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बिहार के तीन जिलों में भारी बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट, 9 जिलों में येलो अलर्ट जारी

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KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार में मौसम एक बार फिर से अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को राज्य के तीन जिलों किशनगंज, अररिया और पूर्णिया के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इसके अलावा नौ अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी दी गई है।

राज्य में लगातार बदलते मौसम ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और किसानों के लिए भी यह मौसम चिंता का कारण बनता जा रहा है।

किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में ऑरेंज अलर्ट

IMD के अनुसार, किशनगंज, अररिया और पूर्णिया जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है और खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहने की अपील की है।

इन जिलों में आंधी के साथ-साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है, जो जन-धन को नुकसान पहुंचा सकता है।

9 जिलों में येलो अलर्ट, हवाओं की रफ्तार 50 किमी प्रति घंटे तक

बिहार के अन्य नौ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें मधेपुरा, सहरसा, कटिहार, भागलपुर, सुपौल, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और पूर्णिया जैसे जिले शामिल हैं। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। लोगों को बिजली के खंभों, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।

पूर्णिया के भवानीपुर में रिकॉर्ड बारिश, 74.2 मिमी दर्ज

पूर्णिया जिले के भवानीपुर में इस सीजन की अब तक की सबसे ज्यादा बारिश 74.2 मिमी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा बताता है कि राज्य में प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।

विशेष रूप से दक्षिण-पूर्व, उत्तर-मध्य और दक्षिण-पश्चिम बिहार में मौसम अधिक सक्रिय बना हुआ है। इन क्षेत्रों के लिए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

15 अप्रैल तक मौसम रहेगा खराब, बिजली गिरने का खतरा जारी

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक आशीष कुमार के अनुसार, यह एक सामान्य प्री-मानसून प्रभाव है, लेकिन इससे जानमाल को नुकसान पहुंचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “बिहार में आकाशीय बिजली गिरने के मामले बहुत अधिक हैं और देश में यह दूसरा सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। जागरूकता की कमी के चलते हर साल कई लोगों की मौत हो जाती है।”

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि खराब मौसम के दौरान खुले में न निकलें और कम से कम 30 मिनट तक सुरक्षित स्थान पर रहें।

बारिश में 150% की वृद्धि, तापमान में 5 डिग्री की गिरावट

मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल महीने में अब तक सामान्य से 150% अधिक बारिश दर्ज की गई है। विशेषकर नालंदा, पूर्णिया और आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा देखने को मिली है।

बारिश और आंधी के कारण अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में अधिकतम तापमान 27 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।

कृषि और जनजीवन पर प्रभाव

तेज बारिश और आंधी का असर कृषि पर साफ दिखाई दे रहा है। गेहूं, मक्का जैसी खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, शहरी इलाकों में जलजमाव, बिजली कटौती और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं।

पटना, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जैसे शहरों में सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा है।

प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील

बिहार प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट का पालन करें। कुछ जरूरी सावधानियां इस प्रकार हैं:

  • खराब मौसम में घर से बाहर न निकलें

  • बिजली गिरने के समय मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग न करें

  • खेतों और खुले मैदानों में न जाएं

  • बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर रखें

  • सरकारी अलर्ट और सूचना को गंभीरता से लें

बिहार में मौसम का यह बदला मिजाज बढ़ते जलवायु परिवर्तन और प्री-मानसून अस्थिरता का स्पष्ट संकेत है। तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं आने वाले कुछ दिनों तक जारी रह सकती हैं।

KKNLive अपने सभी पाठकों से अनुरोध करता है कि वे आधिकारिक मौसम अलर्ट पर ध्यान दें, सावधानी बरतें, और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

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