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Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana में रिकॉर्ड भागीदारी, 19 लाख नई महिलाओं ने कराया पंजीकरण

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राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana को लेकर महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। Bihar में इस योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने तक करीब 19 लाख नई महिलाओं ने पंजीकरण कराया। यह आंकड़ा बताता है कि महिलाएं रोजगार और Self Employment को लेकर अब ज्यादा जागरूक हो रही हैं। योजना ने बहुत कम समय में व्यापक लोकप्रियता हासिल की है।

आवेदन प्रक्रिया हुई पूरी तरह बंद

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय की गई थी। तय समयसीमा पूरी होने के बाद अब पोर्टल पर नई Entry पूरी तरह बंद कर दी गई है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में कुल 19 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 14 लाख महिलाएं शहरी क्षेत्रों से हैं, जबकि करीब पांच लाख महिलाएं ग्रामीण इलाकों से जुड़ी हैं। अब आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार अगले चरण की तैयारी में जुट गई है।

सत्यापन और जांच की प्रक्रिया होगी शुरू

आवेदन बंद होने के बाद अब सभी प्राप्त आवेदनों की Verification प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके तहत पात्रता की जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र महिलाओं को योजना के तहत दस-दस हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। यह राशि Direct Benefit Transfer के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका कर्मियों की अहम भूमिका

ग्रामीण इलाकों में इस योजना को सफल बनाने में जीविका कर्मियों की भूमिका काफी अहम रही है। गांवों में महिलाओं से आवेदन सीधे लिए गए। इसके बाद जीविका कर्मियों ने इन आवेदनों की Online Entry पोर्टल पर की। इस व्यवस्था से उन महिलाओं को भी लाभ मिला, जिनके पास डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। अब जीविका ने भी पोर्टल पर इंट्री का कार्य पूरी तरह बंद कर दिया है।

शहरी महिलाओं की Online भागीदारी

शहरी क्षेत्रों में महिलाओं ने स्वयं Online Mode के जरिए आवेदन किया। शहरों में डिजिटल पहुंच बेहतर होने के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं योजना से जुड़ सकीं। Online आवेदन प्रक्रिया ने शहरी महिलाओं की भागीदारी को आसान बनाया। इसी वजह से शहरी क्षेत्रों से सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।

अब तक का रिकॉर्ड रहा प्रभावशाली

Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana का अब तक का रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है। इस योजना के तहत अब तक एक करोड़ 56 लाख महिलाओं को दस-दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। इनमें से करीब साढ़े तीन लाख महिलाएं शहरी क्षेत्रों की हैं। यह आंकड़ा बताता है कि योजना राज्य की महिलाओं तक बड़े स्तर पर पहुंच चुकी है।

योजना का मुख्य उद्देश्य आत्मनिर्भरता

इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार चाहती है कि महिलाएं इस सहायता राशि का उपयोग छोटा व्यवसाय या स्वरोजगार शुरू करने में करें। योजना के तहत प्रत्येक परिवार की एक महिला को दस हजार रुपये की सहायता दी जाती है। इससे महिलाएं अपनी आय के स्रोत विकसित कर सकती हैं।

शहरी महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान

शहरी क्षेत्रों से आवेदन करने वाली महिलाओं के लिए योजना में विशेष व्यवस्था की गई है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन महिलाओं का Group Formation किया जाएगा। प्रत्येक समूह में 12 से 15 महिलाओं को शामिल किया जाएगा। इन समूहों को जीविका समूह के रूप में मान्यता दी जाएगी। योजना की शर्तों के अनुसार, लाभ पाने के लिए महिला का जीविका सदस्य होना जरूरी है।

आधार से जुड़े खातों में भेजी जाएगी राशि

Group Formation और Verification की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सहायता राशि महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी। यह राशि आधार से लिंक खातों में Direct Transfer के जरिए पहुंचेगी। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम होगी।

कैबिनेट से मिली थी योजना को मंजूरी

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को 30 अगस्त 2025 को राज्य कैबिनेट से मंजूरी मिली थी। इसके बाद 7 सितंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। लॉन्च के बाद से ही इस योजना को महिलाओं का जबरदस्त समर्थन मिला।

अलग-अलग चरणों में हुआ लाभ वितरण

योजना के तहत पहली बार 26 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Video Conference के माध्यम से 75 लाख महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर की। इसके एक सप्ताह बाद 3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने 25 लाख महिलाओं को लाभ पहुंचाया। इसके बाद अंतिम चरण में 28 नवंबर को 10 लाख महिलाओं के खातों में सहायता राशि भेजी गई।

महिलाओं के जीवन में आएगा सकारात्मक बदलाव

सरकार का मानना है कि इस योजना से महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी। महिलाएं छोटे व्यवसाय, स्वरोजगार और नए आय स्रोत विकसित कर सकेंगी। इससे न केवल महिलाओं की स्थिति मजबूत होगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

अब तेजी से होगा Implementation

आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सरकार का पूरा फोकस Implementation पर है। Verification, Group Formation और Payment प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि नई लाभार्थी महिलाओं तक जल्द से जल्द योजना का लाभ पहुंचाया जाए।

Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana ने बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम रखा है। 19 लाख नए पंजीकरण इस बात का संकेत हैं कि महिलाएं अब रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

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