होमBiharराजगीर आर्डनेन्स फैक्ट्री को बम धमकी मिली ; ईमेल में पाकिस्तान के...

राजगीर आर्डनेन्स फैक्ट्री को बम धमकी मिली ; ईमेल में पाकिस्तान के ISI का नाम

Published on

राजगीर आर्डनेन्स फैक्ट्री को मिली बम धमकी ने एक बड़ी सुरक्षा ऑपरेशन को जन्म दिया है। इस धमकी के बाद केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर एक व्यापक जांच शुरू की है। ईमेल में दावा किया गया था कि फैक्ट्री और कार्यालय परिसर में सात बम लगाए गए हैं, और इससे संभावित विस्फोट का खतरा है। इस धमकी ने सुरक्षा अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने पर मजबूर किया।

बम धमकी का विवरण

7 दिसंबर 2025 को, राजगीर आर्डनेन्स फैक्ट्री को एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया था कि फैक्ट्री और कार्यालय परिसर में सात बम लगाए गए हैं। धमकी में यह भी चेतावनी दी गई थी कि ये बम विस्फोट कर सकते हैं। इस संदेश का पता तमिलनाडु से भेजे गए ईमेल से चला, जिसके बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं। पुलिस और सुरक्षा टीमों ने तुरंत फैक्ट्री परिसर की तलाशी शुरू कर दी।

ईमेल में पाकिस्तान के ISI, तमिलनाडु के DMK पार्टी, और चेन्नई में एक धार्मिक स्थल से जुड़े विवाद का उल्लेख किया गया। इसके अलावा, ईमेल में कई प्रतिबंधित संगठनों का नाम लिया गया और यह सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देने वाला प्रतीत होता था।

सुरक्षा प्रतिक्रिया और जांच

राजगीर के उपनिरीक्षक (DSP) सुनील कुमार सिंह ने पुष्टि की कि यह धमकी “एक गंभीर खतरा” है। प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिला है कि यह संदेश भय फैलाने और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के लिए एक साजिश का हिस्सा हो सकता है। “हमने इस मामले को साइबर सेल, खुफिया विभाग और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के साथ साझा किया है। जांच जारी है,” DSP सिंह ने कहा।

रक्षा मंत्रालय, जिला प्रशासन और कई सुरक्षा एजेंसियां अब मिलकर इस जांच की निगरानी कर रही हैं। साइबर सेल ने ईमेल का तकनीकी विश्लेषण शुरू कर दिया है ताकि इसके असली स्रोत और इसमें शामिल व्यक्तियों का पता चल सके।

पुलिस अधिकारी सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि यह धमकी भारत के एक महत्वपूर्ण रक्षा निर्माण केंद्र की सुरक्षा को कमजोर करने के लिए दी गई थी या नहीं।

राजगीर आर्डनेन्स फैक्ट्री का महत्व

राजगीर आर्डनेन्स फैक्ट्री, जो म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड के तहत काम करती है, देश के सबसे महत्वपूर्ण गोला-बारूद उत्पादन केंद्रों में से एक है। 2001 में स्थापित इस फैक्ट्री में धनुष और बोफोर्स आर्टिलरी गन में इस्तेमाल होने वाला बाय-मोड्यूलर चार्ज सिस्टम (BMCS) बनाया जाता है, जो इसे भारत में अपनी तरह का एकमात्र केंद्र बनाता है। इसके उत्पादों का निर्यात यूरोप और अमेरिका तक किया जाता है।

चूंकि यह फैक्ट्री राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए बम धमकी ने कई तरह के खतरे उत्पन्न किए हैं। फैक्ट्री के परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और तलाश अभियान जारी है।

जांच और आगामी कार्रवाई

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही साइबर और फोरेंसिक विश्लेषण पूरा होगा, आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह जांच और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि यदि यह धमकी पाकिस्तान के ISI से जुड़ी हुई होती है, तो यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकती है। जांच जारी रहने तक सुरक्षा एजेंसियां सावधानी बरत रही हैं और राजगीर आर्डनेन्स फैक्ट्री में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

प्रारंभिक जांच के बाद अधिकारियों ने सभी संभावित कोणों को ध्यान में रखते हुए फैक्ट्री और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया है।

राजगीर आर्डनेन्स फैक्ट्री को मिली बम धमकी ने देश के महत्वपूर्ण रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। हालांकि जांच अभी जारी है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि ऐसी घटनाओं के लिए कितना सतर्क रहना आवश्यक है। इस धमकी के पीछे के मकसद और जो लोग इसे अंजाम देने के लिए जिम्मेदार हैं, उनकी पहचान के लिए जांच जारी रहेगी।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

चुनाव आयोग पर क्यों मचा है हंगामा? 14 आपत्तियों से उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार की भूमिका और सत्ता पक्ष की असहजता की पूरी पड़ताल

भारत में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। चुनाव वह बुनियादी व्यवस्था...

More like this

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

बिहार की जेन-जी के सामने सबसे बड़ा सवाल: नौकरी मिलेगी या भविष्य बदलेगा?

सम्राट चौधरी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल, शिक्षा, इंटर्नशिप और परीक्षा सुधार...

मीनापुर में बनेगा शहीद स्मृति पार्क, रामपुरहरि में प्रस्तावित है भव्य तोरण द्वार

अमर शहीद जुब्बा सहनी, वांगुर सहनी और पंडित सहदेव झा समेत स्वतंत्रता सेनानियों की...

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...