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बिहार सरकार ने सात निश्चय-3 कार्यक्रम की शुरुआत की : रोजगार और आर्थिक विकास पर ध्यान

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में अपने महत्वकांक्षी “सात निश्चय” कार्यक्रम के तीसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने खुद इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन का ऐलान सोशल मीडिया पर किया और बताया कि बिहार कैबिनेट ने सात निश्चय-3 को मंजूरी दे दी है। यह बैठक पटना स्थित पुराने सचिवालय में हुई, जिसमें लगभग सभी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक में सात निश्चय-3 से जुड़े एजेंडे पर मुहर लगाई गई, जो बिहार की समृद्धि और विकास को नई दिशा देने वाला है।

सात निश्चय-3 के मुख्य उद्देश्य

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सात निश्चय-3 का लक्ष्य राज्य की समृद्धि को बढ़ावा देना और बिहार को भारत के सबसे विकसित राज्यों में से एक बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में पिछले 20 वर्षों में सभी क्षेत्रों में विकास किया गया है और अब सात निश्चय-3 कार्यक्रम के माध्यम से और भी बड़ा बदलाव लाने की कोशिश की जाएगी।

दोगुना रोजगार- दोगुनी आय

सात निश्चय-3 का पहला उद्देश्य “दोगुना रोजगार- दोगुनी आय” है। इस पहल का मुख्य लक्ष्य बिहार की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करना है। इसके लिए कई कार्यक्रम और योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने महिला रोजगार योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ₹10,000 दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, उन्हें अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए ₹2 लाख तक की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी।

इसके अलावा, 2023 में राज्य में जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण कराया गया था। इसके आधार पर, 94 लाख गरीब परिवारों को रोजगार योजनाओं के तहत प्राथमिकता दी जाएगी और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस उद्देश्य के लिए एक नया विभाग “युवाओं, रोजगार और कौशल विकास” का गठन किया गया है।

समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार

सात निश्चय-3 का दूसरा लक्ष्य “समृद्ध उद्योग- सशक्त बिहार” है। इसके तहत राज्य में तेज़ी से उद्योगों के विकास के लिए तीन उच्च स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों का मुख्य उद्देश्य बिहार को पूर्वी भारत का एक प्रमुख प्रौद्योगिकी केंद्र बनाना और राज्य के उद्योगों को विश्वस्तरीय बनाना है। राज्य के सभी जिलों में उद्योग स्थापित करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।

राज्य ने अगले पांच वर्षों में कम से कम ₹50 लाख करोड़ का निजी निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए नए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग निदेशालय का गठन किया गया है। इसके साथ ही राज्य के स्थानीय उत्पादों के निर्यात और बाजार विकास के लिए बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम की स्थापना भी की गई है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को फिर से चालू करने और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना का निर्णय लिया है।

कृषि में प्रगति – प्रदेश की समृद्धि

तीसरे निश्चय के तहत, “कृषि में प्रगति- प्रदेश की समृद्धि” पर जोर दिया गया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2024 से 2029 तक चौथे कृषि रोड मैप पर काम तेजी से किया जाएगा। इसके अलावा मखाना उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए मखाना रोड मैप तैयार किया जाएगा। साथ ही, राज्य में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन और प्रत्येक पंचायत में “सुधा” बिक्री केंद्रों की स्थापना की जाएगी।

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचे। इसके अलावा, राज्य में डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाएगा और किसानों को अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।

उन्नत शिक्षा – उज्ज्वल भविष्य

सात निश्चय-3 का चौथा उद्देश्य “उन्नत शिक्षा – उज्ज्वल भविष्य” है। इसके तहत राज्य में एक अलग उच्च शिक्षा विभाग का गठन किया गया है। राज्य के पुराने शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य में एक नई “एजुकेशन सिटी” की स्थापना भी की जाएगी। यह पहल राज्य में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्रों के लिए बेहतर अवसर पैदा करने के लिए है।

सुलभ स्वास्थ्य – सुरक्षित जीवन

पाँचवाँ निश्चय “सुलभ स्वास्थ्य- सुरक्षित जीवन” है। इसके तहत, राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्रों और जिला अस्पतालों को अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में बेहतर शिक्षा और इलाज के लिए लोक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।

दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए, चिकित्सकों को प्रोत्साहन दिया जाएगा और सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाई जाएगी।

मजबूत आधार – आधुनिक विस्तार

सात निश्चय-3 का छठा निश्चय “मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार” है। इसके तहत, राज्य के शहरी क्षेत्रों का विस्तार और नागरिक सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही, नए आधुनिक नियोजित शहरों का विकास किया जाएगा और शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास की व्यवस्था की जाएगी।

साथ ही, पांच नई एक्सप्रेस-वे सड़कों का निर्माण किया जाएगा और ग्रामीण सड़कों का चरणबद्ध तरीके से दो लेन चौड़ीकरण कराया जाएगा। इसके अलावा, राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सभी इच्छुक लोगों के घरों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।

सबका सम्मान – जीवन आसान

सात निश्चय-3 का अंतिम और सातवां निश्चय “सबका सम्मान- जीवन आसान” है। इस निश्चय का उद्देश्य आधुनिक तकनीक, नवाचार और संवेदनशील सुशासन के माध्यम से राज्य के नागरिकों के जीवन को सरल बनाना है। इसके तहत, सरकार राज्य में सभी नागरिकों की समस्याओं को हल करने के लिए लगातार काम करेगी।

सात निश्चय-3 कार्यक्रम बिहार के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इसके माध्यम से राज्य के हर क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी और बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों में से एक बनाने का लक्ष्य पूरा होगा। यह कार्यक्रम राज्य के नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद करेगा। सात निश्चय-3 के सफल क्रियान्वयन से बिहार के विकास के नए आयाम खुलेंगे, और यह राज्य के समग्र विकास को सुनिश्चित करेगा।

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