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बिहार विधानसभा चुनाव : दूसरे चरण से पहले रैलियों का जोर, नेताओं की धुंआधार प्रचार

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बिहार विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण 11 नवंबर 2025 को होने वाला है। इस बीच, पहले चरण का मतदान 6 नवंबर 2025 को हो रहा है, और पूरे राज्य में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है। अब तक चुनावी रैलियों का रेला लग चुका है, जिसमें प्रमुख नेता पूरे जोश के साथ प्रचार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुनावी प्रचार में सक्रिय हैं।

दूसरे चरण से पहले जोरों से हो रहा प्रचार

प्रधानमंत्री मोदी, राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, और नीतीश कुमार सभी ने चुनाव प्रचार की कमान संभाल रखी है। इनके अलावा, मायावती भी बिहार में चुनावी रैली करती नजर आईं। प्रधानमंत्री मोदी ने फारबिसगंज में रैली की, जिसमें उन्होंने अपनी पार्टी NDA की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्षी दलों पर निशाना साधा।

चुनाव में पहले चरण के लिए मतदान हो रहे हैं, जिसमें 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग हो रही है। अगले चरण में 11 नवंबर को मतदान होगा, और इसके लिए सभी प्रमुख पार्टियों ने प्रचार तेज कर दिया है।

बिहार विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों का विश्लेषण

दूसरे चरण में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का विश्लेषण जारी किया गया है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच ने 1302 उम्मीदवारों के शपथ पत्र का अध्ययन किया। इन उम्मीदवारों में से 43% करोड़पति हैं और लगभग 32% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। करीब 48% उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता स्नातक या उससे अधिक है। इनमें से 10% महिलाएं हैं।

तेजस्वी यादव का हमला और वादे

तेजस्वी यादव ने मधुबनी के लौकहा में चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने NDA पर तीखा हमला बोला और कहा कि जो काम NDA ने 20 साल में नहीं किया, वह उनकी सरकार बनने पर 20 महीने में पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, तेजस्वी यादव ने वादा किया कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति के मौके पर महिलाओं के बैंक खातों में 30,000 रुपये जमा किए जाएंगे। साथ ही, उन्होंने युवाओं से कहा कि उनकी सरकार बनने पर हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी और 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा किया।

अमित शाह का पश्चिमी चंपारण में भाषण

पश्चिमी चंपारण में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लालू-राबड़ी शासन के 15 साल के दौरान बिहार की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तब बिहार में हत्या, लूट, अपहरण और घोटाले का राज था। आज, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बिहार और देश विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ नेता या विधायक चुनने का नहीं है, बल्कि बिहार के विकास का चुनाव है।

प्रधानमंत्री मोदी का विपक्ष पर हमला

प्रधानमंत्री मोदी ने भागलपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस और राजद ने बिहार के समाज को बांटने का काम किया है। उन्होंने राजद पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पार्टी ने समाज को जातीय दंगों में धकेला और कांग्रेस ने धार्मिक दंगे भड़काए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भागलपुर और सिखों के नरसंहार का दाग अपने दामन से कभी नहीं धो सकती।

मतदान का विरोध और सुरक्षा व्यवस्था

भोजपुर के अगियांव विधानसभा क्षेत्र में कुछ ग्रामीणों ने रोड निर्माण की मांग को लेकर मतदान का विरोध किया। अभी तक मतदान केंद्र पर केवल तीन वोट डाले गए हैं। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि गांव के किसी भी व्यक्ति ने मतदान नहीं किया।

इस बीच, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, और संवेदनशील इलाकों में मतदान की प्रक्रिया पर कड़ी नजर डाली जा रही है।

बिहार विधानसभा चुनाव का माहौल इन दिनों बेहद गर्म है। पहले चरण के मतदान के बाद दूसरे चरण के लिए भी रैलियों और प्रचार की लहर तेज हो गई है। प्रमुख नेताओं के बीच जुबानी जंग और एक-दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप भी इस चुनावी माहौल को और भी गर्मा रहे हैं। बिहार में इस बार चुनावी प्रक्रिया काफी चुनौतीपूर्ण और दिलचस्प बन चुकी है।

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