होमBiharबिहार मौसम अपडेट: बारिश और आंधी के कारण  गर्मी से राहत

बिहार मौसम अपडेट: बारिश और आंधी के कारण  गर्मी से राहत

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क | भीषण गर्मी से जूझ रहे बिहारवासियों के लिए राहत की खबर है। पिछले दो दिनों से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अधिकतर जिलों में तापमान में गिरावट आई है और बारिश के साथ तेज हवाएं चली हैं।

आज, 29 अप्रैल, को भी राज्य के कई जिलों में बारिश, मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। इससे लोगों को गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन कुछ खतरे भी बढ़े हैं।

किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग (IMD) ने बिहार के कई प्रमुख जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिनमें शामिल हैं:

  • पटना

  • नालंदा

  • शेखपुरा

  • जमुई

  • नवादा

  • दरभंगा

इन जिलों में आज सुबह से लेकर दोपहर तक 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने, हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी गई है।

लोगों से आग्रह किया गया है कि वे घरों के अंदर ही रहें और बिना जरूरी काम के बाहर न निकलें।

येलो अलर्ट किन जिलों में

इसके अलावा मौसम विभाग ने निम्नलिखित जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है:

  • मुजफ्फरपुर

  • मुंगेर

  • वैशाली

  • बांका

  • भागलपुर

यहां भी हल्की बारिश के साथ वज्रपात की संभावना है। हालांकि इन इलाकों में खतरे की तीव्रता ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों से कम बताई गई है, फिर भी सतर्कता जरूरी है।

अन्य जिलों में भी बारिश और आंधी का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के कई अन्य जिलों में भी आज हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और बिजली चमकने की संभावना है। इनमें शामिल हैं:

  • पश्चिमी चंपारण

  • पूर्वी चंपारण

  • शिवहर

  • सीतामढ़ी

  • मधुबनी

  • कैमूर

  • रोहतास

  • औरंगाबाद

  • गया

  • नवादा

  • पूर्णिया

  • कटिहार

  • किशनगंज

  • सुपौल

  • अररिया

यहां भी हवा की गति 30-40 किमी/घंटा के बीच रहने की संभावना है।

किसानों के लिए राहत की खबर

गर्मी और सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। खेतों में नमी बढ़ने से फसलें जैसे कि मक्का, सब्जियां और दालों को फायदा मिल सकता है।

हालांकि, लगातार तेज बारिश और वज्रपात से नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित करने के उपाय करें।

नागरिकों के लिए चेतावनी और सुझाव

मौसम विभाग और राज्य प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं:

  • आंधी और वज्रपात के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े न हों।

  • बिजली उपकरणों का इस्तेमाल कम करें।

  • भारी बारिश के समय घर से बाहर निकलने से बचें।

  • तेज हवाओं से बचाव के लिए घर के ढीले सामान को सुरक्षित करें।

  • स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट और सुझावों का पालन करें।

तापमान में आई गिरावट

बारिश और बादलों की वजह से पूरे बिहार में तापमान में कमी दर्ज की गई है। प्रमुख शहरों जैसे पटना, गया, और मुजफ्फरपुर में अधिकतम तापमान अब 30°C से 33°C के बीच रिकॉर्ड किया गया है।

रात के तापमान में भी गिरावट आई है, जिससे लोगों को रात के समय काफी राहत मिली है।

आगामी दिनों का मौसम पूर्वानुमान

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बिहार में अगले 48 से 72 घंटे तक हल्की बारिश और आंधी जारी रह सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने की संभावना है।

हालांकि, अगले सप्ताह एक और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की बारिश के आसार बने रह सकते हैं। इसलिए लोगों को फिलहाल मौसम को लेकर सतर्क रहना होगा।

क्यों जरूरी है मौसम से जुड़ी जागरूकता

बिहार में अचानक बदलते मौसम के चलते अब लोगों के लिए मौसम जागरूकता बेहद जरूरी हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं से पूरी तरह बचाव संभव नहीं है, लेकिन समय रहते सावधानी और तैयारी से जान-माल का नुकसान काफी हद तक रोका जा सकता है।

सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी के साथ आम जनता की जागरूकता भी बेहद अहम है।

बिहार में मौसम ने गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही आंधी, बारिश और वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है। लोगों को चाहिए कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें और सुरक्षित रहें।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

हिंद केसरी यादव: मीनापुर की राजनीति में वह नाम, जिसने आंदोलन को सड़क से सदन तक पहुंचाया

पांचवीं पुण्यतिथि पर दरहीपट्टी में श्रद्धांजलि सभा, वक्ताओं ने कहा—अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

क्या अमेरिका पर भरोसा करने का दौर खत्म हो रहा है? भारत की नई चुनौती

दुनिया की राजनीति में अमेरिका की ताकत पर शायद ही कोई सवाल उठाता है,...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

More like this

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

मीनापुर के युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? गांव से महानगर तक जानिए पलायन की पूरी दास्तान

सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, घर छोड़ने की मजबूरी का है मीनापुर के किसी गांव...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...