होमBiharगांधी मैदान में लग रहा शानदार पुस्तक मेला, क्या आप भी किताबों...

गांधी मैदान में लग रहा शानदार पुस्तक मेला, क्या आप भी किताबों के शौक़ीन हों?

Published on

पटना के गांधी मैदान में इस दिसंबर एक बड़ा और शानदार पुस्तक मेला आयोजित होने जा रहा है, जो साहित्य, कला और स्वास्थ्य को एक मंच पर लाएगा। केंद्रिय पठन पाठन विकास (CRD) 5 से 16 दिसंबर 2025 तक 15 दिन तक चलने वाले इस मेले का आयोजन कर रहा है। इस वर्ष के पुस्तक मेले का थीम “वेलनेस ए वे ऑफ लाइफ” रखा गया है, जो किताबों, स्वास्थ्य और कला के संगम को दर्शाता है।

लेखक, प्रकाशक और कलाकारों का अद्भुत मिलन

रविवार को बैंकिपुर क्लब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेले के अध्यक्ष और प्रसिद्ध लेखक रत्नेश्वर ने इस मेले के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक मेले में भारत भर के 200 से अधिक प्रमुख प्रकाशकों का हिस्सा होगा, जिनमें प्रबात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी, ज्ञानपीठ और उपकार जैसे प्रसिद्ध नाम शामिल हैं। इस मेले में 300 से भी अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पुस्तक परिचर्चाएं, काव्य सत्र, नाटक और फिल्म स्क्रीनिंग शामिल हैं।

मेले में प्रसिद्ध लेखक जैसे नीलोत्पल मृणाल, संजीव पलिवाल, पत्रकार आनंद विजय और आलोचक जय प्रकाश पांडे जैसे हस्तियां मुख्य आकर्षण होंगे। इस वर्ष मेले में एक विशेष पुस्तक “मैं” का विमोचन भी किया जाएगा, जिसे लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। इसके अलावा, इस पुस्तक के विमोचन के लिए “ग्रंथ उदय” नामक एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।

सभी के लिए रोचक कार्यक्रम

पटना पुस्तक मेला विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों से भरपूर होगा। इस मेले में उपस्थित लोग “तेरी मेरी प्रेम कहानी”, “मुशायरा”, “कवि सम्मेलन”, “स्वास्थ्य संवाद”, “सिनेमा-उनेमा”, “आर्ट गैलरी” और “युवा स्वर” जैसे कई दिलचस्प कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे।

पटना साहित्य महोत्सव भी इस मेले का हिस्सा होगा, जिसमें एक राष्ट्रीय मुशायरा आयोजित किया जाएगा। इस मुशायरे में प्रसिद्ध शायर जैसे मुनव्वर राणा, हिमांशी बाबरा, सज्जाद झांझट, प्रेरणा प्रताप और सावन शुक्ला अपने काव्य पाठ करेंगे। इसके अलावा, मेले में शशि भूषण द्विवेदी पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा, जो उत्कृष्ट साहित्यिक कार्य के लिए दिया जाएगा।

स्वास्थ्य और कलात्मक कार्यक्रम

स्वास्थ्य पर आधारित कार्यक्रम भी मेले का अहम हिस्सा होंगे। डॉ. विकास शंकर ने बताया कि इस मेले में प्रमुख डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भाग लेंगे, जो दिल, त्वचा, हड्डियों, पोषण और मधुमेह जैसे स्वास्थ्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह सत्र मेले के स्वास्थ्य थीम को पूरा करेंगे और उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।

साथ ही, “सिनेमा-उनेमा” फिल्म महोत्सव का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें फिल्म विशेषज्ञ कुमार रविकांत ने बताया कि दैनिक रूप से शॉर्ट फिल्म और फीचर फिल्म की स्क्रीनिंग की जाएगी। यह फिल्म महोत्सव फिल्मों के प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन मौका होगा।

आर्ट गैलरी का आयोजन मनीष कुमार द्वारा किया जाएगा, जिसमें बिहार के पद्मश्री पुरस्कार विजेता कलाकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स और मूर्तियों का प्रदर्शन होगा। यह एक शानदार मौका होगा जहां कला प्रेमी बिहार के लोक कला को नजदीक से देख सकते हैं।

सड़क नाटक और काव्य पाठ

पटना पुस्तक मेला युवाओं के लिए भी एक बेहतरीन मंच होगा। हर दिन सड़क नाटक और काव्य पाठ होंगे, जिनमें युवा कलाकार और कवि अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। यह न केवल कलाकारों के लिए एक मंच होगा, बल्कि दर्शकों के लिए भी एक मजेदार और प्रेरणादायक अनुभव होगा।

इसके अलावा, एक विशेष कार्यक्रम “तेरी मेरी प्रेम कहानी” आयोजित किया जाएगा, जिसमें डॉ. कुमार विमलेंदु दुनिया की कुछ प्रसिद्ध प्रेम कहानियों का पाठ करेंगे।

स्कूल महोत्सव और बौद्धिक चर्चाएँ

मेले में बच्चों के लिए एक स्कूल महोत्सव भी आयोजित किया जाएगा, जिसे डॉ. मोनी त्रिपाठी द्वारा आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में स्कूल के बच्चे गीत, नृत्य और नाटक प्रस्तुत करेंगे। यह बच्चों के लिए एक अद्भुत अनुभव होगा, जहां वे अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

इसके अतिरिक्त, “ज्ञान और गुरुकुल” और “संपादक से संवाद” जैसे कार्यक्रमों में विद्वान और पत्रकार विभिन्न विषयों पर खुले विचार-विमर्श करेंगे। इन चर्चाओं का उद्देश्य वर्तमान समय में साहित्य और समाज के बीच के संबंध को समझना होगा।

सभी आयु वर्ग के लिए एक बेहतरीन आयोजन

पटना पुस्तक मेला सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए एक बेहतरीन आयोजन होगा। चाहे आप किताबों के शौक़ीन हों, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों, कला के प्रेमी हों या सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेना पसंद करते हों, इस मेले में सभी के लिए कुछ न कुछ खास होगा।

यह मेले के आयोजन का उद्देश्य न केवल किताबों और साहित्य को बढ़ावा देना है, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य, कला और संस्कृति के प्रति जागरूक करना भी है। इस मेले में आने वाले लोग नई किताबों की खोज कर सकेंगे, अपने पसंदीदा लेखकों से मिल सकेंगे और पढ़ाई के जगत में नये विचारों का आदान-प्रदान कर सकेंगे।

पटना के गांधी मैदान में होने वाला पुस्तक मेला इस वर्ष बहुत ही खास होगा। यह किताबों, कला, स्वास्थ्य और संस्कृति का अद्भुत संगम होगा, जो हर आयु वर्ग के लोगों के लिए एक शानदार अनुभव साबित होगा। इस मेले में दर्शकों को नई किताबें, कला, फिल्में और स्वास्थ्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। यह मेला पटना के सांस्कृतिक और बौद्धिक जीवन को और समृद्ध करेगा और निश्चित रूप से लोगों को एक अद्भुत अवसर प्रदान करेगा।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

More like this

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...