KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार के लोगों को अगले चार दिनों तक भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को जानकारी दी है कि 6 जून से 9 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी और बढ़ती नमी के कारण लोगों को असहजता का सामना करना पड़ सकता है।
Article Contents
हालांकि राजधानी पटना में आज सुबह बादल छाए रहे, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश या आंधी आने की संभावना न के बराबर है।
पटना में बादल तो छाए, लेकिन राहत की उम्मीद नहीं
राजधानी पटना में आज सुबह से बादल छाए रहे, जिससे लोगों को थोड़ी राहत की उम्मीद जगी। लेकिन मौसम विभाग ने साफ कर दिया कि यह बादल केवल सतही स्तर के हैं और इनसे किसी प्रकार की वर्षा या आंधी की संभावना नहीं है।
“बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाओं का प्रवाह कमजोर है, जिससे बादल तो हैं लेकिन वर्षा की स्थिति नहीं बन रही,” – मौसम विभाग, पटना
गर्मी और उमस – डबल अटैक
इस समय बिहार में दिन के समय तेज धूप और रात में उमस भरी हवा का असर दिख रहा है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है और नमी के कारण हीट इंडेक्स खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है।
यह स्थिति खासतौर पर निम्नलिखित वर्गों के लिए खतरनाक है:
-
खुले में काम करने वाले मजदूर
-
बच्चे और बुजुर्ग
-
पहले से बीमार लोग, खासकर हृदय और अस्थमा रोगी
वज्रपात और आंधी की कोई संभावना नहीं
मई महीने में बिहार में कई जगह आंधी और वज्रपात की घटनाएं देखने को मिली थीं, लेकिन जून की शुरुआत में मौसम शांत और सूखा बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि इस समय किसी भी बड़े निम्न दबाव वाले तंत्र के विकसित होने की संभावना नहीं है।
यह परिस्थिति मानसून के पहले आने वाले अंतराल (Pre-monsoon lull) को दर्शाती है, जो अक्सर गर्मी बढ़ने का कारण बनती है।
जिला वार पूर्वानुमान (District-wise Forecast):
पटना:
-
अधिकतम तापमान: 41°C | न्यूनतम: 29°C
-
बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश नहीं
-
उमस बढ़ेगी, विशेष सावधानी की आवश्यकता
गया:
-
अधिकतम तापमान: 42°C
-
सूखी गर्म हवाएं चलेंगी
-
किसानों और मजदूरों को सावधानी बरतने की सलाह
मुजफ्फरपुर और दरभंगा:
-
तापमान 40°C के आसपास
-
दिन में गर्मी, शाम को हल्की हवा
-
बारिश की कोई संभावना नहीं
भागलपुर और पूर्णिया:
-
आंशिक बादल, अधिकतम तापमान 39-40°C
-
उच्च नमी स्तर से परेशानी बढ़ेगी
स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट – हीटस्ट्रोक से बचें
बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने हीटवेव अलर्ट जारी किया है और लोगों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:
-
खूब पानी पिएं – कम से कम 3-4 लीटर रोज़
-
धूप में निकलते समय छाता, टोपी या गमछा लें
-
हल्के और ढीले कपड़े पहनें
-
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
“ग्रामीण क्षेत्रों में PHC को अलर्ट पर रखा गया है और ORS, ग्लूकोज व IV फ्लूड की व्यवस्था की गई है” – स्वास्थ्य विभाग अधिकारी
कृषि पर असर – लाभ भी, नुकसान भी
बिहार की खेती मानसून पर निर्भर है। इस सूखे और गर्म मौसम का कृषि पर मिश्रित प्रभाव देखने को मिल रहा है:
-
फायदा: खेतों की जुताई और रबी फसलों की कटाई में सुविधा
-
नुकसान: बारिश नहीं होने से धान जैसे खरीफ फसलों की बुवाई में देरी
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि:
-
मानसून की आधिकारिक सूचना के बाद ही बुवाई शुरू करें
-
मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए पारंपरिक तकनीकें अपनाएं
मानसून कब आएगा बिहार?
6 जून तक मानसून केरल और दक्षिण भारत के हिस्सों में पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार:
-
बिहार में मानसून के 15 जून से 20 जून के बीच पहुंचने की संभावना है
-
बंगाल की खाड़ी में अभी पर्याप्त सिस्टम विकसित नहीं हुआ है
-
ला नीना नहीं होने के कारण बारिश के पैटर्न में हल्की देरी हो सकती है
सरकारी तैयारी – गर्मी से निपटने के लिए कदम
राज्य सरकार ने गर्मी से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं:
-
पानी की कमी वाले क्षेत्रों में टैंकर भेजे गए
-
स्कूलों में हीट वेव से सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान
-
बिजली विभाग को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश
-
ज़रूरत पड़ने पर स्कूलों में गर्मी की छुट्टी की घोषणा संभव
जनता के लिए सुझाव (Public Advisory):
-
रोज़ाना मौसम की जानकारी IMD वेबसाइट और मोबाइल ऐप से लें
-
अत्यधिक पसीना आने पर तुरंत आराम करें और पानी पिएं
-
बच्चों और बुजुर्गों को सीधे धूप से बचाएं
-
बिजली के लोड बढ़ने से कटौती हो सकती है, सतर्क रहें
बिहार अगले कुछ दिनों तक लू, उमस और बिजली कटौती की मार झेलेगा। मानसून की दस्तक अभी दूर है और तब तक लोगों को सावधानी और जागरूकता के साथ दिन गुजारने होंगे।
KKNLive आने वाले दिनों में मौसम, मानसून और सरकार की तैयारियों पर लगातार अपडेट देता रहेगा।



