होमBiharरोहिणी आचार्य ने किया परिवार से अलग होने का ऐलान

रोहिणी आचार्य ने किया परिवार से अलग होने का ऐलान

Published on

बिहार चुनाव 2025 के परिणामों के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार में एक बार फिर से बगावत का मामला सामने आया है। इस बार यह विवाद तेज प्रताप यादव से शुरू होकर उनकी बहन रोहिणी आचार्य तक पहुंच गया है। रोहिणी आचार्य ने हाल ही में राजनीति से सन्यास लेने और परिवार से अलग होने का ऐलान किया, जिसके बाद बिहार की राजनीति में एक नई हलचल मच गई। रोहिणी वही हैं जिन्होंने कभी अपने पिता लालू यादव को किडनी दान की थी।

लालू यादव परिवार में पहले भी रही हैं विवादों की लहरें

यह पहली बार नहीं है जब लालू परिवार की अंदरूनी कलह सामने आई हो। हमेशा से राजनीतिक विरासत को लेकर परिवार में मतभेद होते रहे हैं। सबसे बड़ा विवाद 2017 में सामने आया था जब लालू यादव चारा घोटाले में जेल गए और उन्होंने राजद की कमान अपने छोटे बेटे तेजस्वी यादव को सौंप दी। इस समय से दोनों भाई—तेजस्वी और तेज प्रताप के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई थी।

तेज प्रताप यादव और उनका लालू-राबड़ी मोर्चा

तेज प्रताप यादव ने कई बार खुद को लालू का असली वारिस बताया। उनके राजनीतिक करियर ने 2018-2019 में नया मोड़ लिया जब उन्होंने अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक की अर्जी दी। मात्र पांच महीने की शादी के बाद तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि परिवार उनकी बात नहीं सुनता और वह घुट-घुटकर जीने के बजाय अलग होना चाहते हैं। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले तेज प्रताप ने राजद से इस्तीफा देकर अपना अलग “लालू-राबड़ी मोर्चा” बना लिया था।

राबड़ी देवी-ऐश्वर्या राय विवाद

2025 में राबड़ी देवी और ऐश्वर्या राय के बीच विवाद फिर से सुर्खियों में आया। जब ऐश्वर्या राय अचानक राबड़ी आवास से रोते हुए बाहर निकलीं और सास राबड़ी देवी तथा ननद मीसा भारती पर प्रताड़ना और खाने न देने के आरोप लगाए। ऐश्वर्या ने कहा कि उन्हें खाना तक नहीं दिया जाता था और किचन में जाने की इजाजत नहीं थी। यह घटना लालू परिवार के लिए बड़ी फजीहत बन गई और इसके कारण मीडिया में खूब चर्चा हुई।

तेज प्रताप और जगदानंद सिंह का विवाद

साल 2021 में तेज प्रताप यादव का विवाद राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से हुआ। जब सिंह ने तेज प्रताप के करीबी आकाश यादव को निलंबित कर दिया, तो तेज प्रताप ने विरोध किया। इस दौरान तेजस्वी यादव ने जगदानंद सिंह का समर्थन किया, जो परिवार के अंदर और अधिक मतभेदों का कारण बना।

तेज प्रताप का संजय यादव पर आरोप

2022-2023 में तेज प्रताप ने संजय यादव पर साजिश करने का आरोप लगाया और उन्हें “जयचंद” करार दिया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें राजनीति से हाशिये पर धकेला जा रहा है। इसके बाद मई 2025 में, जब तेज प्रताप ने अपने 12 साल पुराने रिश्ते के बारे में दावा किया, तो लालू ने इसे गैर जिम्मेदाराना बताते हुए उन्हें 6 साल के लिए राजद और परिवार से निष्कासित कर दिया।

रोहिणी आचार्य का विद्रोह

बिहार चुनाव के बाद लालू परिवार में फिर से उथल-पुथल मच गई जब लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी विद्रोह कर दिया। तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव के बढ़ते प्रभाव से नाराज रोहिणी ने सोशल मीडिया पर तेजस्वी, तेज प्रताप, मीसा भारती और लालू यादव को अनफॉलो कर दिया। उन्होंने संजय यादव को “जयचंद” करार दिया और आरोप लगाया कि उसे परिवार से बाहर कर दिया गया है।

रोहिणी आचार्य ने चुनाव हारने के बाद सोशल मीडिया पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह राजनीति छोड़ रही हैं क्योंकि संजय यादव और रमीज नेमत ने उन्हें परिवार से बाहर कर दिया और हार की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते।

बिहार की राजनीति में गहरा असर

लालू परिवार के बीच चल रहे इस विवाद का असर बिहार की राजनीति पर भी पड़ सकता है। यह बगावत राजद के भीतर एक और गहरे संकट का संकेत है, जो पार्टी के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। परिवार के भीतर की ये खींचतान राजद की आंतरिक स्थिति को कमजोर कर रही है, और राज्य की राजनीति में इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।

राहुल यादव के परिवार में आई यह दरार अब पार्टी की एकता के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। खासकर जब चुनावों के नतीजे सामने आए और हार के बाद कई विवाद उठ खड़े हुए हैं, यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या राजद इस अंदरूनी विवाद को संभाल पाएगा या इसका असर आगामी चुनावों पर पड़ेगा।

लालू यादव के परिवार में चल रही इस कलह का अंत कब होगा, यह तो समय ही बताएगा। हालांकि, यह स्पष्ट है कि तेज प्रताप से शुरू होकर अब रोहिणी आचार्य तक पहुंची यह राजनीतिक लड़ाई राजद के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या परिवार की यह टूट राजद को और कमजोर कर देगी या पार्टी इस अंदरूनी कलह से उबरकर फिर से मजबूत हो पाएगी। बिहार की राजनीति में इस घमासान का असर आगामी चुनावों में भी दिख सकता है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मीनापुर की असली कहानी क्या है? आजादी, राजनीति, बागमती और बदलते गांव का पूरा सच

मीनापुर को अगर सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले का एक प्रखंड या बिहार की एक विधानसभा...

मीनापुर में परिणाम बदलने वाले मुद्दे: जाति से बाढ़ तक, सड़क से रोज़गार तक आखिर किस सवाल ने बदली बाजी?

मीनापुर में विकास की परिकथा सिर्फ कुछ आंकड़ों से नहीं बनता। उसके पीछे एक...

मीनापुर की राजनीति: 1951 से 2025 तक सत्ता बदलती रही, लेकिन क्या बदला राजनीति का मिजाज?

मीनापुर की राजनीति को अगर सिर्फ पिछले 10 या 15 वर्षों के चुनाव से...

ब्रह्मपुत्र पर चीन की चाल? महाडैम के नीचे क्या छिपा है

ब्रह्मपुत्र नदी के रास्ते में क्या कोई ऐसा खतरा तैयार हो रहा है, जिसका...

More like this

मीनापुर की असली कहानी क्या है? आजादी, राजनीति, बागमती और बदलते गांव का पूरा सच

मीनापुर को अगर सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले का एक प्रखंड या बिहार की एक विधानसभा...

मीनापुर में परिणाम बदलने वाले मुद्दे: जाति से बाढ़ तक, सड़क से रोज़गार तक आखिर किस सवाल ने बदली बाजी?

मीनापुर में विकास की परिकथा सिर्फ कुछ आंकड़ों से नहीं बनता। उसके पीछे एक...

मीनापुर की राजनीति: 1951 से 2025 तक सत्ता बदलती रही, लेकिन क्या बदला राजनीति का मिजाज?

मीनापुर की राजनीति को अगर सिर्फ पिछले 10 या 15 वर्षों के चुनाव से...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

चुनाव आयोग पर क्यों मचा है हंगामा? 14 आपत्तियों से उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार की भूमिका और सत्ता पक्ष की असहजता की पूरी पड़ताल

भारत में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। चुनाव वह बुनियादी व्यवस्था...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

मीनापुर में जदयू का ‘संवाद’ या संगठन के भीतर उठती बेचैनी?

मनीष वर्मा के सामने खुली कार्यकर्ताओं की परत-दर-परत पीड़ा KKN ब्यूरो। मीनापुर में रविवार का...

ट्रंप के दौर में क्या अमेरिका की वैश्विक साख घटी? आंकड़े क्या कहते हैं

KKN ब्यूरो। एक समय था जब दुनिया के किसी संकट पर एक सवाल लगभग...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...