होमBiharबिहार में मानसून की एंट्री, तेज बारिश और बिजली गिरने से कई...

बिहार में मानसून की एंट्री, तेज बारिश और बिजली गिरने से कई मौतें

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार में आखिरकार मानसून ने दस्तक दे दी है। इसके साथ ही राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई जिलों में इन प्राकृतिक घटनाओं की वजह से कई लोगों की जान चली गई है, जबकि जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा अनुमान के अनुसार, पूर्वी बिहार में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके चलते कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

 बिजली गिरने से कई जिलों में मौतें

बिहार के भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, और बांका जैसे जिलों से बिजली गिरने की घटनाओं में कई लोगों की मौत की खबर सामने आई है। मरने वालों में ज़्यादातर लोग किसान या खेतों में काम करने वाले मजदूर थे, जो मौसम के अचानक बदलने से अनजान थे।

प्रशासन ने मौतों की पुष्टि की है और प्रभावित परिवारों को आपदा राहत कोष के तहत मुआवजा देने की घोषणा की है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि आंधी-तूफान के समय घरों के अंदर ही रहें, मोबाइल फोन का उपयोग न करें और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट, सावधान रहने की जरूरत

मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि मौसम खतरनाक हो सकता है और सतर्कता बेहद जरूरी है। इन जिलों में तेज हवाएं, भारी बारिश, और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

ऑरेंज अलर्ट वाले जिले:

  • पूर्णिया

  • किशनगंज

  • भागलपुर

  • कटिहार

  • सहरसा

  • अररिया

  • बांका

इन जिलों के लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

कृषि पर प्रभाव: बारिश बनी वरदान और चुनौती दोनों

बिहार की अर्थव्यवस्था में कृषि की बड़ी भूमिका है, और मानसून का आगमन किसानों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है। हालांकि, अत्यधिक बारिश की वजह से जलभराव, बीज बहने, और मिट्टी कटाव की समस्याएं भी सामने आ रही हैं।

कई ग्रामीण इलाकों में सड़कें कीचड़ से भर गई हैं और आवागमन बाधित हो गया है। बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है क्योंकि तेज आंधी में बिजली के खंभे और पेड़ गिर गए हैं।

कृषि विभाग और पंचायत अधिकारी हालात का जायज़ा ले रहे हैं ताकि समय पर मदद पहुंचाई जा सके।

 बिहार में आगे कैसा रहेगा मौसम?

IMD पटना के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 48 घंटों में उत्तर और मध्य बिहार के अन्य हिस्सों में भी फैल जाएगा। सप्ताहांत तक बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है, लेकिन जून के तीसरे सप्ताह तक रुक-रुक कर बारिश जारी रहेगी।

विशेषज्ञों ने कहा है कि मानसून की शुरुआत में अक्सर दोपहर और शाम के समय आंधी-तूफान का खतरा बना रहता है।

सावधानियां:

  • बिजली गिरने की आशंका हो तो बाहर न निकलें

  • घरों की छत और खुले सामान सुरक्षित रखें

  • बाढ़ संभावित इलाकों में आपात किट तैयार रखें

 शहरी इलाकों में ट्रैफिक और बिजली की समस्या

पटना, मुजफ्फरपुर, और गया जैसे शहरों में बारिश के कारण जलजमाव, ट्रैफिक जाम, और बिजली कटौती की समस्या देखी गई है। निचले इलाकों में सड़कें पानी से भर गई हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

पटना नगर निगम ने मुख्य चौराहों और अंडरपास से पानी निकालने के लिए पंपिंग सिस्टम चालू कर दिया है, लेकिन कुछ इलाकों में नाली व्यवस्था कमजोर होने के कारण पानी रुक गया है।

गंगा और कोसी नदी के किनारे वाले इलाकों में आपदा राहत टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।

सरकारी कार्रवाई और जनहित सलाह

बिहार सरकार ने सभी जिलों में आपातकालीन नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को समय पर राहत पहुंचाने, जनसुरक्षा सुनिश्चित करने, और बुनियादी ढांचे को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।

बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने आम जनता के लिए यह दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • खुले मैदान, पेड़, और जलस्रोतों से दूर रहें

  • बिजली कड़कने के समय मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का प्रयोग न करें

  • रेडियो, मोबाइल ऐप्स या सरकारी चैनलों से मौसम अपडेट लेते रहें

कुछ जिलों में स्कूलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे आउटडोर गतिविधियाँ स्थगित करें।

 बिजली और तूफान के दौरान क्या करें, क्या न करें?

करें:

  • सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद और अनप्लग करें

  • मजबूत इमारत या वाहन में शरण लें

  • यदि बाहर फंसे हों, तो जमीन पर न लेटें

न करें:

  • पेड़ के नीचे खड़े न हों

  • बिजली के खंभों या तारों के पास न जाएं

  • मोबाइल फोन का उपयोग न करें

बिहार में मानसून की एंट्री से जहां गर्मी से राहत मिली है और खेती के लिए आवश्यक पानी मिला है, वहीं इससे जुड़े खतरों और आपदाओं से सतर्क रहना भी ज़रूरी है।

KKNLive लगातार अपने पाठकों को ताज़ा मौसम अपडेट, विश्लेषण और जरूरी सूचनाएं प्रदान करता रहेगा।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

More like this

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...