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मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने किया Ganga किनारे बाढ़ प्रभावित जिलों का एरियल सर्वे

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मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वे किया। उन्होंने Ganga नदी के किनारे स्थित जिलों की हवाई निगरानी कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों की प्रगति पर जानकारी ली।

बिहार में इस समय पटना सहित 10 जिलों के 26 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चल रहे हैं।

पटना से भागलपुर तक का हवाई सर्वे

Nitish Kumar ने पटना से लेकर भागलपुर तक Ganga किनारे बाढ़ की चपेट में आए क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिलों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और राहत कार्यों में तेजी लाने का आदेश दिया।

एरियल सर्वे के समय मुख्यमंत्री के साथ जल संसाधन मंत्री, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव और मुख्यमंत्री सचिवालय के पदाधिकारी मौजूद थे।

मौसम के कारण एक दिन की देरी

मुख्यमंत्री बुधवार को ही बाढ़ प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वे करने वाले थे, लेकिन खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर नहीं उड़ सका।

इसके बजाय Nitish Kumar ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों को अनुग्रहित राहत राशि जल्द से जल्द देने का निर्देश दिया और अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा।

बाढ़ के पीछे का कारण

नेपाल और पड़ोसी राज्यों में हुई अत्यधिक बारिश के साथ बिहार में सक्रिय मानसून ने बाढ़ की स्थिति को गंभीर बना दिया है।

Ganga के किनारे के 10 जिले – भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार – इस समय बाढ़ की चपेट में हैं।

दियारा इलाकों में सबसे ज्यादा संकट

दियारा क्षेत्रों के लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं। पानी भर जाने के कारण कई परिवारों को ऊंचे स्थानों पर पलायन करना पड़ा है।

खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है।

राहत और बचाव कार्य तेज

सरकारी एजेंसियां, NDRF और SDRF की टीमें बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान चला रही हैं।

लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अस्थायी राहत शिविरों में पीने का पानी, भोजन और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश

Nitish Kumar ने अधिकारियों से कहा कि राहत और बचाव कार्य में कोई ढिलाई न हो। उन्होंने जिलों के प्रशासन और राज्य स्तरीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अधिकारी खुद मैदान में रहकर कार्यों की निगरानी करें और प्रभावित लोगों से सीधे संपर्क में रहें।

Nitish Kumar का यह एरियल सर्वे इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति पर गंभीरता से नजर बनाए हुए है। 26 लाख से अधिक लोगों को प्रभावित करने वाली इस आपदा से निपटने के लिए तेज और समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रभावित परिवार को राहत से वंचित नहीं रखा जाएगा और सरकार पूरी तत्परता से इस संकट से निपटेगी।

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