Home Bihar Muzaffarpur मीनापुर के क्रांतिकारियों को मिले राजकीय सम्मान: ब्रजवासी

मीनापुर के क्रांतिकारियों को मिले राजकीय सम्मान: ब्रजवासी

क्रांति महोत्सव

विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी ने उठाई मांग, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

KKN ब्यूरो। बिहार के तिरहुत स्नातक क्षेत्र के विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी ने कहा है कि मीनापुर की धरती शहीदों की धरती रही है। उन्होंने कहा कि यहां के क्रांतिकारियों की शहादत को राजकीय सम्मान दिलाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है और इस मुद्दे को शीघ्र ही विधान परिषद में भी उठाएंगे।

शनिवार को किसान कॉलेज, मीनापुर में कविवासर विकास परिषद की ओर से आयोजित क्रांति महोत्सव-2025 को संबोधित करते हुए ब्रजवासी ने कहा कि 16 अगस्त 1942 को मीनापुर थाना पर तिरंगा फहराने और अंग्रेज थानेदार लुईस वालर की चिता सजाने वाले जांबाजों की शहादत को राजकीय समारोह का दर्जा मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसके लिए लगातार आवाज़ बुलंद करते रहेंगे।

जुब्बा सहनी और वांगुर सहनी को राजकीय समारोह की मांग

ब्रजवासी ने यह भी कहा कि 11 मार्च को अमर शहीद जुब्बा सहनी और 16 अगस्त को वांगुर सहनी के शहादत दिवस को राजकीय समारोह का दर्जा मिलना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने जुब्बा सहनी के पैतृक गांव चैनपुर को राजस्व ग्राम व आदर्श ग्राम घोषित करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में तत्कालीन डीएम अमृतलाल मीणा ने आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक वह फाइलों में ही दबा हुआ है।

अतिथियों ने रखा विचार

समारोह को जदयू के जिलाध्यक्ष रामबाबू कुशवाहा, पंकज किशोर पप्पू, डॉ. श्यामबाबू प्रसाद, शंभू प्रसाद, नीरज कुमार, नीलम कुशवाहा, मो. सदरुल खान, ऋषिकेश कुमार, रमाशंकर राय और मिथिलेश झा सहित कई गणमान्य लोगों ने संबोधित किया। सेवानिवृत्त डीएसपी मिथिलेश झा ने कहा कि इस क्रांति महोत्सव को सिर्फ स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि जिला और राज्य स्तर पर भी आयोजित किया जाना चाहिए।

देशभक्ति गीतों और नाटिकाओं ने बांधा समां

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अरुण शाह ने “अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों” गीत से की। आकाशवाणी पटना के लोकगायक शंभू राम सहित स्थानीय कलाकार ऋषिका पोद्दार, प्रेम रंजन, कैलाश महतो और अशोक दीवाना ने देशभक्ति गीतों से माहौल को रोमांचित कर दिया। किड्स हेवेन पब्लिक स्कूल और आदर्श विद्या पीठ टेंगरारी के बच्चों ने देशभक्ति नृत्य और नाटिका प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। लोकगीतों, कव्वालियों और भिखारी ठाकुर की “विदेशिया” जैसी प्रस्तुतियों ने समारोह को ऐतिहासिक बना दिया। इस मौके पर क्षेत्र के कई प्रबुद्धजन और शिक्षक भी मौजूद रहे।

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कौशलेन्द्र झा, KKN Live की संपादकीय टीम का नेतृत्व करते हैं और हिन्दुस्तान (हिन्दी दैनिक) में नियमित रूप से लेखन करते हैं। बिहार विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव अर्जित किया है। वे प्रातःकमल और ईटीवी बिहार-झारखंड सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं। सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है—वे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ (भारत) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और “मानवाधिकार मीडिया रत्न” सम्मान से सम्मानित किए गए हैं। पत्रकारिता में उनकी गहरी समझ और सामाजिक अनुभव उनकी विश्लेषणात्मक लेखन शैली को विशिष्ट बनाते हैं

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