके साथ ही कई लोगों को यहाँ रोजगार भी मिला।

कदीलपुर के निवासी सत्यानारायण राय ने कहा, “तेज प्रताप भले ही निकाले गए हों, लेकिन वह अब भी लालू प्रसाद यादव के बेटे हैं, और हम उनके लिए वोट करेंगे। उन्होंने यहाँ मेडिकल कॉलेज बनवाया, जिससे अब हमें इलाज के लिए पटना या दिल्ली नहीं जाना पड़ता, और कई लोगों को रोजगार भी मिला है। हम चाहते हैं कि तेजस्वी मुख्यमंत्री बनें और तेज प्रताप महुआ से जीतें।”

मतदाता की भावना: विकास के मुद्दे

तेज प्रताप यादव ने 2015 में महुआ से चुनाव लड़ा था और 2020 में इस सीट को खाली कर दिया था। उनके कार्यकाल के दौरान महुआ में मेडिकल कॉलेज की नींव रखी गई, जिसका स्थानीय लोगों पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ा। इस कॉलेज से न केवल रोजगार के अवसर बढ़े, बल्कि स्थानीय व्यवसाय भी मजबूत हुए। मुंबई से महुआ आए चाय विक्रेता गुड्डू चौहान ने कहा, “यह सब तेज प्रताप की वजह से हुआ है, इसलिए मैं उन्हें बिना किसी संकोच के वोट दूंगा।”

कुछ मतदाता अब भी पार्टी की निष्ठा और स्थानीय विकास के बीच चुनावी दुविधा में हैं। सदापुर के उमेश राय ने कहा, “एक तरफ लालू का बेटा है, और दूसरी तरफ लालू का उम्मीदवार है। हम चाहते हैं कि तेजस्वी मुख्यमंत्री बनें, इसलिए हम शायद मुकेश रोशन को वोट देंगे। अगर वह पीछे रहते हैं, तो हम तेज प्रताप को समर्थन देंगे।”

महुआ में विकास, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। असम से पीएचडी कर लौटे युवा अमरदीप ने कहा, “मेडिकल कॉलेज की वजह से यहाँ कई लोग व्यवसाय करने लगे। शिक्षा एक अहम मुद्दा है। हम चाहते हैं कि स्थानीय संस्थान हों ताकि हमें पढ़ाई के लिए दूर न जाना पड़े।”

विकलांग ऑटो चालक प्रमोद ने कहा, “नीतीश कुमार ने बिहार के लिए अच्छा काम किया है, लेकिन तेज प्रताप ने महुआ के लिए सबसे ज्यादा काम किया है। मेडिकल कॉलेज के कारण अब हमें इलाज के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिल रही है।”

महिलाएं भी नीतीश सरकार की पहलों को मान्यता देती हैं

महुआ की महिलाएं भी नीतीश कुमार की सरकार द्वारा किए गए सुधारों की सराहना करती हैं। महिला कार्यकर्ता मीना शर्मा ने कहा, “महिलाओं की सुरक्षा में सुधार हुआ है और अब उन्हें जीवीका से ऋण मिलने के कारण बाहर काम करने का अवसर मिल रहा है।” पूजा नामक एक महिला ने कहा, “दस साल पहले लड़कियां घर से बाहर निकलने से डरती थीं, लेकिन अब मैं रात को भी बाहर जा सकती हूं, यह सरकार की पहल के कारण संभव हुआ है।” हालांकि महिलाएं स्थानीय विकास को ध्यान में रखते हुए तेज प्रताप के योगदान को भी स्वीकार करती हैं और उसी आधार पर वोट देने का निर्णय ले रही हैं।

तेज प्रताप का विकास कार्य और लालू का प्रभाव

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि तेज प्रताप यादव महुआ में लालू प्रसाद यादव के नाम से काफी फायदा उठा सकते हैं। पत्रकार विक्की कुमार ने कहा, “तेज प्रताप ने 2015 में यहां जीत हासिल की थी और मेडिकल कॉलेज की नींव रखी थी। वह इस चुनाव में उस काम का लाभ उठा रहे हैं, और लालू के समर्थक उन्हें पार्टी से निष्कासित होने के बावजूद एक सही उम्मीदवार मानते हैं।”

राजनीतिक विश्लेषक प्रियदर्शी रंजन ने कहा, “महुआ में असली मुकाबला राजद के मुकेश रोशन और तेज प्रताप यादव के बीच है। तेज प्रताप का श्रमशील नेता के रूप में इमेज उन्हें स्थानीय विकास की उपलब्धियों का लाभ उठाने में मदद करती है।”

वरिष्ठ पत्रकार प्रभीन बागी ने कहा, “भले ही वह पार्टी से निष्कासित हो गए हैं, लेकिन तेज प्रताप का विकास कार्य अभी भी मतदाताओं के बीच चर्चा का विषय है। अगर लालू या राबड़ी उनका समर्थन करते हैं, तो उनकी जीत सुनिश्चित हो सकती है।”

अन्य उम्मीदवार और चुनावी परिस्थितियाँ

एलजेपी (आर) के संजय कुमार सिंह, जो 2020 में तीसरे स्थान पर रहे थे, बाहरी बनाम स्थानीय उम्मीदवार के मुद्दे पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “विकास तब नहीं होता जब बाहर से लोग चुनाव जीतते हैं।” स्वतंत्र उम्मीदवार आसमा परवीन, जो पहले जेडीयू से थीं, पार्टी टिकट न मिलने के बाद स्वतंत्र रूप से चुनावी मैदान में हैं। आसमा ने कहा, “मैंने महुआ की सेवा करने के लिए राजनीति में कदम रखा था। मुझे टिकट नहीं मिला, इसलिए मैं स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में जनता का समर्थन लेकर चुनाव लड़ रही हूं।”

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यादव, मुस्लिम और ईबीसी वोटों के बंटने के कारण यह चुनाव बेहद करीबी हो सकता है। तेज प्रताप को मजबूत नाम पहचान और स्थानीय विकास का श्रेय मिलता है, लेकिन पारंपरिक राजद समर्थकों में विभाजन परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

महुआ विधानसभा चुनाव में विकास परक उम्मीदवारों के प्रति समर्थन की लहर देखी जा रही है। तेज प्रताप यादव, जिन्होंने स्थानीय विकास के लिए कई कदम उठाए, खासकर मेडिकल कॉलेज की स्थापना, उनका नाम अब भी स्थानीय लोगों के बीच प्रचलित है। विकास के मुद्दे पर ज्यादा ध्यान देने वाले वोटरों के लिए तेज प्रताप एक मजबूत विकल्प बने हुए हैं। चुनावी लड़ाई मुकेश रोशन, आसमा परवीन और संजय कुमार सिंह के साथ तेज प्रताप के बीच होगी। यह चुनाव स्थानीय मुद्दों और विकास कार्यों के आधार पर लड़ा जाएगा, जो महुआ की राजनीति को एक नया मोड़ दे सकता है।

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