होमBiharपटना में महिला यात्रियों के लिए शुरू हुई पिंक बस सेवा, 5...

पटना में महिला यात्रियों के लिए शुरू हुई पिंक बस सेवा, 5 रूट पर चलेगी, किराया मात्र 6 रुपये से शुरू

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार सरकार ने राजधानी पटना में महिलाओं के लिए ‘पिंक बस सेवा’ की शुरुआत कर दी है। यह सेवा केवल महिला यात्रियों के लिए है, जिसमें महिला कंडक्टर की तैनाती की गई है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरा, पैनिक बटन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी शामिल की गई हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को इस सेवा की शुरुआत करते हुए 20 पिंक बसों को हरी झंडी दिखाई। यह बसें पटना के 5 प्रमुख रूटों पर चलेंगी और आने वाले समय में इसका विस्तार अन्य जिलों में भी किया जाएगा।

बस का किराया: सस्ती और सुलभ यात्रा का वादा

महिलाओं की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए पिंक बस सेवा का किराया बेहद किफायती रखा गया है:

  • न्यूनतम किराया: ₹6

  • अधिकतम किराया: ₹25

उदाहरण के लिए, गांधी मैदान से दानापुर रेलवे स्टेशन तक का सफर ₹25 में तय किया जा सकता है। बसों का रूट इस तरह से तय किया गया है कि इसमें कॉलेज, स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बाजार क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

पटना में इन 5 रूटों पर चलेंगी पिंक बसें

1. गांधी मैदान से बाबा चौक

  • गांधी मैदान, जीपीओ, आर ब्लॉक, इनकम टैक्स गोलंबर, पटना वीमेंस कॉलेज, सचिवालय, राजवंशी नगर मोड़, पटेल नगर, बाबा चौक

2. गांधी मैदान से कुर्जी (बोरिंग रोड होकर)

  • गांधी मैदान, जीपीओ, आर ब्लॉक, इनकम टैक्स, बिहार म्यूजियम, बोरिंग रोड, एएन कॉलेज, पाटलिपुत्रा, पीएंडएम मॉल, कुर्जी

3. एनआईटी पटना से कंकड़बाग ऑटो स्टैंड

  • एनआईटी पटना, गांधी मैदान, पटना स्टेशन, कंकड़बाग कॉलोनी मोड़, कंकड़बाग ऑटो स्टैंड

4. कारगिल चौक से दानापुर

  • कारगिल चौक, बिस्कोमान भवन, दूरदर्शन केंद्र, बाटा मोड़, डाकबंगला, तारामंडल, हड़ताली मोड़, सचिवालय, ललित भवन, चिड़ियाघर, आईजीआईएमएस, आशियाना मोड़, गोला रोड, आरपीएस मोड़, सगुना मोड़, दानापुर

5. कारगिल चौक से पटना एम्स

  • कारगिल चौक, डाकबंगला, तारामंडल, सर्कुलर रोड, अनीसाबाद, महावीर कैंसर संस्थान, फुलवारीशरीफ ब्लॉक,  पटना एम्स

बसों में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं

पिंक बसों को महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इनमें उपलब्ध प्रमुख सुविधाएं:

  • 22 आरामदायक सीटें

  • हर सीट पर पैनिक बटन और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट

  • CCTV कैमरे

  • जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम

  • सिर्फ महिला कंडक्टर की तैनाती

  • CNG ईंधन से चलने वाली पर्यावरण-अनुकूल बसें

इन सभी तकनीकी सुविधाओं का उद्देश्य है महिला यात्रियों को सुरक्षित और आत्मनिर्भर महसूस कराना।

पहले दिन 250+ महिलाओं ने किया सफर

पिंक बस सेवा की शुरुआत के पहले ही दिन 250 से ज्यादा महिला यात्रियों ने इन बसों में सफर किया। अधिकतर यात्रियों ने इस नई पहल की सराहना की और इसे एक सकारात्मक बदलाव बताया।

एक महिला यात्री का अनुभव:

“इस बस में सफर करते हुए मैं पहली बार बिना डर के यात्रा कर पाई। महिला कंडक्टर और सुरक्षा सुविधाओं ने भरोसा बढ़ाया।”

महिलाओं को मिलेगा आत्मविश्वास और स्वतंत्रता

इस सेवा का उद्देश्य केवल यात्रा सुविधा देना नहीं, बल्कि महिलाओं को सामाजिक रूप से सशक्त करना है। यह उन्हें शिक्षा, नौकरी और स्वास्थ्य सेवाओं तक बिना किसी डर के पहुंच प्रदान करता है।

  • महिलाएं अब रात में भी सुरक्षित यात्रा कर पाएंगी

  • स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं को राहत

  • कार्यस्थलों तक पहुंचने में सुविधा

  • घर से बाहर निकलने का आत्मविश्वास बढ़ेगा

आने वाले समय में होगा विस्तार

सरकार ने संकेत दिया है कि यह सेवा अभी शुरुआती चरण में है और भविष्य में इसका विस्तार अन्य इलाकों में किया जाएगा। अगली योजना के अंतर्गत राजेंद्रनगर, हनुमान नगर, दिघा, कदमकुआं आदि क्षेत्रों को भी जोड़ा जाएगा।

साथ ही, पिंक बस सेवा को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अन्य ई-मोबिलिटी साधनों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे इसकी पहुंच और भी ज्यादा प्रभावी हो सके।

पटना की पिंक बस सेवा महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता के लिए एक नई शुरुआत है। ₹6 से ₹25 के किराए में अत्याधुनिक सुविधाओं वाली यह सेवा न केवल एक परिवहन सुविधा है, बल्कि यह एक सामाजिक बदलाव की पहल है।

यदि इस मॉडल को अन्य शहरों में भी अपनाया जाए, तो यह पूरे देश में महिलाओं की गतिशीलता को एक नई दिशा दे सकता है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

हिंद केसरी यादव: मीनापुर की राजनीति में वह नाम, जिसने आंदोलन को सड़क से सदन तक पहुंचाया

पांचवीं पुण्यतिथि पर दरहीपट्टी में श्रद्धांजलि सभा, वक्ताओं ने कहा—अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

क्या अमेरिका पर भरोसा करने का दौर खत्म हो रहा है? भारत की नई चुनौती

दुनिया की राजनीति में अमेरिका की ताकत पर शायद ही कोई सवाल उठाता है,...

More like this

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

मीनापुर के युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? गांव से महानगर तक जानिए पलायन की पूरी दास्तान

सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, घर छोड़ने की मजबूरी का है मीनापुर के किसी गांव...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...