होमBiharबिहार हॉलिडे कैलेंडर 2026 : नौकरियों की उम्मीद और त्योहारों पर लंबा...

बिहार हॉलिडे कैलेंडर 2026 : नौकरियों की उम्मीद और त्योहारों पर लंबा अवकाश

Published on

नए साल में प्रवेश से पहले बिहार के लोगों के लिए 2026 को उम्मीदों का वर्ष माना जा रहा है। एक ओर राज्य में बड़े स्तर पर नौकरी देने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर सरकारी कर्मचारियों और छात्रों के लिए छुट्टियों से भरा कैलेंडर सामने आया है। त्योहारों के आसपास लगातार अवकाश मिलने से Work Life Balance बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।

रोजगार को लेकर बढ़ी उम्मीदें

राज्य सरकार ने 2026 में दो लाख से अधिक युवाओं को नौकरी देने की योजना बनाई है। इस घोषणा के बाद युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है। विभिन्न विभागों में Recruitment प्रक्रिया को तेज किए जाने की तैयारी है। सरकार का फोकस समयबद्ध और पारदर्शी नियुक्तियों पर रहेगा।

मुख्यमंत्री Nitish Kumar पहले भी युवाओं को रोजगार देने को प्राथमिकता बता चुके हैं। सरकार का मानना है कि रोजगार बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और सामाजिक स्थिरता आएगी।

सरकारी कर्मचारियों को 54 दिन की छुट्टियां

राज्य सरकार ने वर्ष 2026 के लिए आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर जारी कर दिया है। इसके अनुसार बिहार के सरकारी कर्मचारियों को कुल 54 दिन की छुट्टियां मिलेंगी। इनमें से 10 छुट्टियां रविवार को पड़ रही हैं। इस तरह कुल 44 प्रभावी अवकाश कार्यदिवसों में शामिल होंगे।

कैलेंडर में 11 सामान्य अवकाश शामिल हैं, जिन दिनों सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। इसके अलावा 20 सार्वजनिक अवकाश घोषित किए गए हैं। कर्मचारियों को 22 वैकल्पिक या प्रतिबंधित छुट्टियों का विकल्प भी मिलेगा।

हालांकि, एक कर्मचारी साल में अधिकतम तीन वैकल्पिक छुट्टियों का ही उपयोग कर सकेगा। एक दिन वार्षिक लेखा बंदी के लिए निर्धारित किया गया है, उस दिन भी कार्यालय बंद रहेंगे। अधिकारियों का कहना है कि कैलेंडर में सभी धर्मों और समुदायों के त्योहारों का संतुलन रखा गया है।

शुक्रवार की छुट्टियों से बनेंगे Long Weekend

2026 के हॉलिडे कैलेंडर की खास बात यह है कि 10 छुट्टियां शुक्रवार को पड़ रही हैं। इन्हें शनिवार और रविवार के साथ जोड़कर Long Weekend बनाया जा सकता है। इससे कर्मचारियों को लगातार अवकाश का मौका मिलेगा।

वसंत पंचमी 23 जनवरी को शुक्रवार को है। रमजान का आखिरी जुम्मा 13 मार्च को पड़ेगा। गुड फ्राइडे 3 अप्रैल को रहेगा। मई दिवस और बुद्ध पूर्णिमा 1 मई को मनाई जाएगी। रक्षाबंधन 28 अगस्त को है। जन्माष्टमी 4 सितंबर को पड़ेगी। अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को होगी। गांधी जयंती 2 अक्टूबर को और क्रिसमस 25 दिसंबर को मनाया जाएगा।

त्योहारों पर लगातार अवकाश की सौगात

वर्ष 2026 में कई बड़े त्योहार ऐसे हैं, जिन पर लगातार तीन से चार दिन का अवकाश मिलेगा। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को सोमवार को है। इससे पहले 23 और 24 जनवरी को वैकल्पिक छुट्टियां हैं और 25 जनवरी को रविवार। ऐसे में चार दिन की छुट्टी संभव है।

होली के मौके पर भी राहत मिलेगी। होलिका दहन 2 मार्च को वैकल्पिक अवकाश है। 3 और 4 मार्च को होली मनाई जाएगी। 1 मार्च को रविवार होने से चार दिन का ब्रेक बन सकता है।

मुहर्रम 26 जून को सार्वजनिक अवकाश है। 27 जून वैकल्पिक और 28 जून रविवार है। इससे तीन दिन की छुट्टी मिलेगी। रक्षाबंधन के आसपास अगस्त में छह दिन तक का अवकाश संभव है, यदि कर्मचारी बीच के दिन छुट्टी लें।

दुर्गा पूजा पर 18 से 21 अक्टूबर तक चार दिन की लगातार छुट्टियां रहेंगी। छठ पूजा पर 14 नवंबर को वैकल्पिक और 15 व 16 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश रहेगा, जिससे तीन दिन का ब्रेक मिलेगा।

सरकारी स्कूलों के छात्रों को 65 दिन की छुट्टियां

बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को 2026 में 65 दिन की छुट्टियां मिलेंगी। शिक्षा विभाग की सूची में कुल 75 अवकाश शामिल हैं, जिनमें 10 रविवार हैं। इनमें पर्व, मौसमी अवकाश और सार्वजनिक छुट्टियां शामिल हैं।

अधिकारियों का कहना है कि पढ़ाई और अवकाश के बीच संतुलन बनाए रखा गया है। अभिभावकों और शिक्षकों ने इस कैलेंडर पर संतोष जताया है। उनका मानना है कि तय अवकाश से छात्रों पर पढ़ाई का दबाव कम होगा।

बिहार में सरकारी छुट्टियों के प्रकार

बिहार में सरकारी छुट्टियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। राज्य सरकार द्वारा घोषित राजपत्रित अवकाश होते हैं। इसके अलावा कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार वैकल्पिक अवकाश चुन सकते हैं। साप्ताहिक अवकाश आमतौर पर रविवार को होता है।

कुछ जिलों में स्थानीय स्तर पर विशेष छुट्टियां भी घोषित की जाती हैं। आपदा, चुनाव या विशेष परिस्थितियों में आपात अवकाश भी घोषित किए जाते हैं। इससे प्रशासन को स्थिति के अनुसार निर्णय लेने में सुविधा मिलती है।

सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली छुट्टियां

सरकारी कर्मचारियों को साल में 13 दिन का आकस्मिक अवकाश मिलता है। स्वास्थ्य कारणों से विशेष अवकाश की भी व्यवस्था है। मेडिकल लीव सेवा अवधि में 250 दिन तक मिल सकती है। अर्जित अवकाश को 300 दिन तक जमा किया जा सकता है।

महिला कर्मचारियों को 180 दिन का मातृत्व अवकाश पूरे वेतन के साथ मिलता है। पुरुष कर्मचारियों को दो बच्चों तक 15 दिन का पितृत्व अवकाश दिया जाता है। सरकार का कहना है कि ये प्रावधान कर्मचारियों के कल्याण के लिए जरूरी हैं।

बोधगया में मुख्यमंत्री का धार्मिक दौरा

इसी बीच मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने बोधगया का दौरा किया। उन्होंने Mahabodhi Temple में पूजा-अर्चना की। नई सरकार बनने के बाद यह उनका पहला बोधगया दौरा था।

Bodh Gaya का धार्मिक महत्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है। मुख्यमंत्री का यह दौरा आध्यात्मिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

2026 को लेकर सकारात्मक माहौल

सरकारी कर्मचारी, छात्र और युवा वर्ग 2026 को लेकर सकारात्मक नजर आ रहे हैं। छुट्टियों की बेहतर योजना और रोजगार की संभावनाओं से Response उत्साहजनक है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे अवकाश घरेलू पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे।

कुल मिलाकर, रोजगार योजनाओं और संतुलित हॉलिडे कैलेंडर के साथ 2026 बिहार के लिए अहम साबित हो सकता है। अब सभी की नजरें इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर टिकी हैं।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में बड़ा फैसला: साक्ष्यों के अभाव में छह आरोपी बरी, कोर्ट ने जांच और अभियोजन पर उठाए सवाल

आठ साल पुराने चर्चित हत्याकांड में अदालत का फैसला KKN ब्यूरो। बिहार के मुजफ्फरपुर शहर...

मीनापुर के प्रथम विधायक जनक सिंह की 112वीं जयंती पर ‘अग्रदूत’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

मीनापुर के प्रथम विधायक को श्रद्धांजलि, 'अग्रदूत' पुस्तक बनी उनकी विरासत का दस्तावेज़ KKN ब्यूरो।...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

More like this

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...