होमBiharबिहार : शादी के सीजन में पटना से उड़ानों के किराए में...

बिहार : शादी के सीजन में पटना से उड़ानों के किराए में उछाल

Published on

पटना से हवाई यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा महंगी हो गई है, और इसके पीछे मुख्य कारण है बिहार का पीक शादी सीजन। इस समय हजारों लोग दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों से परिवार की शादियों में शामिल होने के लिए पटना वापस लौट रहे हैं। इन यात्राओं की बढ़ती मांग के कारण, एयरलाइंस ने लगभग सभी प्रमुख रूट्स पर किराए में बेतहाशा वृद्धि कर दी है।

पटना से कोलकाता के रूट पर सबसे बड़ी वृद्धि

किराए में सबसे ज्यादा वृद्धि पटना–कोलकाता रूट पर देखी जा रही है। यहां के टिकटों की कीमतें लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से भी ज्यादा हो गई हैं। MakeMyTrip के डेटा के अनुसार, 5 दिसंबर के लिए एयर इंडिया की एक कनेक्टिंग उड़ान (AI 2790, AI 2643) की कीमत ₹66,000 है, जो दिल्ली–लंदन फ्लाइट के ₹27,026 से कहीं अधिक है। यह अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट की तुलना में दोगुना महंगा है।

पटना-Delhi रूट में भी भारी वृद्धि

पटना–दिल्ली रूट पर भी कीमतें बहुत अधिक बढ़ चुकी हैं। यह रूट आमतौर पर ₹5,000 से ₹6,000 के बीच रहता था, लेकिन अब एयर इंडिया की उड़ानें ₹51,000 तक बिक रही हैं (AI 2790, AI 9487)। इस भारी बढ़ोतरी के बावजूद, अधिकांश उड़ानें पूरी क्षमता के करीब चल रही हैं, जो मांग में वृद्धि का संकेत देती हैं।

मुंबई और अन्य प्रमुख रूट्स के किराए में वृद्धि

मुंबई जाने वाले यात्रियों को भी महंगे किराए का सामना करना पड़ रहा है। जो टिकट ₹8,000 से ₹9,000 के बीच हुआ करते थे, अब वे ₹40,000 से ₹50,000 तक के बीच बिक रहे हैं। एयर इंडिया की कुछ सेवाएं, जैसे AI 9585 और AI 2451, ₹52,303 तक के किराए पर उपलब्ध हैं। यहां तक कि नॉन-स्टॉप और एक स्टॉप वाली उड़ानें भी अब काफी महंगी हो गई हैं।

बेंगलुरू और चेन्नई के रूट्स में भी बढ़ी कीमतें

पटना से बेंगलुरू जाने वाली उड़ानों के किराए में भी भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। जहां पहले यह टिकट ₹7,000 के आसपास मिलते थे, वहीं अब इनकी कीमत ₹60,000 से ऊपर जा चुकी है। एयर इंडिया की उड़ानें (AI 9585 और AI 2803) 5 दिसंबर को ₹60,666 की कीमत पर बिक रही हैं। वहीं, पटना–चेन्नई रूट पर भी किराए ₹7,000 से ₹8,000 से बढ़कर ₹50,000 से ऊपर हो गए हैं, और एयर इंडिया की उड़ानें ₹50,755 तक की कीमत पर उपलब्ध हैं।

शादी के सीजन के कारण बढ़ी मांग

एविएशन विश्लेषकों का कहना है कि नवंबर और दिसंबर बिहार में शादी के सीजन का पीक टाइम होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने परिवारों से मिलने घर लौटते हैं। क्योंकि फ्लाइट्स की संख्या सीमित है और इस समय मांग अचानक बढ़ जाती है, इसलिए घरेलू उड़ानों के किराए में तेजी से वृद्धि होती है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से ज्यादा महंगे घरेलू रूट्स

इस सीजन में घरेलू उड़ानों के किराए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से भी अधिक हो गए हैं, जिससे यात्रियों के पास महंगे टिकट खरीदने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन कीमतों में स्थिरता केवल दिसंबर के दूसरे हफ्ते के बाद देखने को मिल सकती है, जब शादी के सीजन के बाद यात्रा का दबाव कम हो जाएगा।

यात्रियों पर असर: महंगे किराए की चुनौती

यह तेजी से बढ़ते किराए यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। पटना से कोलकाता, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू और चेन्नई जैसे प्रमुख रूट्स पर किराए अब इतनी ऊंचाई पर पहुंच गए हैं कि यात्री इन्हें अफोर्ड नहीं कर पा रहे हैं। यात्रियों के पास केवल महंगे किराए के साथ यात्रा करने का ही विकल्प बचा है, जो उन्हें मजबूरी में करना पड़ रहा है।

विशेषज्ञों की भविष्यवाणी: किराए में गिरावट की उम्मीद

विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च किराए केवल शादी के सीजन के दौरान ही देखे जा रहे हैं और दिसंबर के दूसरे हफ्ते तक यह स्थिर हो सकते हैं। जैसे-जैसे शादी के बाद यात्रा का दबाव कम होगा, एयरलाइंस संभवतः किराए को पहले जैसी स्थिति पर ले आएंगी। तब तक, यात्रियों को महंगे किराए के साथ ही यात्रा करनी होगी।

पटना से हवाई यात्रा इस समय पहले से कहीं अधिक महंगी हो गई है। शादी के सीजन ने फ्लाइट्स की भारी मांग को जन्म दिया है, जिसके कारण घरेलू उड़ानों के किराए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से भी अधिक हो गए हैं। हालांकि, यह स्थिति केवल कुछ हफ्तों तक ही रहेगी और उम्मीद है कि दिसंबर के मध्य तक किराए सामान्य हो जाएंगे। फिलहाल, यात्रियों को इन महंगे किराए के साथ यात्रा करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में बड़ा फैसला: साक्ष्यों के अभाव में छह आरोपी बरी, कोर्ट ने जांच और अभियोजन पर उठाए सवाल

आठ साल पुराने चर्चित हत्याकांड में अदालत का फैसला KKN ब्यूरो। बिहार के मुजफ्फरपुर शहर...

मीनापुर के प्रथम विधायक जनक सिंह की 112वीं जयंती पर ‘अग्रदूत’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

मीनापुर के प्रथम विधायक को श्रद्धांजलि, 'अग्रदूत' पुस्तक बनी उनकी विरासत का दस्तावेज़ KKN ब्यूरो।...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

More like this

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...