बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर परीक्षा से वंचित रहे विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। Bihar Board 12th Exam के दौरान जो परीक्षार्थी विभिन्न कारणों से परीक्षा में शामिल नहीं हो सके, उन्हें अब एक और मौका मिलेगा। बोर्ड ने ऐसे छात्रों के लिए Special Exam आयोजित करने का फैसला किया है, ताकि उनका शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो।
बिहार बोर्ड द्वारा जारी परीक्षा कैलेंडर के अनुसार, यह विशेष परीक्षा अप्रैल के अंत या मई महीने में आयोजित की जाएगी। इसके लिए मार्च और अप्रैल के दौरान online application की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बोर्ड का कहना है कि यह फैसला छात्रों और अभिभावकों के हित में लिया गया है।
विशेष परीक्षा के लिए Online Application की तैयारी
बिहार बोर्ड जल्द ही Special Exam के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके लिए पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना होगा। बोर्ड की ओर से आवेदन से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां आधिकारिक माध्यमों से साझा की जाएंगी।
बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुचारू रखी जाएगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। किसी भी तरह की लापरवाही से आवेदन निरस्त हो सकता है।
इस विशेष परीक्षा का उद्देश्य उन छात्रों को राहत देना है, जो किसी मजबूरी या प्रशासनिक कारणों से नियमित परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
परीक्षा छूटने से बचने के लिए बोर्ड की सख्त हिदायत
बिहार बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि परीक्षार्थी परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंच जाएं। दोनों पालियों की परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले प्रवेश बंद कर दिया जाएगा।
बोर्ड ने छात्रों से कहा है कि वे traffic, मौसम और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखकर समय से घर से निकलें। बोर्ड का मानना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए समय का सख्ती से पालन जरूरी है।
इन्हीं निर्देशों के कारण कई परीक्षार्थियों को परीक्षा से वंचित होना पड़ा, जिससे अभिभावकों में नाराजगी भी देखने को मिली।
मुजफ्फरपुर में सख्ती के बीच शुरू हुई इंटर परीक्षा
सोमवार को मुजफ्फरपुर जिले में Bihar Board 12th Exam की शुरुआत 81 परीक्षा केंद्रों पर हुई। कदाचारमुक्त परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आया। बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, परीक्षार्थियों को जूता और मोजा पहनने की अनुमति नहीं दी गई।
ठंड के बावजूद कई छात्र बिना जूता-मोजा परीक्षा देने पहुंचे। कुछ परीक्षार्थी नंगे पैर ही केंद्रों में प्रवेश करते नजर आए। पहले दिन परीक्षा के साथ-साथ व्यवस्था की भी परीक्षा हुई।
कई केंद्रों पर सुबह 8:30 बजे तक videographer और पुलिसकर्मियों की व्यवस्था नहीं हो पाई थी। कुछ स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने को लेकर भी अफरा-तफरी रही। इन समस्याओं से केंद्राधीक्षक भी परेशान दिखे।
देर से पहुंचने पर 100 से अधिक छात्रों की छूटी परीक्षा
पहली पाली में देरी से पहुंचने के कारण दो दर्जन से अधिक केंद्रों पर 100 से ज्यादा परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट गई। MSKB सहित कई केंद्रों पर छात्राएं गेट के बाहर खड़ी होकर प्रवेश की गुहार लगाती रहीं।
कई छात्राएं सुबह 9:30 बजे तक केंद्र के बाहर खड़ी रहीं और रोती रहीं। उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। परीक्षार्थियों का कहना था कि वे 9:02 बजे ही केंद्र पर पहुंच गई थीं, लेकिन बहस के दौरान समय निकल गया।
बोर्ड के नियमों के अनुसार, 9 बजे के बाद आने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं दिया गया। इस फैसले से कई परिवारों को मानसिक आघात पहुंचा।
अभिभावकों का फूटा गुस्सा
परीक्षा छूटने के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। उनका कहना था कि यह परीक्षा का पहला दिन था और अगर दो-तीन मिनट की देरी हो गई, तो इससे बच्चों का भविष्य खराब नहीं किया जाना चाहिए।
अभिभावकों ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की। हालांकि, केंद्राधीक्षकों और केंद्र पर तैनात मजिस्ट्रेट ने नियमों का हवाला देते हुए कोई ढील देने से इनकार कर दिया।
अधिकारियों का कहना था कि CCTV निगरानी के चलते नियमों में कोई छूट संभव नहीं थी। वे बोर्ड के निर्देशों से बंधे हुए थे।
छात्रों की आपबीती ने बढ़ाई चिंता
केंद्र पर पहुंची प्रिया ने रोते हुए बताया कि वह जीरोमाइल से आ रही थीं। अखाड़ाघाट पुल पर traffic jam के कारण उन्हें दो मिनट की देरी हो गई। इसके बावजूद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया।
इसी तरह, सेंटर कोड 3153 और 3131 पर 8:39 बजे तक videographer नहीं पहुंचे थे, जबकि परीक्षार्थियों का प्रवेश समय 8:30 बजे से ही शुरू हो गया था। इससे गेट पर भ्रम की स्थिति बनी रही।
सेंटर कोड 3172 पर 8:30 बजे तक पुलिसकर्मी नहीं पहुंचे थे। वहीं, एलएस कॉलेज केंद्र पर परीक्षार्थी दौड़ते हुए पहुंचे। जल्दबाजी में कई छात्र गिर भी पड़े।
Special Exam से मिलेगी राहत
इन घटनाओं के बाद बिहार बोर्ड द्वारा Special Exam कराने का फैसला छात्रों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। बोर्ड का उद्देश्य है कि कोई भी योग्य छात्र तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से अपने भविष्य से वंचित न रह जाए।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने भरोसा दिलाया है कि Special Exam की प्रक्रिया निष्पक्ष और व्यवस्थित होगी। इससे उन छात्रों को लाभ मिलेगा, जिनकी परीक्षा समय की सख्ती या अव्यवस्था के कारण छूट गई थी।
आने वाले दिनों में बोर्ड की ओर से इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी। प्रभावित छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें। यह विशेष परीक्षा कई छात्रों के लिए Academic Year बचाने का अहम अवसर साबित हो सकती है।
