बिहार में दो वोटर आईडी कार्ड के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का नाम दो अलग-अलग मतदाता सूचियों में दर्ज है और उनके पास दो EPIC नंबर भी हैं। इसके अलावा, दोनों सूचियों में उनकी उम्र में भी अंतर बताया गया है।
तेजस्वी यादव का आरोप
रविवार को तेजस्वी यादव ने कहा कि विजय कुमार सिन्हा का नाम पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र और लखीसराय निर्वाचन क्षेत्र दोनों में है। उन्होंने दावा किया कि यह चुनावी नियमों का उल्लंघन है और इस पर चुनाव आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए।
उपमुख्यमंत्री का स्पष्टीकरण
कुछ ही घंटों बाद विजय कुमार सिन्हा मीडिया के सामने आए और सफाई दी। उन्होंने स्वीकार किया कि उनका नाम दो जगह दर्ज है, लेकिन स्पष्ट किया कि उन्होंने पटना से नाम हटाने के लिए पहले ही आवेदन दे दिया है।
उन्होंने कहा कि अभी मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन नहीं हुआ है और सुधार की प्रक्रिया चल रही है। “मैंने नाम हटाने के लिए फॉर्म भर दिया है और प्रक्रिया पूरी होने पर नाम हटा दिया जाएगा,” उन्होंने कहा।
दस्तावेज़ और आवेदन की जानकारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी सीएम ने कागज़ात दिखाते हुए कहा कि 30 अप्रैल 2024 को उन्होंने लखीसराय में नाम जोड़ने और पटना से हटाने के लिए फॉर्म भरा था। किसी कारणवश नाम नहीं हट पाया।
जब प्रारूप मतदाता सूची आई तो परिवार ने जानकारी दी कि उनका नाम अभी भी पटना में दर्ज है। इसके बाद उन्होंने 5 अगस्त 2025 को खुद BLO को बुलाकर Form-7 भरकर रिसीविंग ली और नाम हटाने का अनुरोध किया।
उन्होंने स्पष्ट कहा, “मैंने पिछली बार भी केवल लखीसराय से वोट किया था और इस बार भी वहीं से करूंगा।”
कानूनी प्रतिनिधि की राय
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद एक वकील ने बताया कि जब BLO घर पर जाते हैं तो अक्सर नाम उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर जोड़ दिया जाता है, भले ही फॉर्म न भरा गया हो। अगर ऐसा नाम आ भी गया तो उसे हटाने के लिए प्रक्रिया मौजूद है और डिप्टी सीएम ने वह पूरी कर ली है।
विपक्ष पर हमला
विजय कुमार सिन्हा ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “इनको माफी मांगनी चाहिए। इस तरह के झूठे आरोप लोकतंत्र को कमजोर करते हैं।” उन्होंने तेजस्वी यादव को ‘जंगलराज के युवराज’ बताते हुए कहा कि बीजेपी लोकतंत्र की प्रहरी है और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करती है।
उन्होंने कहा, “दो जगह से वोट देना हमारा संस्कार नहीं, बल्कि उनका है। हम संवैधानिक संस्थाओं की मदद करते हैं, उनका अपमान नहीं करते।”
मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया
डिप्टी सीएम ने बताया कि चुनाव आयोग ने एक महीने का समय संशोधन और सुधार के लिए दिया है। इसी अवधि में उन्होंने BLO को लिखित में सुधार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि यह समय इसलिए दिया जाता है ताकि किसी भी गलती को ठीक किया जा सके।
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने दस्तावेज़ और तारीखों के साथ यह साफ कर दिया कि उन्होंने दोहरी मतदाता सूची की गलती को सुधारने के लिए समय पर आवेदन दिया है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे जनता को भ्रमित करने के बजाय रचनात्मक राजनीति करें।
