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बिहार के 7 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, पूरे राज्य में वज्रपात और आंधी की चेतावनी

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KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार में मानसून ने अपना पूरा असर दिखाना शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को बिहार के सात जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही पूरे राज्य में वज्रपात और तेज आंधी का येलो अलर्ट भी घोषित किया गया है।

ताजा बिहार मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों तक राज्य में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम में भारी बदलाव की संभावना बनी हुई है।

17 जून को सीमांचल से बिहार में प्रवेश कर चुका है मानसून

इस वर्ष का दक्षिण-पश्चिम मानसून 17 जून को सीमांचल के रास्ते बिहार में दाखिल हुआ था। महज 48 घंटे के भीतर मानसून ने पूरे राज्य को अपने प्रभाव में ले लिया। मौसम विभाग के अनुसार, इस समय मानसून पूरी तरह सक्रिय है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में मूसलधार बारिश हो रही है।

विशेषकर दक्षिण बिहार के जिलों में भारी वर्षा दर्ज की जा रही है, जिससे जलभराव और बिजली गिरने जैसी घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।

इन 7 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट

पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गया, नवादा, जमुई, बांका, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है, जिससे स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

इसके अतिरिक्त, उत्तर बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में भी भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

पूरे राज्य में वज्रपात और तेज आंधी का येलो अलर्ट

भारी बारिश के अलावा, बिहार के सभी जिलों में वज्रपात और आंधी-तूफान को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाएं, गरज के साथ बिजली और मध्यम वर्षा राज्य भर में देखी जा सकती है।

नागरिकों से अपील की गई है कि वे:

  • खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।

  • आकाशीय बिजली की संभावना के दौरान घरों में रहें।

  • मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग बाहर न करें।

पटना में भी दिनभर बादल छाए रहेंगे, तेज बारिश के आसार

राजधानी पटना में शुक्रवार को घने बादल छाए रहने और दिन में एक-दो बार झमाझम बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर के बाद या शाम के समय गरज-चमक के साथ तेज वर्षा हो सकती है।

इससे यातायात बाधित, जलजमाव, और बिजली आपूर्ति में रुकावट जैसे हालात बन सकते हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें।

बारिश से राहत भी, पर खतरे भी

मानसून की वर्षा ने जहां किसानों और आम लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं इससे जुड़े खतरे भी कम नहीं हैं। बिहार में हर साल वज्रपात से सैकड़ों लोगों की जान जाती है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) ने सभी जिलों को निर्देश जारी किए हैं कि वे आपातकालीन कंट्रोल रूम को सक्रिय रखें और किसी भी स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहें।

कृषकों के लिए विशेष सलाह

तेज बारिश और आंधी को देखते हुए किसानों को निम्नलिखित सलाह दी गई है:

  • खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें।

  • बिजली चमकने के समय खेतों में काम न करें।

  • मोबाइल पर सरकारी मौसम अलर्ट प्राप्त करते रहें।

  • बीज या खाद से जुड़ी गतिविधियां मौसम के अनुकूल होने पर ही करें।

अगले दो दिन कैसा रहेगा बिहार का मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार:

  • 21 जून तक बिहार में भारी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।

  • दक्षिण और मध्य बिहार में बारिश की तीव्रता अधिक होगी।

  • उत्तरी जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा, लेकिन बिजली गिरने की घटनाएं संभावित हैं।

  • नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, खासकर जिन इलाकों में पहले से ही वर्षा अधिक हुई है।

जलवायु परिवर्तन का संकेत दे रहा है मानसून?

पिछले कुछ वर्षों से देखा जा रहा है कि बिहार में मानसून का पैटर्न बदल रहा है। इस साल भी मानसून ने सामान्य तिथि से पहले प्रवेश किया और कुछ ही घंटों में पूरे राज्य को कवर कर लिया।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकता है, जिसके कारण अत्यधिक वर्षा, अचानक बाढ़, और बिजली गिरने की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है।

क्या करें और क्या न करें (सेफ्टी टिप्स)

आगामी बारिश और वज्रपात को देखते हुए नागरिकों को यह सावधानियां बरतनी चाहिए:

✔️ घरों में रहें, खासकर आकाशीय बिजली के समय
✔️ पानी से भरे स्थानों से बचें
✔️ चार्जिंग उपकरणों को बिजली गिरने के दौरान अनप्लग करें
✔️ पेड़ों के नीचे या ऊंचे स्थानों पर न खड़े हों
✔️ सरकारी चेतावनियों और मौसम अपडेट पर ध्यान दें

बिहार में मानसून का दौर तेज़ी से चल रहा है और अगले कुछ दिन मौसम की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। जहां बारिश से राहत मिल रही है, वहीं इससे जुड़े खतरे जैसे वज्रपात, जलभराव और फसल क्षति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

KKNLive.com की सलाह है कि आप लगातार मौसम अपडेट प्राप्त करें, सतर्क रहें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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