होमAccidentDarbhanga Drowning : बेलाही धार में नहाने गए 5 बच्चे डूबे, 4...

Darbhanga Drowning : बेलाही धार में नहाने गए 5 बच्चे डूबे, 4 की मौत

Published on

बिहार के दरभंगा जिले में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। गौड़ाबौराम प्रखंड के कसरौड़ बसौली गांव स्थित Belahi Dhaar Tragedy में नहाने गए पांच बच्चों में से चार की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना दोपहर के समय हुई जब बच्चे स्नान करने नदी में उतरे थे।

गांव में मातम का माहौल है और हर घर से रोने-बिलखने की आवाज़ें आ रही हैं।

कैसे हुआ हादसा

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पांचों बच्चे नहाते-नहाते गहरे पानी में चले गए। सभी डूबने लगे तो वहां मौजूद 14 वर्षीय रोहित कुमार ने हिम्मत दिखाई और नदी में कूद गया।

रोहित ने राहुल और अनीता नाम के दो बच्चों को डूबने से बचा लिया। लेकिन जब दो और बच्चे उसकी गर्दन से लटक गए तो वह खुद भी पानी में डूब गया।

रोहित की इस बहादुरी को गांववाले “कुर्बानी” मान रहे हैं, जिसने दो मासूमों की जान बचा ली।

मृतकों की पहचान

Bihar Children Drowning Incident में जिन चार बच्चों की मौत हुई, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है –

  • रोहित कुमार (14 वर्ष), पिता जयशंकर मुखिया

  • अंशु कुमारी (12 वर्ष), पिता प्रमोद मुखिया

  • लक्ष्मी कुमारी (14 वर्ष), पिता नारायण मुखिया

  • शीतल कुमारी (14 वर्ष), पिता स्व. चंदू मुखिया

बचे हुए दो बच्चों – राहुल और अनीता – को रोहित ने अपनी जान देकर सुरक्षित बाहर निकाला।

एनडीआरएफ टीम की देरी पर सवाल

घटना की सूचना तुरंत प्रशासन को दी गई थी। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि एनडीआरएफ की टीम चार घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंची।

इस दौरान ग्रामीणों ने खुद स्थानीय गोताखोरों की मदद ली। कई घंटे की मशक्कत के बाद देर शाम सभी शवों को बाहर निकाला जा सका।

लोगों में गुस्सा है कि अगर समय पर मदद मिलती तो शायद कुछ बच्चों को बचाया जा सकता था।

गांव में मातम और आक्रोश

कसरौड़ बसौली गांव गमगीन है। चार मासूम बच्चों के शव जब घर पहुंचे तो हर आंख नम हो गई। रोहित की बहादुरी को लेकर गांववाले कह रहे हैं कि उसकी याद हमेशा अमर रहेगी।

वहीं, प्रशासन की लापरवाही को लेकर लोग नाराज़ भी हैं। कई ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर रोक के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।

प्रशासन की पुष्टि

गौड़ाबौराम के अंचल अधिकारी अभिषेक आनंद ने बताया कि शवों की पहचान कर ली गई है। उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है।

प्रशासन की ओर से परिवारों को सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।

सुरक्षा को लेकर सवाल

इस Belahi Dhaar Tragedy ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरभंगा और आसपास के गांवों में बच्चे अक्सर नदी और धार में नहाने जाते हैं। सुरक्षा इंतज़ाम न होने की वजह से ऐसे हादसे बार-बार होते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि गहरे पानी में स्नान को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी है। सरकार को चेतावनी बोर्ड और बाड़ जैसी व्यवस्थाएं करनी चाहिए।

Darbhanga Drowning News ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है। चार परिवारों ने अपने मासूम बच्चों को खो दिया, वहीं रोहित कुमार की बहादुरी को हमेशा याद किया जाएगा जिसने दो बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान दे दी।

अब जरूरत है कि प्रशासन तेजी से कार्रवाई करे और ऐसे हादसों को रोकने के लिए स्थायी इंतज़ाम करे, ताकि किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में बड़ा फैसला: साक्ष्यों के अभाव में छह आरोपी बरी, कोर्ट ने जांच और अभियोजन पर उठाए सवाल

आठ साल पुराने चर्चित हत्याकांड में अदालत का फैसला KKN ब्यूरो। बिहार के मुजफ्फरपुर शहर...

मीनापुर के प्रथम विधायक जनक सिंह की 112वीं जयंती पर ‘अग्रदूत’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

मीनापुर के प्रथम विधायक को श्रद्धांजलि, 'अग्रदूत' पुस्तक बनी उनकी विरासत का दस्तावेज़ KKN ब्यूरो।...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

More like this

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...