होमAccidentबिहार: कचरा भेड़िया गांव के पास सड़क हादसे में ASI जितेंद्र कुमार...

बिहार: कचरा भेड़िया गांव के पास सड़क हादसे में ASI जितेंद्र कुमार सिंह की मौत

Published on

नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र के बिहटा–सरमेरा टू-लेन पर स्थित कचरा भेड़िया गांव के पास एक सड़क हादसे में नवादा जिले के मुफस्सिल थाना में पदस्थापित जमादार एएसआई जितेंद्र कुमार सिंह (50) की मौत हो गई। वह हाजीपुर, वैशाली जिले के निवासी थे।

मिली जानकारी के अनुसार, एएसआई सिंह एक केस की जांच के सिलसिले में बाइक से पटना जा रहे थे। रास्ते में कचरा भेड़िया गांव के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए और सड़क पर गिर पड़े।

स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया

घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों ने घायल अधिकारी को उठाकर चंडी रेफरल अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल रेफर कर दिया।

बिहार शरीफ में इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।

चंडी थानाध्यक्ष का बयान

चंडी थाना प्रभारी सुमन कुमार ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है।

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जांच टीम मौके से सबूत इकट्ठा कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि वाहन के बारे में सुराग मिल सके।

अधिकारी की सेवा पृष्ठभूमि

जितेंद्र कुमार सिंह नवादा के मुफस्सिल थाना में पदस्थापित थे और अपने काम के प्रति ईमानदार व समर्पित माने जाते थे। हादसे के दिन भी वह एक महत्वपूर्ण मामले की जांच के लिए पटना जा रहे थे। सहकर्मियों के अनुसार, वह शांत स्वभाव और अनुशासनप्रिय अधिकारी थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि टक्कर मारने वाला वाहन काफी तेज रफ्तार में था और घटना के बाद मौके से भाग निकला। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अधिकारी बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

लोगों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की, लेकिन चोटें गहरी होने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

जांच और वाहन की तलाश

पुलिस टीम आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। परिवहन विभाग से भी संपर्क किया जा रहा है ताकि संदिग्ध वाहनों की पहचान हो सके। जांच अधिकारी का मानना है कि वाहन की पहचान और चालक की गिरफ्तारी इस मामले में सबसे अहम होगी।

सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता

बिहटा–सरमेरा टू-लेन मार्ग पर पिछले कुछ महीनों में कई हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार वाहनों और उचित ट्रैफिक नियंत्रण की कमी इस मार्ग को खतरनाक बना रही है। इस ताजा हादसे के बाद यहां सख्त यातायात नियम लागू करने की मांग उठने लगी है।

पुलिस महकमे और स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

नालंदा और नवादा जिले के पुलिस अधिकारियों ने एएसआई सिंह के निधन पर गहरा दुख जताया है। विभाग ने आश्वासन दिया है कि दोषी चालक को जल्द पकड़ा जाएगा। मृतक के परिवार को विभागीय स्तर पर सभी संभव सहायता देने की बात भी कही गई है।

अंतिम संस्कार की तैयारी

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। अंतिम संस्कार हाजीपुर, वैशाली में किया जाएगा। पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अंतिम संस्कार में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।

बिहार में सड़क हादसों का बढ़ता खतरा

यह घटना बिहार में सड़क सुरक्षा की चुनौतियों को उजागर करती है। नियमों के उल्लंघन और तेज रफ्तार वाहन अब भी कई जिंदगियां छीन रहे हैं। प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सड़क पर सतर्कता बरतें।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

More like this

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...

बिहार पर कितना कर्ज? विकास की रफ्तार के पीछे छिपा आर्थिक दबाव

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में विकास और विशेष राज्य के दर्जे की बहस...