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नए साल से नालंदा में शुरू होगी पिंक बस सेवा, महिला ड्राइवर संभालेंगी जिम्मेदारी

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बिहार में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक और कदम उठाया जा रहा है। नए साल यानी 1 जनवरी 2026 से राज्य के एक और जिले में पिंक बस सेवा की शुरुआत होने जा रही है। नालंदा जिले में दो नई पिंक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इन बसों में केवल महिला यात्री ही सफर कर सकेंगी और इन्हें महिला ड्राइवर ही चलाएंगी।

पहले से पांच जिलों में चल रही है सेवा

पिंक बस सेवा इससे पहले पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया में शुरू की जा चुकी है। इन जिलों में महिलाओं की ओर से इस सेवा को अच्छा Response मिला है। इसी को देखते हुए सरकार ने अब इसे अन्य जिलों में भी विस्तार देने का निर्णय लिया है। नालंदा इस कड़ी में छठा जिला होगा, जहां पिंक बस सेवा शुरू की जा रही है।

परिवहन मंत्री करेंगे शुभारंभ

नालंदा जिले में पिंक बस सेवा का शुभारंभ परिवहन मंत्री Shravan Kumar करेंगे। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 1 जनवरी से दोनों बसें नियमित रूप से सड़कों पर उतरेंगी और महिला यात्रियों को सेवा देंगी।

महिलाओं की सुरक्षा पर खास जोर

परिवहन विभाग का कहना है कि पिंक बस सेवा खास तौर पर महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर शुरू की गई है। घरेलू महिलाएं, कामकाजी महिलाएं और छात्राएं इस सेवा का मुख्य लाभार्थी होंगी। महिला यात्रियों को सुरक्षित और सहज यात्रा का अनुभव देना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।

चरणबद्ध तरीके से हो रहा है विस्तार

पिंक बस सेवा का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले चरण में राज्यभर में 20 से अधिक बसों का संचालन किया जा रहा है। दूसरे चरण में 110 से अधिक नई पिंक बसों को विभिन्न जिलों में उतारने की योजना है। परिवहन विभाग का कहना है कि मांग और जरूरत के अनुसार जिलों का चयन किया जा रहा है।

महिला ड्राइवरों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू

पिंक बसों के संचालन के लिए महिला ड्राइवरों की नियुक्ति प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। जिन जिलों में पिंक बस सेवा पहले से चल रही है, वहां जिला परिवहन कार्यालय में आवेदन लिए जा रहे हैं। नालंदा में भी इस दिशा में तैयारी की जा रही है।

चयनित महिला ड्राइवरों को विशेष Training दी जाएगी। इसमें बस संचालन, सुरक्षा मानकों और यात्रियों से व्यवहार से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। विभाग का मानना है कि इससे संचालन के दौरान किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी।

मार्च 2026 तक सभी बसों में महिला स्टाफ

परिवहन मंत्री श्रवण कुमार पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि मार्च 2026 तक राज्य की सभी पिंक बसों में महिला ड्राइवर और कंडक्टर की तैनाती कर दी जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। महिलाओं को प्रशिक्षण देने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

सरकार ने हाल के दिनों में जीविका दीदियों से भी आवेदन मांगे थे। कई महिलाओं ने पिंक बस सेवा से जुड़ने में रुचि दिखाई है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

शुरुआत में आई थीं चुनौतियां

दरअसल, नीतीश सरकार ने इसी वर्ष बिहार में पिंक बस सेवा की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में महिला ड्राइवरों की कमी के कारण कुछ बसों में पुरुष ड्राइवरों की तैनाती करनी पड़ी थी। हालांकि, अब महिला ड्राइवरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि योजना को पूरी तरह अपने उद्देश्य के अनुसार लागू किया जा सके।

नालंदा में महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ

नालंदा जिले में बड़ी संख्या में महिलाएं पढ़ाई और नौकरी के लिए रोजाना यात्रा करती हैं। पिंक बस सेवा शुरू होने से उन्हें सुरक्षित Public Transport का विकल्प मिलेगा। खासकर सुबह और शाम के समय यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए यह सेवा राहत लेकर आएगी।

महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कदम

पिंक बस सेवा को महिला सशक्तिकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। यह योजना न केवल महिलाओं को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराती है, बल्कि उन्हें रोजगार के अवसर भी देती है। महिला ड्राइवर और कंडक्टर की तैनाती से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।

नालंदा में पिंक बस सेवा की शुरुआत बिहार सरकार की महिला केंद्रित नीतियों को और मजबूत करती है। नए साल के पहले दिन से शुरू होने वाली यह सेवा महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प बनेगी। आने वाले समय में जब यह सेवा अन्य जिलों तक पहुंचेगी, तब इसका प्रभाव और व्यापक रूप से देखने को मिलेगा।

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