Home Anjuman आख़िरी मुगल बादशाह की वह चीख जो आज भी गूंजती है

आख़िरी मुगल बादशाह की वह चीख जो आज भी गूंजती है

क्या बहादुर शाह ज़फ़र सिर्फ एक बूढ़े शायर थे… या 1857 की क्रांति का वह प्रतीक, जिससे अंग्रेज भी कांप उठे थे? क्यों एक सम्राट को अपने ही वतन में दो गज़ ज़मीन नसीब नहीं हुई? इस एपिसोड में जानिए अंतिम मुगल बादशाह की वह कहानी, जो पराजय में भी अमर हो गई।

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