होमBiharबिहार में बारिश का कोई अलर्ट नहीं, सुबह और रात में हल्का...

बिहार में बारिश का कोई अलर्ट नहीं, सुबह और रात में हल्का कोहरा संभव

Published on

मौसम विभाग ने रविवार, 8 फरवरी 2026 के लिए बिहार का ताजा weather update जारी किया है। विभाग के अनुसार, आज राज्य के सभी जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने का अनुमान है। कहीं भी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है और किसी भी प्रकार का अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की गई है। दिनभर मौसम स्थिर बना रहेगा और आम जनजीवन पर मौसम का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

हालांकि, सुबह के समय राज्य के कुछ हिस्सों में हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली और समस्तीपुर जैसे जिलों में सुबह के समय visibility थोड़ी कम हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, कोहरा बहुत घना नहीं होगा, लेकिन सुबह यात्रा करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। देर रात 8 या 9 बजे के बाद कुछ इलाकों में एक बार फिर कोहरे का असर दिख सकता है।

लगभग सभी जिलों में रहेगा शुष्क मौसम

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार के लगभग सभी जिलों में आज मौसम साफ रहेगा। बेतिया, सीवान, सारण, मोतिहारी और गोपालगंज में बारिश की कोई संभावना नहीं है। इसके अलावा दरभंगा, वैशाली, पूर्णिया, कटिहार और पटना में भी मौसम शुष्क बना रहेगा। गया, नालंदा, बक्सर, सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में भी दिनभर धूप खिली रहने की संभावना है।

किसी भी जिले में आंधी, तूफान या गरज-चमक जैसी स्थिति नहीं बनेगी। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में किसी भी प्रकार की मौसम संबंधी आपदा का खतरा नहीं है। ऐसे में लोग बिना किसी चिंता के अपने दैनिक कार्य कर सकते हैं।

सुबह और रात में ठंड का असर रहेगा

हालांकि बारिश नहीं होगी, लेकिन ठंड का असर अभी बना रहेगा। खासकर सुबह और रात के समय cold conditions महसूस की जा सकती हैं। दिन के समय तापमान सामान्य रहेगा और धूप के कारण मौसम सुहावना बना रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिन और रात के तापमान में अंतर बना रहेगा और यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है।

डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाव की सलाह दी है। अचानक मौसम में बदलाव से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। ऐसे में सुबह और रात के समय गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।

वर्तमान मौसम के पीछे का कारण

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बिहार में फिलहाल शुष्क मौसम उत्तर पश्चिम और उत्तर पूर्वी भारत में चल रही तेज पछुआ हवाओं के कारण बना हुआ है। इसके साथ ही हिमालयी क्षेत्रों में एक western disturbance सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण बिहार में नमी की मात्रा कम बनी हुई है, जिससे बारिश की संभावना नहीं बन रही है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक मौसम के मिजाज में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। राज्य में मौसम इसी तरह शुष्क और स्थिर बना रह सकता है।

नया पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय

मौसम विभाग ने यह भी जानकारी दी है कि रविवार रात से एक नया western disturbance सक्रिय हो सकता है। इसका प्रभाव मुख्य रूप से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। आईएमडी के अनुसार, 9 से 11 फरवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चल सकती हैं। इससे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंड का असर थोड़ा बढ़ सकता है। हालांकि, मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।

अन्य राज्यों में मौसम की स्थिति

शनिवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं उत्तराखंड के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। उत्तर प्रदेश के भी कई जिलों में fog की स्थिति बनी रही। इसके बावजूद, किसी भी राज्य में गंभीर मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है और मौसम विभाग हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

बिहार के लिए कोई चेतावनी नहीं

मौसम विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि बिहार के लिए फिलहाल कोई weather alert जारी नहीं किया गया है। राज्य में किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा की आशंका नहीं है। मौसम सामान्य बना हुआ है और यात्रा, खेती तथा अन्य गतिविधियों के लिए अनुकूल है।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें। सुबह और रात के समय कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसानों के लिए यह मौसम फसल कटाई और खेतों के काम के लिए अनुकूल माना जा रहा है।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

आने वाले दिनों में भी बिहार में मौसम के स्थिर बने रहने की संभावना है। बारिश की कोई संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है। सुबह और रात में ठंड का असर कुछ समय तक बना रह सकता है। मौसम में किसी भी बड़े बदलाव की स्थिति में मौसम विभाग द्वारा समय पर जानकारी दी जाएगी।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में बड़ा फैसला: साक्ष्यों के अभाव में छह आरोपी बरी, कोर्ट ने जांच और अभियोजन पर उठाए सवाल

आठ साल पुराने चर्चित हत्याकांड में अदालत का फैसला KKN ब्यूरो। बिहार के मुजफ्फरपुर शहर...

मीनापुर के प्रथम विधायक जनक सिंह की 112वीं जयंती पर ‘अग्रदूत’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

मीनापुर के प्रथम विधायक को श्रद्धांजलि, 'अग्रदूत' पुस्तक बनी उनकी विरासत का दस्तावेज़ KKN ब्यूरो।...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

More like this

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...