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बिहार सड़क हादसा: शिक्षक-शिक्षिकाओं समेत 12 से ज्यादा लोग घायल

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बिहार के बांका जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में 12 से अधिक लोग घायल हो गए। यह हादसा बौंसी-भागलपुर नेशनल हाईवे के ब्लॉक मोड़ के पास हुआ, जहां एक तेज रफ्तार हाईवा ट्रक और यात्री बस की आमने-सामने टक्कर हो गई।

इस टक्कर में कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें शिक्षक, शिक्षिका, बच्चे और बाइक सवार शामिल हैं। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायल यात्रियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

कैसे हुआ हादसा? घटनास्थल पर मची अफरातफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झारखंड के देवघर से आ रही ‘राजलक्ष्मी अल्ट्रा’ बस भागलपुर की ओर जा रही थी। जैसे ही बस बौंसी बाजार से आगे बढ़ी और ब्लॉक मोड़ के पास पहुंची, तभी सामने से तेज गति से आ रहा एक हाईवा ट्रक अपनी लेन छोड़कर बस की लेन में आ गया और आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं ट्रक को मामूली नुकसान हुआ। बस के केबिन में बैठे लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे में कई बाइक सवार भी घायल हुए, जिन्हें अचानक ब्रेक लगाना पड़ा।

घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, कई गंभीर रूप से घायल

बौंसी थाना क्षेत्र के एसआई विनयकांत और गोरखनाथ मौके पर पहुंचे और घायलों को एंबुलेंस से रेफरल अस्पताल भेजा गया। कई लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें भागलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

घायलों में शामिल कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  • शंभू सिंह (64 वर्ष) – बस चालक रोशन सिंह के पिता, गंभीर रूप से घायल

  • प्रेम कुमार (35 वर्ष) – शिक्षक, बाइक सवार, श्यामपुर निवासी

  • गणेश कुमार (4 वर्ष) – झारखंड के दिग्गी गांव निवासी विष्णु चौधरी का बेटा

  • रीता देवी (22 वर्ष) – गणेश की मां

  • कैलाश पंडित (40 वर्ष) – लीलादह गांव, झारखंड

  • डोली देवी (30 वर्ष) – शिक्षिका, तुलसीराम की पत्नी

  • खुशबू (32 वर्ष) – जसीडीह की रहने वाली, बटसार हाई स्कूल में शिक्षिका

शिक्षक-शिक्षिकाएं भी हुए घायल

इस दर्दनाक सड़क दुर्घटना में कई शिक्षक-शिक्षिकाएं भी घायल हुए हैं। इनमें से कुछ स्कूल जा रहे थे, जबकि अन्य निजी काम से यात्रा कर रहे थे। निशा कुमारी (25 वर्ष), जो कि रजौन में शिक्षिका हैं, भी इस हादसे में घायल हुईं।

इसके अलावा:

  • दिनेश प्रसाद यादव (66 वर्ष) – दलिया निवासी, रघुनाथ शर्मा के पुत्र

  • विनोद कुमार यादव (47 वर्ष) – तेतरिया गांव निवासी, बाइक सवार

विनोद कुमार, जो महाराणा से बाइक पर घर लौट रहे थे, उन्होंने अचानक ब्रेक लगाकर गिरने के बावजूद, बस में फंसे यात्रियों की मदद की और उन्हें बाहर निकाला। उनके साहस की लोग सराहना कर रहे हैं।

पुलिस जांच जारी, वाहनों को हटाकर यातायात बहाल किया गया

घटना की जानकारी मिलते ही बौंसी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल किया। थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर सुधीर कुमार ने बताया कि हादसे की पूरी जांच की जा रही है, और ट्रक चालक की लापरवाही इस दुर्घटना की मुख्य वजह मानी जा रही है।

पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

बिहार में सड़क दुर्घटनाओं का बढ़ता ग्राफ

यह हादसा बिहार में हो रही लगातार सड़क दुर्घटनाओं की एक और कड़ी है। हाल ही में राज्य में कई बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं:

  • पटना में ट्रक-ऑटो की टक्कर में 5 की मौत

  • गया में बस पलटने से 20 लोग घायल

  • सीतामढ़ी में ट्रैक्टर-टेंपो की टक्कर में दो बच्चों की मौत

तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और नियमों की अनदेखी सड़क हादसों के मुख्य कारण बन चुके हैं। बिहार सरकार और परिवहन विभाग को इन घटनाओं पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

स्थानीय लोगों की मांग: हाईवे पर स्पीड कंट्रोल ज़रूरी

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बौंसी-भागलपुर नेशनल हाईवे पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए। रोजाना इस मार्ग से स्कूल बसें, यात्री वाहन और निजी गाड़ियाँ गुजरती हैं।

एक ग्रामीण ने कहा,

“हर हफ्ते कोई न कोई हादसा हो रहा है। अगर प्रशासन अभी नहीं जागा तो जान-माल का नुकसान और बढ़ेगा।”

बांका जिले में हुआ यह बस-हाईवा एक्सीडेंट एक बार फिर हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि कैसे एक चालक की लापरवाही कई जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है। इस हादसे में कई परिवार बर्बाद होते-होते बचे हैं।

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