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PM Modi ने बिहार में बांटे 6,684 घरों की चाबी, 53,666 लाभार्थियों को दी ₹51,000 करोड़ की पहली किस्त

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KKN गुरुग्राम डेस्क | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार की धरती से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 6,684 गरीब परिवारों को मकान की चाबी सौंपकर गृह प्रवेश कराया। साथ ही, 53,666 लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹51,000 करोड़ की पहली किस्त DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी गई। यह योजना शहरी गरीबों के घर सपनों को घर देने का बड़ा प्रयास है।

 पीएम आवास योजना (शहरी) का बिहार में विस्तार

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का उद्देश्य शहरी क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए मजबूत और स्वच्छ आवास उपलब्ध करवाना है। आज के कार्यक्रम में:

  • 6,684 परिवारों को मकान की चाबी प्रदान की गई और उनके पुनर्वास का उद्घाटन हुआ।

  • 53,666 शहरी लाभार्थियों को पहली किस्त ₹51,000 करोड़ की राशि उनके बैंक खातों में दर्‌सल भेजी गई।

करीब 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का यह निवेश बिहार में शहरी गरीबों की स्थिति बदलने और उनके जीवन में स्थायित्व लाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

 बिहार में आवासीय क्रांति: प्रमुख आंकड़े

प्रधानमंत्री मोदी ने योजना की प्रगति में बिहार की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा:

  • पिछले 10 वर्षों में देशभर में 4 करोड़ से अधिक पक्के घर बनाए गए।

  • आगामी 3 करोड़ घर और तैयार किए जाने की योजना है।

  • बिहार में अब तक 57 लाख पक्के आवास बन चुके हैं।

  • सीवान जिले में 1.10 लाख से अधिक मकान वितरित किए जा चुके हैं।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बिहार की पक्के घरों की दिशा में निरंतर प्रगति हो रही है—विकास की राह पर राज्य मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

 महिला स्वामित्व: सम्मान और आत्मनिर्भरता

इस कार्यक्रम का एक खास पहलू यह रहा कि अधिकांश मकानों में स्वामित्व महिलाओं (माता एवं बहन) के नाम था, जिससे:

  • महिलाओं को आर्थिक अधिकार और सुरक्षाभाव मिला।

  • पारिवारिक निर्णयों में उनका हिस्सा बढ़ा और आत्म-सम्मान को नई पहचान मिली।

प्रधानमंत्री ने कहा, “ये केवल चार दीवारों का घर नहीं, ये महिलाओं का घर, उनकी पहचान, उनका भविष्य है।”

 आवास के साथ विकास के अन्य पहलू

पीएम ने बताया कि घर के साथ प्रमुख संरचनाओं का निर्माण भी हो रहा है जैसे कि:

  • बिजली कनेक्शन

  • पेयजल व्यवस्था

  • स्वच्छता सुविधाएं

इन सभी सुविधाओं से यह घर केवल निवास नहीं, बल्कि सुष्योजित जीवन का आधार
बन रहे हैं।

 गरीबी दूर करने का वृहद अभियान

प्रधानमंत्री ने कहा कि:

  • राष्ट्रीय स्तर पर 25 करोड़ भारतीय गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

  • विदेशों की विश्वसनीय संस्थाएँ भी इसकी सराहना कर रही हैं।

  • बिहार सरकार और CM नीतीश कुमार ने मिलकर गरीबी उन्मूलन में अहम भूमिका निभाई है।

उनके अनुसार, निष्पक्ष और पारदर्शी नीतियाँ ही गरीबी उन्मूलन का मजबूत आधार देती हैं।

भविष्य का रोडमैप – 3 करोड़ नए घरों की योजना

प्रधानमंत्री ने कहा कि:

  • आगामी वर्षों में और 3 करोड़ घरों का निर्माण किया जाएगा।

  • बिहार में निरंतर सामर्थ्य और संसाधनों के संतुलन से 57 लाख का आंकड़ा बढ़ा कर 1 करोड़ पार किया जाएगा।

  • पक्के घर + सुविधाओं + महिला स्वामित्व की योजना बिहार को नए आयाम देगी।

सरकारों की सहभागिता और जन-भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकार की सराहना करते हुए कहा कि:

  • Bihar की सरकार ने योजना के संचालन में पारदर्शिता, त्वरित मंजूरी प्रक्रिया और DBT की सिफारिश लागू की है।

  • इसका परिणाम तीन गुना अधिक घरों की त्वरित वितरण और उचित लाभार्थी चयन के रूप में सामने आया है।

आज का दिवस बिहार के लिए ऐतिहासिक रहा—जहाँ 6,684 घरों की चाबियाँ बांटी गईं, 53,666 लाभार्थियों को ₹51,000 करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई। यह प्रयास शहरी गरीबों के जीवन में स्थिरता, महिलाओं को आर्थिक अधिकार, और पूरे सोशियो-इकोनॉमिक संरचना को करने की ओर एक पूर्ण कदम है।

जैसे-जैसे 57 लाख से अधिक घर बन चुके हैं, बिहार का शहरी विकास एक नई गति पकड़ रहा है। आगामी 3 करोड़ घरों की योजना के साथ आने वाले वक्त में निजी और सामाजिक दोनों स्तरों पर यह निवेश ठोस परिवर्तन लाएगा।

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