होमBiharमुजफ्फरपुर में डेंगू के मरीज की संख्या लगातार बढ़ती जा रही

मुजफ्फरपुर में डेंगू के मरीज की संख्या लगातार बढ़ती जा रही

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बिहार में ठंड बढ़ने के बावजूद डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मुजफ्फरपुर जिले में अब तक डेंगू के 103 मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 77 थी। यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि डेंगू के मामलों में कोई कमी नहीं आ रही है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस बार चिकनगुनिया और मलेरिया के एक भी मरीज नहीं पाए गए हैं। रविवार को कोई नया डेंगू केस दर्ज नहीं हुआ, जिससे थोड़ी राहत मिली है।

स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी को और तेज कर दिया है। इसके बावजूद, नए मरीजों के मामले सामने आ रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को सफाई रखने और मच्छरों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक कर रही हैं। जहां-जहां डेंगू के मरीज मिले हैं, वहां लगातार सर्वे किया जा रहा है। बुखार या डेंगू के लक्षण दिखने पर मरीजों को तुरंत एसकेएमसीएच भेजा जा रहा है। सैंपलिंग प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। शहरी क्षेत्रों में नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें हाई-रिस्क इलाकों में फॉगिंग करा रही हैं। पीएचसी से लेकर सदर अस्पताल तक डेंगू को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। सभी जगहों पर वार्ड व्यवस्थित कर दिए गए हैं और डेंगू जांच किट भी उपलब्ध कराई गई है। विभाग ने निर्देश दिया है कि संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच की जाए।

सर्दी बढ़ने के साथ अस्पतालों में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी

सर्दी बढ़ने के साथ सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। खासकर बच्चों पर इसका अधिक असर हो रहा है। सर्दी, खांसी, निमोनिया और डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ गई है। अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना करीब 200 अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। एमसीएच के शिशु ओपीडी में हर दिन 10 से 12 बच्चे निमोनिया और डायरिया के लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। जांच के बाद गंभीर मरीजों को अस्पताल के वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। फिलहाल अस्पताल में 13 बच्चे भर्ती हैं, जिनमें से चार बच्चे निमोनिया से जूझ रहे हैं, जबकि बाकी बच्चों में डायरिया और ठंड से संबंधित बीमारियां पाई गई हैं।

बच्चों में निमोनिया और डायरिया के मामलों में बढ़ोतरी

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. चिन्मयी शर्मा ने बताया कि ठंड में छोटे बच्चों पर संक्रमण का प्रभाव अधिक होता है। इस मौसम में निमोनिया और डायरिया के मामले तेजी से बढ़ते हैं। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं, सिर और कान ढंके रखें। अगर बच्चे को ठंड लगने या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉ. शर्मा ने यह भी बताया कि एसएनसीयू वार्ड में भी अधिक बच्चे निमोनिया से प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सभी मरीजों का उचित इलाज किया जा रहा है और उनकी सेहत पर निगरानी रखी जा रही है।

अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच इलाज की व्यवस्था

मुजफ्फरपुर के अस्पतालों में डेंगू के साथ-साथ सर्दी-खांसी और अन्य बिमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों के इलाज के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है और अस्पतालों को मरीजों के इलाज के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू परीक्षण किट उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि मरीजों का समय पर इलाज किया जा सके और संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

डेंगू और मौसमी बीमारियों पर विशेष ध्यान

मुजफ्फरपुर में डेंगू और मौसमी बिमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ठोस कदम उठाए हैं। लोगों को साफ-सफाई रखने और मच्छरों से बचने के उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा, स्वास्थ्य टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर सर्वे किया जा रहा है, ताकि हर नए केस का पता चल सके और उसे समय पर इलाज दिया जा सके।

मुजफ्फरपुर में डेंगू और मौसमी बिमारियों के बढ़ते मामलों के बीच सतर्कता और सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उठाए गए कदमों से कुछ राहत मिली है, लेकिन अब भी लोगों को मच्छरों से बचने के उपायों और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सजग रहने की आवश्यकता है। सर्दी के मौसम में बच्चों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि वे इन मौसमी बीमारियों से बच सकें। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अगर लोग जागरूक रहें और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें, तो डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों के प्रसार को रोका जा सकता है।

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