होमBiharबिहार में मानसून की दस्तक तेज, 16 जिलों में Heavy Rainfall से...

बिहार में मानसून की दस्तक तेज, 16 जिलों में Heavy Rainfall से जलजमाव

Published on

बिहार में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। पिछले 24 घंटों में पटना सहित राज्य के 16 जिलों में लगातार बारिश दर्ज की गई है। कई इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है। मौसम विभाग के पटना केंद्र का कहना है कि फिलहाल अगले तीन से चार दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित

प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से लेकर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश खगड़िया में हुई, जहां 206 मिमी वर्षा दर्ज की गई। राजधानी पटना में बुधवार सुबह साढ़े नौ बजे तक 19 मिमी बारिश हुई, जो दिन के अंत तक 29.1 मिमी पहुंच गई। इस बारिश ने उमस भरी गर्मी से राहत दी और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश इलाकों में बारिश के साथ Thunderstorm की संभावना है। कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग का अलर्ट

किशनगंज जिले में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। राज्य के मध्य और पूर्वी हिस्सों में वज्रपात (Lightning) का अलर्ट जारी है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे बारिश और तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें।

15 अगस्त को गया और पश्चिम चंपारण जिलों में बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। प्रशासन ने यहां के निवासियों को सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी है।

अलग-अलग क्षेत्रों में हुई बारिश

पिछले 24 घंटों में कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। खगड़िया के मानसी में 188.6 मिमी, सारण के परसा में 157.4 मिमी, किशनगंज के तैबपुर में 135.2 मिमी, अररिया के रानीगंज में 122.4 मिमी, किशनगंज के ठाकुरगंज में 117.6 मिमी, अररिया के जोकिहाट में 108.2 मिमी और पूर्णिया के बैसा में 98.8 मिमी वर्षा हुई।

किशनगंज के चरघरिया में 97 मिमी, खगड़िया के गोगरी में 82.4 मिमी, सारण के दिघवारा में 80.2 मिमी, रोहतास के तिलौथू में 80.2 मिमी, रोहतास के इंद्रपुरी में 77.6 मिमी, बेगूसराय के बछवाड़ा में 76.2 मिमी और मोहनिया में 75 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

पटना की स्थिति

राजधानी पटना का अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। कई मोहल्लों में जलजमाव हो गया, जिससे यातायात पर असर पड़ा।

पटना नगर निगम की टीमों ने पानी निकासी के लिए पंप लगाए हैं। निचले इलाकों में राहत कार्य जारी हैं ताकि पानी जल्दी निकाला जा सके।

प्रमुख शहरों का तापमान

गया में अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा। भागलपुर में अधिकतम 29.8 और न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मुजफ्फरपुर में अधिकतम 27.8 और न्यूनतम 26.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

मोतिहारी में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य का सबसे अधिक था।

उमस से राहत

पिछले कई दिनों से राज्य में उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान किया था। इस बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया और वायु गुणवत्ता भी बेहतर हुई। हालांकि, बारिश के कारण जलजमाव और गंदगी की समस्या भी बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में खेत और रास्ते पानी में डूब गए हैं।

किसानों के लिए फायदेमंद

किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। धान की खेती के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है। खगड़िया, पूर्णिया और किशनगंज के कई किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है। यह बारिश मक्का, दालों और सब्जियों की फसलों के लिए भी लाभकारी होगी।

कृषि विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि पानी ज्यादा समय तक खेतों में भरा रहा, तो फसल को नुकसान हो सकता है। इसलिए उचित जल निकासी जरूरी है।

सावधानी और सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि भारी बारिश और Thunderstorm के समय घर के अंदर रहें। बिजली गिरने की आशंका होने पर पेड़ों के नीचे खड़े न हों और खुले मैदान से दूर रहें।

जलजमाव वाले इलाकों में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। गड्ढों और छिपी बाधाओं के कारण हादसों का खतरा रहता है। प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।

यातायात और आवागमन

बारिश के कारण पटना में बेली रोड, अशोक राजपथ और कंकड़बाग जैसे प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक धीमा हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्ते फिसलन भरे हो गए हैं।

बसों और ऑटो रिक्शा की गति धीमी हो गई है। हालांकि, रेल सेवाएं अब तक सामान्य चल रही हैं।

प्रशासन की तैयारियां

बिहार आपदा प्रबंधन विभाग हालात पर नजर रखे हुए है। राहत और बचाव दल बारिश वाले जिलों में अलर्ट पर हैं। जल संसाधन विभाग नदियों के जलस्तर की निगरानी कर रहा है।

नगर निगम और अन्य निकाय नालों की सफाई और अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था में जुटे हैं।

स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी

चिकित्सकों ने बारिश के बाद डायरिया, हैजा और डेंगू जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा बताया है। लोगों को उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने और साफ-सफाई रखने की सलाह दी गई है।

आगे का मौसम

अगले कुछ दिनों तक मानसून बिहार में सक्रिय रहेगा। यह बारिश खेती के लिए फायदेमंद है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलजमाव और ट्रैफिक की दिक्कतें बढ़ा सकती है।

राज्य के लोग इस समय राहत और चुनौती दोनों का सामना कर रहे हैं। आने वाले दिनों में बारिश की रफ्तार तय करेगी कि यह मौसम लोगों के लिए कितना लाभकारी या परेशानी भरा साबित होगा।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में बड़ा फैसला: साक्ष्यों के अभाव में छह आरोपी बरी, कोर्ट ने जांच और अभियोजन पर उठाए सवाल

आठ साल पुराने चर्चित हत्याकांड में अदालत का फैसला KKN ब्यूरो। बिहार के मुजफ्फरपुर शहर...

मीनापुर के प्रथम विधायक जनक सिंह की 112वीं जयंती पर ‘अग्रदूत’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

मीनापुर के प्रथम विधायक को श्रद्धांजलि, 'अग्रदूत' पुस्तक बनी उनकी विरासत का दस्तावेज़ KKN ब्यूरो।...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

More like this

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...