‘अंजुमन’ की इस मार्मिक पेशकश में आज हम उस मां-बेटे की कहानी सुनाएंगे, जिन्हें आज़ादी की रात एक-दूसरे से जुदा कर दिया गया। ये सिर्फ एक बंटवारे की कहानी नहीं, बल्कि उस इंसानी जज़्बात की दस्तान है जिसे सरहद की एक लकीर ने हमेशा के लिए दो हिस्सों में बाँट दिया। क्या यह जख्म कभी भर पाएगा? आइए सुनते हैं — एक बेटे की अधूरी कहानी, एक मां की सिसकती यादें और बंटवारे की वह कड़वी सच्चाई जिसे दुनिया अब भूलती जा रही है।