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बिहार में बारिश खत्म! 3-4 नवंबर से मौसम होगा साफ

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बिहार में असमय हुई बारिश का दौर जल्द ही थमने वाला है। राज्य में अक्टूबर के अंत से चक्रवात मोनथा के कारण भारी बारिश हो रही थी। यह 2025 में हुई सबसे खराब गैर-मानसूनी वर्षा में से एक थी। हालांकि, अब बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसकी जानकारी दी है। प्रमुख मौसम एजेंसियों ने भी यही अनुमान लगाया है। विनाशकारी बारिश 3-4 नवंबर 2025 तक पूरी तरह खत्म हो जाएगी। मौसम में महत्वपूर्ण सुधार 2 नवंबर से ही शुरू हो जाएगा।

 चक्रवात मोनथा कमजोर: मौसम प्रणाली की वर्तमान स्थिति

चक्रवात मोनथा का अवशेष अब एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। यह उत्तर-पूर्व दिशा में हिमालय की तलहटी की ओर बढ़ रहा है। इस सिस्टम ने बिहार के कृषि क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया। इससे कई जगह जलजमाव भी हुआ।

हालांकि, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में पहुँचते ही इसकी शक्ति कम हो जाएगी। IMD ने 1 नवंबर 2025 को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। इसमें पुष्टि की गई कि चक्रवाती परिसंचरण कमजोर हो रहा है। अगले 24 से 48 घंटों में यह काफी हद तक समाप्त हो जाएगा।

 बारिश रुकने का समय और मौसम का पूर्वानुमान

वर्तमान में, पूर्वोत्तर बिहार के जिलों में भारी वर्षा हो रही है। इनमें किशनगंज, कटिहार, अररिया, पूर्णिया, सुपौल और मधेपुरा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 1 नवंबर और 2 नवंबर की शुरुआत तक हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है। 2 नवंबर की दोपहर से ही मौसम में सुधार दिखने लगेगा।

सोमवार, 3 नवंबर 2025 तक बिहार के अधिकांश हिस्सों में आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा। यह गैर-मानसूनी बारिश का आधिकारिक अंत होगा। राज्य में मुख्य रूप से धूप और शुष्क मौसम रहेगा। यह नवंबर के लिए सामान्य मौसम है। 4 नवंबर से बिहार में सामान्य मानसून के बाद का मौसम रहेगा। आसमान साफ होगा और तापमान सामान्य रहेगा। मध्य नवंबर तक कोई खास बारिश नहीं होगी।

 मौसम प्रणाली के कमजोर होने का कारण

उत्तर-पश्चिम झारखंड और बिहार से उठा कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ा है। 1 नवंबर 2025 को सुबह 8:30 बजे यह प्रणाली गंगा तटीय पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों पर थी। अगले 12 घंटों के दौरान इसके और कमजोर होने का अनुमान है।

समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला चक्रवाती परिसंचरण टूट रहा है। पहाड़ी इलाकों के अवरोधक प्रभाव से यह हो रहा है। जब यह प्रणाली सिक्किम की तलहटी को पार करेगी, तो घर्षण कम होगा। पर्वतीय प्रभावों से परिसंचरण बिखर जाएगा और कमजोर हो जाएगा। इसके बाद यह बिहार में भारी बारिश नहीं कर पाएगा।

 नवंबर का मौसम: क्या होगी उम्मीद?

चक्रवात मोनथा का असर खत्म होने के बाद मौसम सामान्य होगा। नवंबर महीने में बिहार में नाममात्र की बारिश होती है। ऐतिहासिक आँकड़ों के अनुसार, 30 दिनों में 2 से भी कम दिन बारिश होती है। पूरे नवंबर में औसत वर्षा 10 मिलीमीटर से कम रहती है। उम्मीद है कि नवंबर 2025 में भी यही पैटर्न रहेगा।

दिन का तापमान 29-31°C (84-88°F) के आसपास स्थिर होगा। रात का तापमान धीरे-धीरे कम होकर 18-21°C (64-70°F) के आसपास आ जाएगा। हवा की गति भी 9 किलोमीटर प्रति घंटा के औसत से सामान्य रहेगी। शुष्क मौसम स्थापित होने से आर्द्रता का स्तर काफी कम हो जाएगा।

किसानों के लिए राहत और रबी की फसल

चक्रवात मोनथा से फसलों का बड़ा नुकसान हुआ है। 3-4 नवंबर तक बारिश खत्म होने से किसानों को राहत मिलेगी। उन्हें नुकसान का आकलन करने का समय मिलेगा। किसान बची हुई फसलों की कटाई कर सकते हैं। वे रबी (सर्दियों) की फसल के लिए खेतों को तैयार कर सकेंगे। शुष्क मौसम से खेतों का जल निकास आसान हो जाएगा। इससे कृषि गतिविधियाँ सामान्य रूप से फिर से शुरू हो पाएंगी।

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