होमBiharबिहार में छठ पर्व से पहले सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

बिहार में छठ पर्व से पहले सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

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नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने छठ पूजा के त्योहार से पहले सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और अन्य वर्गों के लिए कई महत्वपूर्ण लाभ की घोषणा की है। ये निर्णय राज्य सरकार के कैबिनेट की बैठक में मंजूर किए गए, जिसमें कुल 129 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। इस घोषणा से राज्य के लाखों कर्मचारी और पेंशनर्स को खास राहत मिलेगी, खासतौर पर त्योहारों के मद्देनज़र।

महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी

राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 3% की बढ़ोतरी की घोषणा की है। अब यह महंगाई भत्ता 55% से बढ़कर 58% हो जाएगा। यह वृद्धि 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगी और केंद्र सरकार द्वारा किए गए फैसले के अनुरूप है। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को दीवाली और छठ पूजा के दौरान आर्थिक राहत मिलेगी।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जो वित्त विभाग के प्रमुख हैं, ने इसे “त्योहार का तोहफा” बताते हुए कहा कि यह कदम बिहार के 5 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और 6 लाख पेंशनर्स को फायदा पहुंचाएगा। इस निर्णय के कारण बिहार सरकार पर 917.78 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।

अक्टूबर माह की वेतन अग्रिम भुगतान

एक और अहम घोषणा बिहार सरकार ने की है, जिसमें राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स को अक्टूबर 2025 का वेतन अग्रिम भुगतान के रूप में दिया जाएगा। यह भुगतान 21 अक्टूबर 2025 से शुरू होगा, और इसका उद्देश्य कर्मचारियों को दीवाली और छठ पूजा के दौरान बढ़े हुए घरेलू खर्चों को आसानी से मैनेज करने में मदद करना है।

वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी देरी न हो। इस कदम को लेकर अधिकारियों ने कहा कि यह अग्रिम भुगतान पूरी तरह से मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के अनुरूप है और इससे कोई राजनीतिक फायदा नहीं लिया जाएगा।

छात्रों के लिए स्कॉलरशिप राशि में दोगुनी वृद्धि

बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री बालक/बालिका स्कॉलरशिप योजना के तहत छात्रवृत्तियों की राशि दोगुनी कर दी है, जिससे कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। यह वृद्धि इस प्रकार होगी:

  • कक्षा 1-4: ₹600 से बढ़ाकर ₹1,200 प्रति वर्ष

  • कक्षा 5-6: ₹1,200 से बढ़ाकर ₹2,400 प्रति वर्ष

  • कक्षा 7-8: ₹1,800 से बढ़ाकर ₹3,600 प्रति वर्ष

  • कक्षा 9-10: ₹1,800 से बढ़ाकर ₹3,600 प्रति वर्ष

इस कदम से लगभग ₹99.21 करोड़ का अतिरिक्त खर्च होगा, और इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों को शिक्षा में मदद करना है, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

अतिरिक्त लाभ और घोषणाएँ

राज्य सरकार ने अपनी कैबिनेट बैठक में कई अन्य कल्याणकारी योजनाओं को भी मंजूरी दी:

  • ANM कार्यकर्ताओं के लिए: शहरी क्षेत्रों में संविदा आधारित Auxiliary Nurse Midwife (ANM) कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹11,500 से बढ़ाकर ₹15,000 प्रति माह किया गया, साथ ही 5% वार्षिक वृद्धि का भी प्रावधान किया गया।

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सभी संविदा कर्मचारियों को 10% प्रोत्साहन राशि वृद्धि दी जाएगी।

  • बेरोजगार स्नातकों के लिए: मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत बेरोजगार स्नातकों को दो साल तक ₹1,000 प्रति माह का भत्ता दिया जाएगा।

  • कानून स्नातकों के लिए: 1 जनवरी 2024 के बाद पंजीकरण कराने वाले नए वकीलों को तीन साल तक ₹5,000 प्रति माह की छात्रवृत्ति मिलेगी।

  • बिहार फिल्म और थिएटर संस्थान: फिल्म और थिएटर कला में संस्थागत प्रशिक्षण देने के लिए एक नया संस्थान स्थापित करने की मंजूरी दी गई है।

चुनावी संदर्भ

यह सभी घोषणाएँ बिहार विधानसभा चुनाव से पहले की गई हैं, जो 6 और 11 नवंबर 2025 को होने हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इन घोषणाओं को सत्ताधारी NDA सरकार के लिए रणनीतिक कदम माना जा रहा है। ये कदम सरकार के समर्थन को 5 लाख राज्य कर्मचारियों, लाखों पेंशनर्स और छात्रों के परिवारों में मजबूत करने के लिए उठाए गए हैं, ताकि चुनाव से पहले उनका समर्थन हासिल किया जा सके।

इन लाभों का समय—विशेषकर वेतन अग्रिम और DA वृद्धि का कार्यान्वयन—यह दर्शाता है कि राज्य सरकार त्योहारों के दौरान आर्थिक राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है और यह आगामी चुनावों में राजनीतिक प्रभाव डालने के संभावित प्रयास के रूप में भी देखा जा सकता है।

बिहार सरकार की ये घोषणाएँ सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और छात्रों के लिए एक बड़ी राहत का कारण बनेंगी। छठ पूजा और दीवाली जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के समय में दी गई इन लाभों से राज्य के लाखों परिवारों को फायदा होगा। साथ ही, यह कदम बिहार सरकार के द्वारा चुनावी समय में अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास भी है। महंगाई भत्ते में वृद्धि, अग्रिम वेतन भुगतान, और स्कॉलरशिप राशि में वृद्धि जैसी योजनाएँ यह साबित करती हैं कि सरकार ने लोगों की खुशियों का ध्यान रखते हुए उन्हें उत्सव के मौके पर राहत देने का निर्णय लिया है।

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