होमBiharIRCTC वेबसाइट और ऐप पर तकनीकी समस्याए के कारण दिवाली और छठ...

IRCTC वेबसाइट और ऐप पर तकनीकी समस्याए के कारण दिवाली और छठ के टिकट बुकिंग में देरी

Published on

18 अक्टूबर 2025 को दिवाली और छठ के लिए घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों को भारतीय रेलवे कैटरिंग और टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर गंभीर तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने पाया कि टिकट बुक करने में काफी देरी हो रही थी क्योंकि वेबसाइट और ऐप दोनों ही धीमे हो गए थे। लाखों यात्रियों ने एक साथ वेबसाइट पर लॉगिन किया, जिससे सर्वर पर दबाव बढ़ गया और कई यूज़र्स को वेबसाइट का रिस्पॉन्स नहीं मिल पाया। इसके कारण लोग अपनी यात्रा की योजना को लेकर काफी परेशान हो गए और सोशल मीडिया पर इस समस्या के बारे में शिकायतें और स्क्रीनशॉट्स फैलने लगे।

क्यों हुआ ये तकनीकी व्यवधान?

यह समस्या मुख्य रूप से यात्री संख्या में भारी वृद्धि के कारण उत्पन्न हुई। सामान्य दिनों में भी IRCTC वेबसाइट पर ट्रैफिक अधिक होता है, लेकिन जैसे ही दिवाली और छठ जैसे त्योहारों का समय आता है, यह ट्रैफिक और भी ज्यादा बढ़ जाता है। खासकर जब तात्कालिक (Tatkal) टिकट बुकिंग की प्रक्रिया शुरू होती है, तो सर्वर पर भारी दबाव पड़ता है। तात्कालिक टिकट की बुकिंग AC क्लास के लिए सुबह 10 बजे शुरू होती है, जबकि स्लीपर क्लास के लिए यह प्रक्रिया 11 बजे होती है। 18 अक्टूबर को, टिकट बुक करने के लिए यात्रियों का अचानक आना सर्वर के लिए भारी पड़ गया और कई बार वेबसाइट क्रैश हो गई या बहुत धीमी हो गई, जिससे टिकट बुक करने में यात्रियों को काफी परेशानी हुई।

पटना में स्थिति और अधिक गंभीर

पटना जिले में स्थिति और भी खराब रही, जहां रोजाना लगभग 6,000 टिकट बुकिंग होती है। शुक्रवार को इस संख्या में भारी वृद्धि होने के कारण, पटना में यात्रियों को IRCTC वेबसाइट और ऐप पर बुकिंग में भारी व्यवधान का सामना करना पड़ा। दिवाली और छठ के अवसर पर, पटना से यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष रूप से इस तकनीकी समस्या से नुकसान हुआ। कई यात्रियों ने बताया कि उन्होंने वेबसाइट पर लॉगिन किया लेकिन वेबसाइट का रिस्पॉन्स नहीं मिला, जिससे उनकी यात्रा की योजना अधूरी रही।

यात्रियों की सहायता के लिए रेलवे ने उठाए कदम

इस स्थिति से निपटने के लिए रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को IRCTC द्वारा प्रदान किए गए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की सलाह दी। हेल्पलाइन नंबर 14646, 08044647999 और 08035734999 उपलब्ध थे। इसके अलावा, यात्रियों को अपने मुद्दों को etickets@irctc.co.in पर ईमेल करने की भी सलाह दी गई। रेलवे अधिकारियों ने यह भी सुझाव दिया कि जिन यात्रियों को ऑनलाइन बुकिंग में समस्याएं आ रही थीं, वे सीधे रेलवे काउंटर से टिकट खरीद सकते थे। इससे वे अपनी यात्रा में किसी प्रकार की देरी या रद्दीकरण से बच सकते थे।

रेलवे अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि वे भविष्य में ऐसे व्यवधानों को कम करने के लिए सर्वर क्षमता बढ़ाने और तकनीकी ढांचे को सुधारने के लिए कदम उठा रहे हैं। उनका उद्देश्य त्योहारों के दौरान यात्रियों को एक सुगम और निर्बाध टिकट बुकिंग अनुभव प्रदान करना है।

विशेषज्ञों की सलाह: त्योहारों के दौरान टिकट बुकिंग के लिए टिप्स

विशेषज्ञों के अनुसार, दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान टिकट बुकिंग वेबसाइट पर उच्च ट्रैफिक की समस्या आम बात है। ऐसे समय में, यात्रियों को पहले से अपनी यात्रा की योजना बना लेनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्राउज़र कैश को क्लियर करना और कम भीड़ वाले समय में टिकट बुक करने से इस समस्या से बचा जा सकता है।

तात्कालिक टिकट बुकिंग के दौरान विशेष रूप से धैर्य रखने की आवश्यकता होती है, क्योंकि इन टिकटों की मांग अधिक होती है। यदि वेबसाइट या ऐप पर कोई समस्या आती है, तो हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करके यात्रियों को सहायता मिल सकती है। इसके अलावा, यदि टिकट बुकिंग में कोई दिक्कत होती है, तो यात्रियों को इन हेल्पलाइन नंबरों पर जल्दी से संपर्क करना चाहिए, जिससे उनकी समस्या जल्दी हल हो सके।

भविष्य में टिकट बुकिंग प्रक्रिया को बेहतर बनाने की दिशा में कदम

दिवाली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान आई इस तकनीकी समस्या ने यह स्पष्ट कर दिया कि उच्च ट्रैफिक वाले समय में रेलवे बुकिंग वेबसाइट पर सिस्टम को मजबूत करने की आवश्यकता है। हालांकि इस बार यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन रेलवे अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि वे भविष्य में ऐसे व्यवधानों से बचने के लिए आवश्यक उपायों को लागू करेंगे।

रेलवे ने पहले ही अपनी वेबसाइट और सर्वर क्षमता को बढ़ाने के लिए योजनाएं बनाई हैं, ताकि भविष्य में ऐसे मुद्दों से बचा जा सके। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उच्च ट्रैफिक वाले समय में भी टिकट बुकिंग का अनुभव सहज और बिना किसी परेशानी के हो। त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए, रेलवे बुकिंग प्रणाली में सुधार किए जाने की उम्मीद है ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को बिना किसी समस्या के यात्रा करने का अवसर मिल सके।

इस बार IRCTC वेबसाइट और ऐप पर आई तकनीकी समस्याओं ने यात्रियों के लिए काफी असुविधा पैदा की। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने इसे लेकर त्वरित कदम उठाए और यात्रियों को हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से सहायता प्रदान की। अब यह देखना होगा कि रेलवे अपनी प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए आगे क्या कदम उठाता है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अग्रिम योजना बनाएं, ब्राउज़र कैश क्लियर करें और कम ट्रैफिक वाले समय में टिकट बुक करने की कोशिश करें।

इस तरह, यात्रियों को भविष्य में एक और बेहतर और परेशानी मुक्त यात्रा अनुभव मिलने की उम्मीद है, जो त्योहारों के दौरान ट्रेन टिकट बुकिंग प्रक्रिया को और भी आसान और सुगम बना सके।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

तीस मिनट में 9 मीटर पानी! क्या हिमालय बदल रहा है?

26 अगस्त 2026 को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने हिमालय की...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

More like this

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

एनर्जी ड्रिंक से पैकेटबंद खाने तक: सुविधा के नाम पर शरीर के साथ कितना बड़ा सौदा?

बाजार की चमकदार पैकेजिंग के भीतर छिपी चीनी, नमक, वसा और कैफीन शरीर को...

डायबिटीज लाइलाज है या इलाज का तरीका पुराना पड़ चुका है?

भारत में 101 मिलियन लोगों को डायबिटीज, 136 मिलियन प्री-डायबिटीज की जद में; दुनिया...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

बिहार की जेन-जी के सामने सबसे बड़ा सवाल: नौकरी मिलेगी या भविष्य बदलेगा?

सम्राट चौधरी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल, शिक्षा, इंटर्नशिप और परीक्षा सुधार...

पढ़ाई महंगी, नौकरी और परीक्षा पर भरोसा भी संकट में

कैंपस से सड़क तक बढ़ती बेचैनी सिर्फ बेरोजगारी की कहानी नहीं; यह उस पीढ़ी...

मीनापुर में बनेगा शहीद स्मृति पार्क, रामपुरहरि में प्रस्तावित है भव्य तोरण द्वार

अमर शहीद जुब्बा सहनी, वांगुर सहनी और पंडित सहदेव झा समेत स्वतंत्रता सेनानियों की...

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...

मीनापुर में गूंजा जश्न-ए-आजादी: शहीद स्मृति पार्क और भव्य तोरण द्वार बनाने का ऐलान

क्रांति महोत्सव-2026 में विधायक अजय कुमार ने की घोषणा, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी बोले—राजकीय...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...