होमBiharबिहार मौसम अपडेट: 10 दिसंबर से ठंड बढ़ेगी, पछुआ हवा से और...

बिहार मौसम अपडेट: 10 दिसंबर से ठंड बढ़ेगी, पछुआ हवा से और भी बढ़ेगी मुश्किलें

Published on

जैसे ही दिसंबर का दूसरा सप्ताह शुरू हुआ, बिहार में ठंड ने अपना असली रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में बिहार के कई जिलों में ठंड बढ़ने की संभावना है, जिसमें मुजफ्फरपुर समेत अन्य जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। 10 दिसंबर से बिहार के लोग सुबह से लेकर रात तक सर्दी महसूस करेंगे। विशेष रूप से, पछुआ हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट आएगी।

मौसम विभाग ने बताया कि ठंड का असर बुधवार से महसूस होने लगेगा और यह अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। दिन के समय भी ठंडक महसूस होगी, जो आमतौर पर रात और सुबह के वक्त होती थी। ठंड के इस प्रभाव से आम लोगों को राहत पाने में मुश्किल हो सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां घना कोहरा रहेगा।

बिहार के कई जिलों में मौसम का अलर्ट

मौसम विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. ए. सत्तार ने 9 दिसंबर को एक बयान जारी करते हुए बताया कि पुसा के डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा ने आगामी कुछ दिनों के लिए मौसम का अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट के तहत बिहार के कई जिलों में ठंड और कोहरे का असर बढ़ने की संभावना है।

इन जिलों में प्रमुख रूप से मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी और बेगूसराय शामिल हैं। मौसम विभाग ने बताया कि इन क्षेत्रों में अगले तीन से चार दिनों तक घना कोहरा बना रहेगा। सुबह का कोहरा 10 बजे तक रहेगा, जबकि दिन में मौसम साफ रहेगा, लेकिन अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। न्यूनतम तापमान 9-10 डिग्री के आसपास रहेगा, और पछुआ हवाएं 5-7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी।

कोहरे और ठंड का असर: सड़क यातायात पर प्रभाव

9 दिसंबर को मुजफ्फरपुर का अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह से ही पूरे जिले में घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे सड़क पर दृश्यता 10 मीटर से भी कम हो गई थी। इसके कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ और वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। कोहरा 10:30 बजे के आसपास हल्का हुआ, जब धूप ने अपनी किरणें दिखानी शुरू की। हालांकि, दिनभर हल्की धूप के बावजूद ठंड महसूस होती रही।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 10 से 12 दिसंबर तक यह स्थिति बनी रह सकती है, और इन दिनों में कोल्ड वेव जैसी स्थिति बन सकती है। इससे राज्य में सर्दी का असर और बढ़ेगा, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां ठंड पहले से ही अधिक महसूस हो रही है।

किसानों के लिए मौसम का अलर्ट

मौसम विभाग ने किसानों को भी चेतावनी जारी की है। ठंड बढ़ने के कारण फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। किसानों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और अपनी फसलों की देखभाल करें। ठंडी हवाएं और कम तापमान खेती के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं, खासकर जब फसलें तापमान में बदलाव से प्रभावित होती हैं।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति के मुताबिक अपनी फसल की सुरक्षा करें और अगर जरूरत हो तो किसी प्रकार के कवर का इस्तेमाल करें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह: बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर कम निकलने की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी के मौसम में खासकर बच्चों और बुजुर्गों को बाहर कम निकलने की सलाह दी गई है। ठंड के कारण श्वसन संबंधी समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं, खासकर उन लोगों को जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लोग इस समय घर के अंदर रहकर गर्म कपड़े पहनें और पूरी तरह से सर्दी से बचने की कोशिश करें।

इसके अलावा, सर्दी के मौसम में जलन, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, गर्म भोजन खाने और सर्दी के लक्षणों से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

ठंड के लिए तैयार रहें: भविष्य की चुनौतियां

बिहार में ठंड के इस मौसम में जल्द ही और भी सर्दी बढ़ने की संभावना है, और लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं। मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी है कि 10 से 12 दिसंबर तक कोल्ड वेव जैसी स्थितियां बन सकती हैं, जिससे ठंड और भी बढ़ेगी। इसलिए लोगों को पहले से ठंड के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।

मौसम के इस बदलाव से न केवल आम जीवन प्रभावित होगा, बल्कि यह सड़क यातायात, खेती और स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां लोग खुले में काम करते हैं, ठंड के कारण उन्हें ज्यादा परेशानी हो सकती है।

सड़क सुरक्षा पर ध्यान दें

ठंड के बढ़ने से खासकर सुबह और रात के समय कोहरा और घना हो सकता है, जिससे सड़क सुरक्षा पर असर पड़ेगा। वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। कोहरे में गाड़ी चलाते समय हेडलाइट का इस्तेमाल करें और गति सीमा का पालन करें।

अंत में, बिहार में मौसम के इस परिवर्तन से बचाव के लिए लोगों को पहले से तैयार रहना चाहिए। मौसम विभाग के अलर्ट और सावधानियों का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि ठंड के असर से बचा जा सके और किसी भी तरह के स्वास्थ्य या सुरक्षा खतरे से बचा जा सके।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

हवन से शुद्ध होती है हवा या बढ़ता है प्रदूषण?

दुर्गा पूजा की अग्नि पर विज्ञान की बड़ी पड़ताल दुर्गा पूजा की अंतिम आहुतियों के...

दुर्गा पूजा मातृशक्ति का सम्मान है या समाज के सामने एक अधूरा सवाल?

जिस समाज में स्त्री को देवी मानकर पूजा जाता है, उसी समाज में उसकी...

क्या मिट्टी के पात्र में रखा जल सचमुच याद रखता है मंत्रों की ऊर्जा?

एक मिट्टी का पात्र। उसमें भरा जल। उसके मुहाने पर रखे आम के पत्ते...

महिषासुर कौन था? पुराणों के असुरराज से आदिवासी पूर्वज तक

दुर्गा पूजा के पंडाल में एक दृश्य बार-बार दिखाई देता है। सिंह पर सवार...

More like this

दुर्गा पूजा के मंत्रों का शरीर और मस्तिष्क पर क्या असर होता है?

कल्पना कीजिए—एक व्यक्ति आंखें बंद करके ‘ॐ’ का उच्चारण कर रहा है। उसके सामने...

दुर्गा पूजा के विधान में छिपा है विज्ञान: पौधों से मनोविज्ञान तक, क्या कहती है दुनिया की रिसर्च?

दुर्गा पूजा में नौ दिनों की साधना है, मंत्र हैं, पुष्प हैं, धूप-दीप हैं,...

दुर्गा पूजा के पांच अनसुने आध्यात्मिक रहस्य: नौ पौधों में देवी का स्वरूप, प्रकृति में शक्ति और मनुष्य के भीतर का महिषासुर

दुर्गा पूजा में हम देवी की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, पुष्प चढ़ाते...

मीनापुर 2030: अगले पांच साल में यह इलाका किस दिशा में जाएगा? बाढ़, सड़क, खेती, रोजगार और बदलते गांवों की पूरी दास्तान

मीनापुर का भविष्य किसी एक चुनाव या एक परियोजना से तय नहीं होगा मीनापुर के...

मीनापुर के गांवों को स्मार्टफोन ने कितना बदला? खेती, पढ़ाई और रोजगार की नई कहानी

मीनापुर के गांव में अब जेब में सिर्फ फोन नहीं, पूरा बाजार है मीनापुर के...

मीनापुर की महिलाएं घर चलाने में कितना योगदान देती हैं? गांव की छिपी अर्थव्यवस्था का सच

मीनापुर की अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा शायद दिखाई ही नहीं देता मीनापुर की अर्थव्यवस्था का...

बागमती की पुरानी धारा फिर जगी तो मीनापुर में क्या बदलेगा? बाढ़ से राहत या नई मुसीबत—बेलवा डैम से बूढ़ी गंडक तक

मीनापुर के लिए यह सिर्फ नदी की खुदाई नहीं है मीनापुर में बागमती की पुरानी...

मीनापुर के युवा बाहर क्यों जा रहे हैं? गांव से महानगर तक जानिए पलायन की पूरी दास्तान

सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं, घर छोड़ने की मजबूरी का है मीनापुर के किसी गांव...

विधानसभा में उठेगा ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन का मुद्दा, पारू व लालगंज विधायकों ने दिया भरोसा

मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से पारित...

बिहार का पलायन: क्या रोज़गार की तलाश में निकलती पीढ़ियां कभी लौटेंगी?

बिहार के किसी छोटे से गांव में शाम ढलते ही अगर आप बस अड्डे,...

कहां गुम हो रही हैं बिहार की बेटियां?

गुमशुदगी का आंकड़ा गंभीर है एक लड़की घर से निकलती है। परिवार समझता है कि...

बिहार में बारिश और तेज हवा ने फिर बदला मौसम का मिजाज, 26 जिलों में अलर्ट; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

आसमान में बादल हैं। रुक-रुक कर बारिश लगातार हो रही है, अचानक तेज बौछार...

क्या एक विधायक पांच साल में अपने क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है?

KKN ब्यूरो। विधायक के पास अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 वर्षों में 20...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...