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सीतामढ़ी में भीषण सड़क हादसा: शादी समारोह से लौट रहे एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, चार गंभीर रूप से घायल

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KKN गुरुग्राम डेस्क |  यह हादसा उस वक्त हुआ जब एक स्कॉर्पियो वाहन सीतामढ़ी से मुजफ्फरपुर की ओर जा रही थी। उसी समय मुजफ्फरपुर से आ रहा एक बेकाबू ट्रक गलत दिशा में आकर स्कॉर्पियो से आमने-सामने टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

मृतक कौन थे?

पुलिस द्वारा जारी प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, मृतक सभी सीतामढ़ी के बोंखरा प्रखंड के हरीनगर गांव के निवासी थे और पटना से शादी समारोह से लौट रहे थे।

मृतकों की पहचान इस प्रकार की गई है:

  • राजू कुमार (22 वर्ष), पिता – उमेश मंडल

  • पार्वती देवी (48 वर्ष), पति – उमेश मंडल

  • सरोज कुमार (उम्र की पुष्टि नहीं)

इन सभी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल भेज दिया गया है।

घायलों की स्थिति गंभीर

हादसे में चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें सभी उसी परिवार से संबंधित हैं। घायलों को त्वरित प्राथमिक उपचार के बाद मुजफ्फरपुर स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार:

“दो मरीजों की हालत अत्यंत नाजुक है और उन्हें ICU में शिफ्ट किया गया है। अन्य दो घायल स्थिर स्थिति में हैं लेकिन निगरानी में हैं।”

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

हादसे की सूचना मिलते ही रामपुर हरि थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में जुट गई। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और ट्रक ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।

थाना प्रभारी का बयान:

“प्रथम दृष्टया यह मामला तेज गति और लापरवाही से गाड़ी चलाने का है। ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया है जिसकी तलाश की जा रही है।”

स्थानीय लोगों में आक्रोश

इस हादसे की खबर फैलते ही हरिनगर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। एक ही परिवार के तीन लोगों की असामयिक मौत से गांव का माहौल गमगीन है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता और दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

NH 77 पर क्यों बढ़ रहे हैं हादसे?

राष्ट्रीय राजमार्ग 77 (NH 77) पर पिछले कुछ वर्षों में घातक सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मार्ग पर निम्नलिखित समस्याएं हादसों का कारण बन रही हैं:

  • सड़क पर मिडियन नहीं हैं, जिससे आमने-सामने की टक्कर की संभावना बढ़ जाती है

  • सड़क पर प्रकाश व्यवस्था का अभाव

  • भारी वाहनों की तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी

  • CCTV निगरानी की कमी

पिछले हादसे जो NH 77 को बना रहे हैं खतरनाक मार्ग

  • दिसंबर 2023 में एक बस और ट्रैक्टर की टक्कर में 5 लोगों की मौत

  • अगस्त 2024 में मोटरसाइकिल और ट्रक की टक्कर में 2 छात्रों की मौत

इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि NH 77 पर ट्रैफिक नियंत्रण और संरचनात्मक सुधार की सख्त आवश्यकता है।

प्रशासन से उठ रही हैं ये मांगें

स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगे की हैं:

  • पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि प्रदान की जाए

  • NH 77 पर सड़क सुरक्षा उपाय जैसे स्पीड ब्रेकर, कैमरा, और स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था हो

  • भारी वाहनों के लिए समयबद्ध ट्रैफिक नियंत्रण लागू किया जाए

  • ट्रक ड्राइवर की गिरफ्तारी और लाइसेंस निरस्तीकरण सुनिश्चित हो

सीतामढ़ी में हुआ यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि बिहार में सड़क सुरक्षा की जर्जर स्थिति को उजागर करता है। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वे:

  • सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करें

  • ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराएं

  • ड्राइवरों की ट्रेनिंग और ड्राइविंग टेस्ट को अनिवार्य बनाएं

  • समय पर दुर्घटना स्थलों पर एम्बुलेंस और ट्रॉमा केयर सुविधा सुनिश्चित करें

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