होमBiharपटना में नीतीश कुमार ने किया Dr. APJ Abdul Kalam Science City...

पटना में नीतीश कुमार ने किया Dr. APJ Abdul Kalam Science City का उद्घाटन

Published on

बिहार की राजधानी पटना अब विज्ञान और नवाचार का एक नया केंद्र बनने जा रही है। रविवार, 21 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने APJ Abdul Kalam Science City Patna का उद्घाटन किया। 21 एकड़ में फैला यह परिसर देश का तीसरा सबसे बड़ा साइंस सिटी है और इसे आधुनिक तकनीकों व अनूठे विचारों के साथ तैयार किया गया है।

उद्घाटन समारोह और निरीक्षण

राजेंद्र नगर स्थित इस नवनिर्मित साइंस सिटी का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर किया। इसके बाद उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण किया और विभिन्न गैलरियों व वैज्ञानिक प्रदर्शों को बारीकी से देखा। कार्यक्रम में मौजूद बच्चों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया, जिसे नीतीश कुमार ने मुस्कुराते हुए स्वीकार किया।

भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने मुख्यमंत्री को परियोजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। वहीं, साइंस सिटी पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

Science City Features

इस साइंस सिटी को खास तौर पर युवाओं और बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने के लिए बनाया गया है। यहां पांच प्रमुख गैलरियां, 269 इंटरैक्टिव प्रदर्श, एक ऑडिटोरियम, 4D थियेटर और छात्रों व शिक्षकों के लिए डॉरमेट्री की सुविधा उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साइंस सिटी विज्ञान और तकनीक का आधुनिक केंद्र बनेगा। यहां सभी आयु वर्ग के लोग विज्ञान की रोचक दुनिया से जुड़ सकेंगे।

डॉ. कलाम को समर्पित

नीतीश कुमार ने बताया कि इस परियोजना का नाम भारत रत्न और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा गया है। कलाम जी का बिहार के प्रति विशेष लगाव रहा है और उन्हें यहां की जनता से गहरा स्नेह था। उनके नाम पर यह साइंस सिटी बनाना राज्य के लिए गर्व की बात है।

गैलरियां और प्रदर्शनियां

साइंस सिटी में पांच प्रमुख गैलरियां बनाई गई हैं:

  • Be A Scientist Gallery

  • Sustainable Planet Gallery

  • Basic Science Gallery

  • Body and Mind Gallery

  • Astronomy and Space Gallery

इन गैलरियों का निर्माण National Council of Science Museums (NCSM) और Creative Museum Designers (CMD) की मदद से किया गया है। पहले चरण में “Be A Scientist” गैलरी में 12 और “Basic Science” गैलरी में 35 प्रदर्श लगाए गए हैं।

लागत और निर्माण

इस परियोजना की लागत 889 करोड़ रुपये है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग ने इसकी स्वीकृति दी और भवन निर्माण विभाग ने इसे पूरा किया। 1 मार्च 2019 को इस परियोजना की नींव रखी गई थी।

मुख्यमंत्री ने लगातार साइट का निरीक्षण किया और अधिकारियों को विदेश भेजकर वहां के साइंस सिटी का अध्ययन कराया। मार्च 2024 में नीतीश कुमार स्वयं लंदन गए और वहां के साइंस सिटी का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए।

आधुनिक सुविधाएं

यह साइंस सिटी सिर्फ प्रदर्शनी स्थल ही नहीं बल्कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से भी लैस है। यहां 500 सीटों वाला ऑडिटोरियम, 150 बिस्तरों का डॉरमेट्री, मुक्त आकाश रंगमंच, कैफेटेरिया और वाहन पार्किंग की व्यवस्था है।

सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखते हुए 150 किलोवाट क्षमता वाले सोलर पैनल भी लगाए गए हैं।

शिक्षा और युवाओं पर प्रभाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साइंस सिटी के माध्यम से छात्रों को विज्ञान की मूलभूत बातें समझने में आसानी होगी। जटिल सिद्धांतों को इंटरैक्टिव मॉडल और प्रदर्शों से सरल बनाया गया है। इससे युवाओं में रिसर्च और नवाचार की रुचि बढ़ेगी।

शिक्षकों को भी यहां आयोजित होने वाले वर्कशॉप और कार्यक्रमों से नए विचार और तकनीक सीखने का अवसर मिलेगा।

बिहार के लिए महत्व

Bihar News में यह परियोजना एक बड़ा मील का पत्थर है। यह न केवल पटना बल्कि पूरे बिहार के छात्रों के लिए विज्ञान शिक्षा का नया केंद्र बनेगा। ग्रामीण इलाकों से आने वाले बच्चों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण शैक्षिक अनुभव साबित होगा।

इस परियोजना से राज्य की छवि शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में मजबूत होगी और बिहार वैज्ञानिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

उपस्थित नेता और अधिकारी

उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह, विधान परिषद के उप सभापति डॉ. रामवचन राय, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त डॉ. एस. सिद्धार्थ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

पटना में बना APJ Abdul Kalam Science City Patna बिहार की वैज्ञानिक महत्वाकांक्षाओं का प्रतीक है। 21 एकड़ में फैला यह परिसर आधुनिक गैलरियों, प्रदर्शों और सुविधाओं से सुसज्जित है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बना यह केंद्र युवाओं में विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देगा।

डॉ. कलाम की विरासत को समर्पित यह साइंस सिटी न केवल शिक्षा बल्कि प्रेरणा का भी केंद्र बनेगा। आने वाले वर्षों में यह बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए विज्ञान और तकनीकी जागरूकता का प्रमुख स्थान होगा।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

चुनाव आयोग पर क्यों मचा है हंगामा? 14 आपत्तियों से उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार की भूमिका और सत्ता पक्ष की असहजता की पूरी पड़ताल

भारत में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। चुनाव वह बुनियादी व्यवस्था...

More like this

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

शिक्षक से बड़ा कौन? भारत की उस परंपरा की पड़ताल, जहाँ गुरु को देवता कहा गया

KKN पड़ताल। किसी बच्चे के हाथ में पहली बार कलम आती है, तो वह...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, भारत की चलती-फिरती कहानी है

हिंदी दिवस पर विशेष: क्या आप जानते हैं कि हिंदी को ‘राष्ट्रभाषा’ नहीं, ‘राजभाषा’...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

मीनापुर की क्रांति गाथा: इतिहास के हाशिये से उठती एक पूरी पीढ़ी की आवाज

मीनापुर की क्रांति गाथा पुस्तक की संक्षिप्त समीक्षा लेखक : कौशलेन्द्र झा KKN पुस्तक समीक्षा। इतिहास...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...