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ईवीएम पर उम्मीदवारों के कलर फोटो होंगे, बिहार विधानसभा चुनाव से होगी शुरुआत

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भारत निर्वाचन आयोग ने एक अहम फैसला लिया है, जिसके तहत आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में अब ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) पर उम्मीदवारों के नाम और चुनाव चिह्न के साथ उनके रंगीन फोटो भी लगाए जाएंगे। यह नया कदम मतदाताओं को उनके पसंदीदा उम्मीदवार की पहचान में मदद करेगा। बिहार में इसके साथ ही यह प्रक्रिया लागू होगी और इसके बाद दूसरे राज्यों में भी इसे अपनाया जाएगा।

निर्वाचन आयोग का निर्णय: उम्मीदवारों के कलर फोटो की अहमियत

भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए इस फैसले की जानकारी दी। आयोग का कहना है कि एक ही नाम वाले कई उम्मीदवार होने से मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा होती है, और इसके कारण कई बार वोटर गलती से किसी अन्य उम्मीदवार को वोट दे देते हैं। इस समस्या का समाधान निकालने के लिए अब ईवीएम पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के रंगीन फोटो लगाए जाएंगे, ताकि मतदाता आसानी से अपने पसंदीदा उम्मीदवार को पहचान सकें और सही वोट डाल सकें।

इस बदलाव का फायदा खासकर उन मतदाताओं को होगा जो पहले नाम या चुनाव चिह्न के आधार पर भ्रमित हो जाते थे। उम्मीदवार के नाम, चुनाव चिह्न और फोटो को एक साथ देख कर वोट डालने की प्रक्रिया और सरल होगी।

आधिकारिक घोषणा और उम्मीदवारों की पहचान में सुधार

निर्वाचन आयोग का कहना है कि उम्मीदवारों की फोटो को उनकी पहचान स्पष्ट करने के लिए तीन-चौथाई हिस्से में लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता उम्मीदवार की शक्ल स्पष्ट रूप से देख सकें। चुनाव आयोग का मानना है कि इससे वोटरों को चुनावी प्रक्रिया में बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा और वे सही उम्मीदवार का चयन कर सकेंगे।

साथ ही, उम्मीदवारों के नाम और नोटा (नोट ऑफ़ वोटिंग एजेंसी) को एक ही फॉन्ट और आकार में प्रिंट किया जाएगा। इस तरह से सभी उम्मीदवारों के नाम और उनके चुनावी चिन्ह की पहचान में कोई भी मुश्किल नहीं होगी। वोटिंग के समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उम्मीदवारों के नाम को पढ़ने में कोई भी दिक्कत न हो, इसलिए उनका फॉन्ट साइज 30 रखा जाएगा।

ईवीएम पेपर की गुणवत्ता और मानक तय

निर्वाचन आयोग ने ईवीएम पेपर की गुणवत्ता को भी मानकीकरण किया है। अब चुनावी बैलेट पेपर का वजन 70 जीएसएम होगा, जो हल्का होने के साथ-साथ मजबूत भी होगा। बिहार विधानसभा चुनावों के लिए विशेष गुलाबी रंग के कागज का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और स्पष्ट बनाया जा सके।

इस सुधार का उद्देश्य मतदान की प्रक्रिया को सरल और पहचान योग्य बनाना है, ताकि कोई भी मतदाता गलती से अपना वोट न डाल दे और सही उम्मीदवार का चयन कर सके।

हमनाम उम्मीदवारों से होने वाले भ्रम का समाधान

भारतीय चुनावों में यह एक आम समस्या रही है कि एक ही नाम वाले कई उम्मीदवार एक साथ खड़े हो जाते हैं। इससे मतदाताओं को पहचानने में परेशानी होती है और कई बार गलत उम्मीदवार को वोट मिल जाता है। खासकर तब जब उम्मीदवारों का नाम समान हो या उनका चुनाव चिह्न एक जैसा हो, तो मतदाता अक्सर भ्रमित हो जाते हैं।

अब ईवीएम पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें होने से यह समस्या खत्म हो जाएगी। इस बदलाव से मतदाता आसानी से उम्मीदवार की तस्वीर को देखकर अपनी पसंदीदा उम्मीदवार को पहचान सकेंगे और वोट डालने में कोई गलती नहीं करेंगे। यह सुधार न केवल चुनावी प्रक्रिया को बेहतर बनाएगा, बल्कि मतदाता के अधिकार को भी सुनिश्चित करेगा।

वोटिंग प्रक्रिया में सुधार और मतदाताओं को मिलेगी सुविधा

इस बदलाव से खासकर ग्रामीण और नए मतदाताओं को काफी राहत मिलेगी। कई बार कम पढ़े-लिखे मतदाता, जिन्हें नाम और चुनाव चिन्ह के आधार पर पहचान में परेशानी होती है, अब एक तस्वीर के जरिए सही उम्मीदवार को पहचान सकेंगे। इसके अलावा, जिनका नजर कमजोर है, उनके लिए भी यह एक उपयोगी बदलाव होगा, क्योंकि वे अब फोटो देखकर सही उम्मीदवार का चयन कर सकेंगे।

इसके साथ ही, यह सुधार वृद्ध मतदाताओं और दिव्यांग मतदाताओं के लिए भी सहायक होगा। चुनाव आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी वर्गों के मतदाता, चाहे वे किसी भी पृष्ठभूमि से हों, चुनाव में पूरी तरह से भागीदारी कर सकें और सही उम्मीदवार का चुनाव कर सकें।

बिहार विधानसभा चुनाव और आगामी चुनावों में लागू होगा नया सिस्टम

बिहार विधानसभा चुनावों की घोषणा अगले महीने यानी अक्टूबर में हो सकती है। इस बार मतदान प्रक्रिया में बदलाव किए जाएंगे, जिनमें उम्मीदवारों के कलर फोटो वाली ईवीएम का उपयोग प्रमुख है। इसके बाद, यह प्रक्रिया देश के अन्य राज्यों में भी अपनाई जाएगी।

चुनाव आयोग ने बताया कि आगामी 2026 में पश्चिम बंगाल, असम, केरल, पुदुचेरी और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। इन चुनावों में भी ईवीएम पर उम्मीदवारों के कलर फोटो लगाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

निर्वाचन आयोग की निरंतर कोशिशें और सुधार

भारत निर्वाचन आयोग समय-समय पर चुनावी प्रक्रिया को सुधारने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाता आया है। पहले भी ईवीएम का उपयोग शुरू किया गया था, और अब रंगीन तस्वीरों के प्रयोग से यह प्रक्रिया और अधिक सुगम और पारदर्शी हो जाएगी। आयोग का उद्देश्य है कि भारत में हर चुनाव पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो।

इसके साथ ही, निर्वाचन आयोग बिहार में विशेष रूप से मतदाता सूची की विशेष समीक्षा (SIR) करवा रहा है, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी। 30 सितंबर को इस सूची का प्रकाशन होगा, और उसके बाद चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाएगी।

ईवीएम पर उम्मीदवारों के रंगीन फोटो लगाने से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता आएगी। यह बदलाव मतदाताओं को बेहतर तरीके से पहचानने में मदद करेगा और उन्हें सही उम्मीदवार का चयन करने की सुविधा प्रदान करेगा। इससे न केवल मतदाता की पहचान में आसानी होगी, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी या गलती की संभावना भी कम हो जाएगी।

निर्वाचन आयोग का यह कदम भारतीय चुनाव प्रणाली में एक अहम बदलाव साबित होगा। बिहार विधानसभा चुनाव से इसकी शुरुआत हो रही है और इसके बाद पूरे देश में इसे अपनाया जाएगा। यह सुधार भारतीय चुनावों को और अधिक विश्वसनीय और सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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