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श्रावणी मेले की तीसरी सोमवारी पर बाबा गरीबनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

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सावन की तीसरी सोमवारी पर बिहार के प्रमुख शिवधामों में आस्था की लहर साफ देखी गई। मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर में इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर के प्रधान पुजारी विनय पाठक ने बताया कि इस विशेष दिन पर करीब तीन लाख से अधिक श्रद्धालु और कांवरिया बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे। इस संख्या में साधारण कांवरियों के साथ-साथ डाक और बाइक कांवरियों की भी बड़ी भागीदारी रही।

रविवार की रात आठ बजे से ही कांवरियों की कतारें मंदिर के मुख्य द्वार के पास लगनी शुरू हो गई थीं। जैसे ही रात 12 बजे सोमवारी का जलाभिषेक प्रारंभ हुआ, मंदिर प्रांगण ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंज उठा। भीड़ की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और सेवा दल की टीमों को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ी।

जलाभिषेक के लिए लगा श्रद्धालुओं का तांता, श्रद्धा में नहीं दिखी थकान

रविवार दोपहर से ही मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था, जो सोमवार दोपहर तक अनवरत जारी रहा। भक्तों ने गर्भगृह तक पहुंचने के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े रहकर भी अपना उत्साह नहीं खोया।

श्रद्धालुओं के लिए जिला स्कूल मैदान में विशेष जिगजैग व्यवस्था की गई थी, जिससे भीड़ नियंत्रित रूप से मंदिर तक पहुंच सके। रामदयालुनगर से शुरू होकर बाबा गरीबनाथ मंदिर तक की सड़कें कांवरियों से भरी रहीं।

पानी और गंगाजल की रही विशेष व्यवस्था

श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए नगर निगम और पीएचईडी द्वारा मेले के मार्ग में करीब डेढ़ दर्जन पानी के टैंकर लगाए गए। इसके अलावा चार स्थानों — धर्मशाला चौक स्थित संतोषी माता मंदिर, सरैयागंज टावर, डीएन हाई स्कूल और पुरानी बाजार — पर गंगाजल से भरे टैंकर भी उपलब्ध कराए गए थे। निगम की टीम पहलेजा घाट से विशेष रूप से गंगाजल लेकर आई थी।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां, भजनों पर झूमे श्रद्धालु

RDS कॉलेज में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने कांवरियों को नई ऊर्जा से भर दिया। बाबा के भजनों की प्रस्तुति ने वातावरण को शिवमय बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुष्मिता झा के भाषण से हुआ।

भगवान बुद्ध एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट की टीम ने उद्घाटन प्रस्तुति दी, जबकि रूबी कुमारी और श्रेया झा ने शिव भजनों से दर्शकों का मन मोह लिया। “बोल बम के नारा बा, बाबा एक सहारा बा…” जैसे गीतों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर नाचते रहे। नारायण सेवा स्थली के रूपक कुमार ने ‘बसहा पर भोला सवार’ की प्रस्तुति दी। सौम्या राज और आस्था दीपाली ने भी शानदार भजनों से सभी का मन जीत लिया।

करंट की चपेट में आए दो कांवरिया, समय रहते हुई मदद

श्रावणी मेले की भीड़ के बीच दो हादसे भी हुए, जब दो कांवरिए करंट की चपेट में आकर घायल हो गए। पहला हादसा आरडीएस कॉलेज के टेंट सिटी में हुआ, जहां एक किशोर कांवरिया बिजली के तार से झुलस गया। उसे मौके पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल चिकित्सा सेवा दी। घायल युवक की पहचान वैशाली के पातेपुर निवासी विक्रम कुमार के रूप में हुई।

दूसरी घटना मधौल फ्लाईओवर के नीचे हुई, जहां सारण जिले के दिघवारा निवासी कांवरिया सौरभ कुमार को करंट लगा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत सहायता पहुंचाई और उसे नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल भेज दिया गया।

कांवरियों की श्रद्धा और अनुशासन ने प्रशासन को राहत दी

रातभर चली भीड़ और सुबह तक जारी जलाभिषेक के बीच कांवरियों की अनुशासन और श्रद्धा की सराहना की जानी चाहिए। प्रशासन की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं और साफ-सफाई की व्यवस्था को श्रद्धालुओं ने सहजता से अपनाया।

कई महिला कांवरिया, खासकर माखन साह चौक से, दंडवत प्रणाम करते हुए बाबा के दर्शन के लिए आगे बढ़ती रहीं। युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक, हर वर्ग के लोगों ने अपनी श्रद्धा के अनुसार बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

श्रावणी मेले की यह तीसरी सोमवारी बिहार के शिव भक्तों के लिए भक्ति, व्यवस्था और सामाजिक सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी। आने वाले सोमवारों के लिए जिला प्रशासन और मंदिर समिति की तैयारियां और अधिक सख्त और सुव्यवस्थित रहने की उम्मीद है।

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