बिहार में मानसून अब पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग द्वारा जारी की गई ताजा चेतावनी के मुताबिक, आज यानी बुधवार को बिहार के 25 जिलों में तेज बारिश, बिजली गिरने और तूफानी हवा का अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने इन जिलों में 40 किमी/घंटा तक हवाओं की संभावना जताई है। इसके साथ ही, आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि बारिश का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है, और आने वाले दिनों में और तेज बारिश की संभावना है।
Article Contents
पिछले 24 घंटों में भारी बारिश की स्थिति
बीते 24 घंटे में बिहार के कई जिलों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इनमें सीवान ने सबसे अधिक 90.4 मिमी बारिश दर्ज की, जबकि मधुबनी और पूर्वी चंपारण में 75.6 मिमी बारिश हुई। नालंदा में 74.8 मिमी, कटिहार में 71.4 मिमी और पूर्णिया में 67.6 मिमी बारिश हुई है। यह स्थिति इस बात का संकेत देती है कि मौसम में बदलाव आ चुका है और इसके चलते सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
पूर्णिया में 38 साल बाद रिकॉर्ड बारिश
पूर्णिया में इस बार 38 साल बाद रिकॉर्ड बारिश हुई है। रविवार से लेकर सोमवार तक कुल 270.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो 1987 के बाद सबसे अधिक है। 1987 में 294.9 मिमी बारिश हुई थी। इस भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव हो गया है, और इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भोजपुर में 71 स्कूलों को 9 अगस्त तक बंद कर दिया है। इसके अलावा, बेतिया में सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जहां गंडक नदी का पानी चार फीट तक सड़कों पर बहने लगा है।
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा
उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इससे निचले इलाकों में नदी का पानी घुसने की स्थिति पैदा हो गई है। हालांकि, जल संसाधन विभाग स्थिति पर पूरी निगाह बनाए हुए है और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। विभाग ने तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है और राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की है।
बिहार के अलग-अलग इलाकों में उमस और बाढ़ जैसी स्थिति
बिहार के विभिन्न हिस्सों में मौसम के प्रभाव से उमस और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। नालंदा जिले में सबसे अधिक तापमान 34.5°C दर्ज किया गया, जबकि पटना में तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया है। पटना का तापमान 32.5°C तक पहुंच गया है। गोपालगंज में भी तापमान 35.6°C के आसपास बना हुआ है। इसके अलावा, बक्सर, समस्तीपुर और शेखपुरा में न्यूनतम तापमान 24.5°C रिकॉर्ड किया गया है। यह तापमान और उमस की स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
गंगा नदी के जलस्तर पर मंत्री का बयान
बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने गंगा नदी के जलस्तर पर चिंता जताते हुए कहा कि बिहार में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, झारखंड और नेपाल से नदियों का पानी आता है। इस समय गंगा का जलस्तर कई स्थानों पर बढ़ा हुआ है। विभाग ने बनारस, प्रयागराज (इलाहाबाद) जैसे अपस्ट्रीम क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है। मंत्री ने कहा कि अगले 24 घंटों के भीतर गंगा का जलस्तर घटने की संभावना है, लेकिन विभाग किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
प्रभावी तैयारियां और लोगों की सुरक्षा
बाढ़ के खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है और आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू कर दिए हैं। साथ ही, पेट्रोलिंग भी की जा रही है और राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि हमारी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। अगर कहीं भी बाढ़ की स्थिति बनती है, तो आपदा राहत कार्यों के लिए पहले से ही तैयारियां की जा चुकी हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का भविष्यवाणी: अगले 7 दिनों तक बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिक आशीष कुमार के मुताबिक, मानसून ट्रफ लाइन छपरा और वाल्मीकिनगर के ऊपर से गुजर रही है, जबकि उत्तर-पूर्व बिहार में एक और ट्रफ लाइन सक्रिय है। इसके कारण अगले 7 दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। कुमार ने यह भी बताया कि इस वर्ष बिहार में अब तक 26% कम बारिश हुई है, लेकिन अगस्त में इसकी भरपाई संभव है। अगर अगस्त में अच्छी बारिश होती है, तो इस कमी को पूरा किया जा सकता है।
बिहार में वर्तमान मौसम स्थितियां और बारिश की गति ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। हालांकि, प्रशासन और जल संसाधन विभाग सक्रिय रूप से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और राहत कार्यों के लिए तैयार हैं। बाढ़, जलभराव और गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर चेतावनी जारी की गई है। अब यह महत्वपूर्ण है कि लोग प्रशासन द्वारा जारी की गई सलाहों का पालन करें और सुरक्षित रहें। आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज में और बदलाव हो सकते हैं, लिहाजा लोगों को सतर्क और तैयार रहना चाहिए।



