कांग्रेस महासचिव और लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी ने अपने एक दिवसीय बिहार दौरे के दौरान पटना स्थित कांग्रेस कार्यालय (सदाकत आश्रम) में आयोजित ‘महिला संवाद’ कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में प्रियंका ने भाजपा और नीतीश कुमार सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले महिलाओं को कुछ पैसे देना सम्मान नहीं है, बल्कि यह वोट खरीदने की कोशिश है।
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बीजेपी और नीतीश सरकार पर प्रियंका गांधी का हमला
प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को सम्मान तभी मिलेगा जब उन्हें सही तरीके से काम के बदले मानदेय दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिला सम्मान का मतलब यह नहीं है कि चुनावों से पहले 10,000 रुपये दे दिए जाएं, जैसा कि वर्तमान सरकार करती है। प्रियंका ने यह स्पष्ट किया कि यह महिलाओं का सम्मान नहीं है, बल्कि यह केवल वोटों की खरीदारी की कोशिश है।
प्रियंका ने जोर देकर कहा कि महिलाओं का असली सम्मान तब होगा जब उन्हें हर महीने सही मानदेय मिलेगा, जब सरकार उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सहायता प्रदान करेगी और जब उनकी बेटियां सुरक्षित होकर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। उन्होंने भाजपा और नीतीश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह सरकार महिलाओं को कभी भी वास्तविक सम्मान नहीं दे सकती। जब महिलाएं अपने हक के लिए आवाज उठाती हैं, तो उन्हें पीटा जाता है और जेल में डाला जाता है।
महिलाओं के संघर्ष को शक्ति में बदलने की अपील
प्रियंका गांधी ने कहा कि महिलाओं का संघर्ष उनकी असली ताकत है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से कहा कि उन्हें अपने संघर्ष की पहचान करनी चाहिए और उसकी असली कीमत समझनी चाहिए। प्रियंका ने महिलाओं से अपील की कि वे इसे शक्ति में बदलें और इस संघर्ष के माध्यम से बदलाव लाएं। उन्होंने कहा कि पिछले 20 सालों से बिहार की महिलाओं के जीवन में कोई बदलाव नहीं आया है। महिलाएं बच्चों को पढ़ा नहीं पा रही हैं और उनके पास रोजगार के अवसर भी बहुत कम हैं।
प्रियंका ने आगे कहा कि बिहार में रोजगार के अवसर की कमी है। इसके परिणामस्वरूप, महिलाएं अकेले घर की जिम्मेदारियों को संभालने को मजबूर हैं। उनके पति काम की तलाश में बाहर जाते हैं, और महिलाएं घर में अकेली रह जाती हैं। प्रियंका ने यह भी कहा कि चुनावी परिस्थितियों को समझते हुए, महिलाओं को यह पहचानना होगा कि किस पार्टी ने उनके लिए वास्तविक प्रयास किए हैं।
प्रियंका गांधी की ओर से महिला कल्याण के लिए गारंटी
प्रियंका गांधी ने यह भी वादा किया कि यदि महागठबंधन की सरकार बिहार में बनती है, तो महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये का वित्तीय सहायता मिलेगा। इसके अलावा, 25 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज भी महिलाओं को प्रदान किया जाएगा। प्रियंका ने यह भी सुनिश्चित किया कि भूमिहीन परिवारों को 3 से 5 डिसमिल जमीन दी जाएगी, जिसका मालिकाना हक महिला के पास होगा। यह महागठबंधन की गारंटी है कि महिला को अपनी भूमि का अधिकार मिलेगा और वह आर्थिक रूप से सशक्त होगी।
प्रियंका गांधी ने कहा कि महागठबंधन की सरकार महिलाओं को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके द्वारा की गई गारंटी के तहत, महिलाओं को रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत कदम उठाए जाएंगे। प्रियंका ने कहा कि इन सभी योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकें।
प्रियंका गांधी का महिलाओं के लिए संदेश
प्रियंका गांधी ने इस कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से कहा कि वे अपनी ताकत को पहचानें और संघर्ष को शक्ति में बदलें। उन्होंने महिलाओं को याद दिलाया कि उनका संघर्ष अकेले उनका नहीं है, बल्कि यह सबका साझा संघर्ष है। प्रियंका ने कहा कि महिलाएं अगर एकजुट होकर काम करेंगी तो उनके अधिकारों की रक्षा हो सकेगी और समाज में वास्तविक बदलाव आ सकेगा।
प्रियंका ने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे अपने अधिकारों के लिए सख्ती से खड़ी हों और कभी भी किसी भी पार्टी या सरकार से छोटे-मोटे लुभावने वादों पर न टिकें। असल सम्मान तब मिलेगा जब सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाएगी और समाज में उनके योगदान को समझेगी।
चुनावी राजनीति और महिला सशक्तिकरण
प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि बिहार में पिछले दो दशकों में महिला सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। रोजगार के अवसरों की भारी कमी के कारण महिलाओं के पास आत्मनिर्भर बनने के विकल्प कम हैं। प्रियंका ने कहा कि इस समय महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे अपने परिवारों को आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनाने के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन उन्हें सरकार से कोई विशेष सहायता नहीं मिल रही है।
प्रियंका ने यह स्पष्ट किया कि महागठबंधन की सरकार इस स्थिति को बदलने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उनका उद्देश्य महिलाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा करना, उनके स्वास्थ्य की चिंता करना, और उन्हें सुरक्षा प्रदान करना है। इसके लिए महागठबंधन की योजनाएं पूरी तरह से महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
प्रियंका गांधी के वादे
प्रियंका गांधी ने इस दौरान कई प्रमुख वादे किए। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने पर महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये दिए जाएंगे, जो उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। इसके साथ ही, महिलाओं के लिए मुफ्त इलाज की योजना भी लागू की जाएगी, जिसमें 25 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। इसके अलावा, भूमिहीन परिवारों को 3 से 5 डिसमिल तक की जमीन दी जाएगी, जिसका मालिकाना हक महिला को मिलेगा। प्रियंका ने इन सभी योजनाओं को महागठबंधन की गारंटी बताया और कहा कि यह कदम महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने के लिए उठाए जाएंगे।
प्रियंका गांधी का बिहार दौरा और महिला संवाद कार्यक्रम बिहार की महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बयान था। उनके संबोधन ने यह स्पष्ट किया कि कांग्रेस और महागठबंधन की सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रियंका ने महिलाओं को एकजुट होने और अपने अधिकारों की रक्षा करने की अपील की। उनके द्वारा की गई गारंटी महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता, स्वास्थ्य सेवाएं और भूमि अधिकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। यह कार्यक्रम न केवल बिहार के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण था, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
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