सोमवार, फ़रवरी 16, 2026 8:40 पूर्वाह्न IST
होमAssamअसम, बंगाल और पूर्वांचल में जनसंख्या परिवर्तन गंभीर चिंता का विषय

असम, बंगाल और पूर्वांचल में जनसंख्या परिवर्तन गंभीर चिंता का विषय

Published on

तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने देश के कुछ क्षेत्रों में हो रहे population shift को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि असम, पश्चिम बंगाल और पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में तेजी से हो रहा जनसंख्या परिवर्तन भविष्य में गंभीर internal unrest का कारण बन सकता है। यह मुद्दा सिर्फ आंकड़ों का नहीं बल्कि राष्ट्रीय अखंडता का प्रश्न है, जिस पर अभी से विचार किया जाना चाहिए।

गुजरात के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में छात्रों और फैकल्टी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह बदलाव एक “टाइम बम” की तरह है, जिसे समय रहते डिफ्यूज करना ज़रूरी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी ने बीते 30-40 वर्षों में इन इलाकों में हुई जनसंख्या की प्रवृत्तियों पर ध्यान दिया है? और क्या हम अंदाजा लगा सकते हैं कि अगले 50 वर्षों में यह परिवर्तन देश के लिए क्या परिणाम ला सकता है?

विचारधारा के नाम पर हुआ था विभाजन, अब फिर से खड़ी हो रही वैसी ही स्थिति

राज्यपाल ने भारत के विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की याद दिलाई और कहा कि 1947 का बंटवारा किसी बाहरी ताकत से नहीं, बल्कि आंतरिक असंतोष और विचारधारा की टकराव के चलते हुआ था। कुछ लोगों ने यह मान लिया था कि वे दूसरों के साथ नहीं रह सकते और इस मानसिकता ने देश को दो हिस्सों में बांट दिया।

उन्होंने कहा कि भारत ने सदियों तक बाहरी आक्रमणों का सामना किया है, लेकिन देश तब सबसे अधिक कमजोर हुआ है जब अंदर से विघटन हुआ है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यदि हम इतिहास से सीख नहीं लेंगे, तो आने वाले वर्षों में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।

असम, बंगाल और पूर्वांचल में तेज़ी से बदल रही जनसांख्यिकी

गवर्नर रवि ने खासतौर पर Assam, West Bengal और Purvanchal (उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्से) का उल्लेख करते हुए कहा कि इन इलाकों में हो रहे जनसंख्या के बदलाव को लेकर गंभीरता से अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन प्रवृत्तियों को नजरअंदाज़ किया गया, तो ये भविष्य में national integrity के लिए खतरा बन सकती हैं।

उनके अनुसार यह बदलाव केवल सांख्यिकीय नहीं है, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक संरचना को भी प्रभावित करता है। इस कारण से यह परिवर्तन सामाजिक असंतुलन और संघर्ष का कारण बन सकता है।

केवल सैन्य शक्ति से नहीं सुलझतीं आंतरिक चुनौतियां

पूर्व IPS अधिकारी रहे रवि ने कहा कि किसी देश की military strength तब तक पर्याप्त नहीं होती जब तक वह अपने भीतर की समस्याओं का समाधान न कर सके। उन्होंने Soviet Union का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी 1991 में आंतरिक असंतोष के कारण टूट गया, जबकि उसकी सैन्य शक्ति विश्व में अग्रणी थी।

उनका कहना था कि देश की रक्षा केवल सीमाओं पर तैनात सैनिकों से नहीं होती, बल्कि आंतरिक स्थिरता, सांस्कृतिक संतुलन और वैचारिक एकता से होती है। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार, समाज और शिक्षा संस्थान इस बदलाव पर शोध करें और नीति निर्माण की दिशा में कदम उठाएं।

भाषा को लेकर कटुता भारत की संस्कृति नहीं

राज्यपाल रवि ने language dispute के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में भाषा के नाम पर टकराव होना भारत की परंपरा नहीं है। आजादी के बाद देश में जब राज्यों का पुनर्गठन हुआ तो linguistic identity के नाम पर विभाजन की कोशिशें हुईं, जिसे कुछ लोगों ने linguistic nationalism का नाम दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार का रुख हमेशा सभी भाषाओं को समान सम्मान देने का रहा है। गृह मंत्री अमित शाह ने कई मौकों पर यह कहा है कि भारत की सभी भाषाएं राष्ट्रीय भाषाएं हैं और उन्हें एक जैसा सम्मान मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यही विचार रखा है।

आबादी और पहचान की राजनीति बन सकती है विघटन का कारण

राज्यपाल ने यह भी कहा कि जब population change और identity politics एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो वे भविष्य में संकट पैदा कर सकते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि संवेदनशील क्षेत्रों में हो रहे इन परिवर्तनों की पहचान कर रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाया जाए। इसके लिए proactive governance और inclusive policy-making की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि आज की चुनौतियां केवल सीमा पार से नहीं आतीं, कई बार वे अंदर से ही पनपती हैं। देश को टूटने के लिए किसी बाहरी ताकत की जरूरत नहीं होती, बल्कि आंतरिक असंतुलन ही सबसे बड़ा खतरा बनता है।

समाधान की दिशा में होनी चाहिए नीति और शोध

राज्यपाल रवि ने छात्रों और शिक्षाविदों से अपील की कि वे इन मुद्दों को गहराई से समझें और अपने शोध कार्य में शामिल करें। National Defence University जैसे संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे समाज के सामने मौजूद चुनौतियों पर अध्ययन करें और policy intervention का मार्ग प्रशस्त करें।

उन्होंने कहा कि आज अगर हम चुप रहे, तो भविष्य में यह चुप्पी बहुत भारी पड़ सकती है। देश को हर क्षेत्र में संतुलन की आवश्यकता है—चाहे वह भाषा हो, जनसंख्या हो या पहचान।

राज्यपाल आरएन रवि की यह चेतावनी किसी सतही विवाद का हिस्सा नहीं, बल्कि एक गहरी सामाजिक और राष्ट्रीय चिंता को उजागर करती है। उनका मानना है कि देश की एकता केवल सीमाओं की रक्षा से नहीं, बल्कि भीतर की स्थिरता और समरसता से सुनिश्चित होती है।

असम, बंगाल और पूर्वांचल जैसे क्षेत्रों में हो रहे जनसंख्या परिवर्तन को केवल जनगणना का विषय मानकर छोड़ देना उचित नहीं होगा। यह वह समय है जब नीति निर्माता, शिक्षाविद और समाज के जागरूक नागरिक मिलकर इस दिशा में ठोस पहल करें।

देश को यदि आने वाले 50 वर्षों तक मजबूत बनाए रखना है, तो आज ही ऐसे मुद्दों पर संवाद, शोध और समाधान की आवश्यकता है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

क्या पाकिस्तान टूटने जा रहा है? बलुचिस्तान में खुली बगावत, कहा गिरे सेना के ठिकाने

क्या पाकिस्तान की नींव में ऐसी दरार पड़ चुकी है, जिसे अब जोड़ा नहीं...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

More like this

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...
00:10:10

क्या चीन-बांग्लादेश की साज़िश से घिर गया भारत? सिलिगुड़ी कॉरीडोर पर क्यों मंडराया खतरा

भारत का सबसे संवेदनशील इलाका — सिलिगुड़ी कॉरीडोर, जिसे दुनिया चिकेन नेक के नाम...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

₹10,000 से कम में Samsung के दमदार स्मार्टफोन, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ

अगर आप budget segment में Samsung का स्मार्टफोन खरीदने की planning कर रहे हैं,...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...

आज का राशिफल, सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Horoscope 10 February 2026 Aaj Ka Rashifal ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार...

Bank of Baroda Recruitment 2026 : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने...

Raxaul में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, तीन श्रद्धालु घायल

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के Raxaul में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार...

परीक्षा पे चर्चा 2026 परीक्षा के तनाव पर पीएम मोदी करेंगे छात्रों से संवाद

Pariksha Pe Charcha 2026 एक बार फिर देशभर के छात्रों से जुड़ने जा रहा...

पटना समेत पूरे बिहार में न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना

बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। राज्य...

खराब lifestyle बना फैटी लिवर की बड़ी वजह, जानिए क्या न खाएं

आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले...

जानिए महाशिवरात्रि 2026 की सही तिथि, पूजा का समय और धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को...