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अमित शाह ने कहा कि पाकिस्तान से कोई भी गोली चलने पर उसका जवाब बिहार में बने गोले से दिया जाएगा।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 3 नवंबर 2025 को बिहार के सीतामढ़ी जिले के बेलसंड  में एक रैली को संबोधित करते हुए पाकिस्तान से होने वाली किसी भी आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देने का वादा किया। शाह ने कहा कि पाकिस्तान से कोई भी गोली चलने पर उसका जवाब बिहार में बने गोले से दिया जाएगा। उनका यह बयान राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सरकार की मजबूत नीति को दर्शाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार में रक्षा गलियारा बनने के बाद, ये गोले यहीं बनेगा, जिससे राज्य को देश की रक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका मिलेगी।

अमित शाह ने इस रैली में सीतामढ़ी और बिहार के लिए कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की घोषणा भी की। इनमें 505 एकड़ में औद्योगिक पार्क की स्थापना, बेलसंड  में स्वतंत्रता सेनानियों के लिए स्मारक का निर्माण और बिहार में बाढ़ राहत के लिए 11,000 करोड़ रुपये का आवंटन शामिल है। इन घोषणाओं को लेकर उन्होंने बिहार के लोगों को आश्वस्त किया कि सरकार राज्य में विकास और सुरक्षा दोनों पर ध्यान दे रही है।

बिहार के विकास के लिए घोषणाएं

अमित शाह ने रैली में यह घोषणा की कि बिहार के सीतामढ़ी जिले में 505 एकड़ क्षेत्र में एक औद्योगिक पार्क स्थापित किया जाएगा। यह परियोजना बिहार के युवाओं के लिए हजारों रोजगार के अवसर पैदा करेगी। शाह ने कहा कि औद्योगिक पार्क का उद्देश्य राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देना है। यह परियोजना युवाओं के लिए स्थिर रोजगार के अवसर प्रदान करेगी और राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी।

इसके अलावा, शाह ने बिहार में बाढ़ राहत के लिए 11,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यह राशि राज्य में बाढ़ प्रबंधन और राहत कार्यों को बेहतर बनाने के लिए उपयोग की जाएगी। बिहार में बार-बार आने वाली बाढ़ों से निपटने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है। शाह ने यह भी कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुधार कार्यों को प्राथमिकता देगी ताकि भविष्य में ऐसे संकटों से निपटने के लिए तैयार रहा जा सके।

अमित शाह ने बेलसंड  में 24 स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में एक स्मारक बनाने की घोषणा की। यह स्मारक उन वीरों की याद में बनाया जाएगा जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान दिया था। शाह ने कहा कि यह स्मारक युवाओं को प्रेरित करेगा और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को श्रद्धांजलि देने का एक तरीका होगा।

विपक्ष पर हमला और राष्ट्रीय सुरक्षा पर बयान

अमित शाह ने अपने भाषण में विपक्ष, खासकर कांग्रेस पार्टी, को निशाने पर लिया। उन्होंने कांग्रेस के नेताओं पर आरोप लगाया कि उन्होंने पहले पाकिस्तान से हुए सीमा पार आतंकवाद का सही तरीके से जवाब नहीं दिया। शाह ने पलहलगाम हमले का उदाहरण देते हुए कहा कि जब देश पर हमला हुआ, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए कड़ा जवाब दिया। शाह ने कहा कि कांग्रेस का रुख हमेशा कमजोर रहा, और उनकी नीतियों में कभी भी इस प्रकार की कड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिली।

शाह ने कहा, “अगर पाकिस्तान से गोली चली, तो उसका जवाब यहां से बने गोले से दिया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में रक्षा गलियारा बनने के बाद, ये गोले यहीं बनाए जाएंगे। इससे राज्य की औद्योगिक क्षमता को बढ़ावा मिलेगा और राष्ट्रीय रक्षा में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। उनका यह बयान भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और बिहार के योगदान को उजागर करने वाला था।

राहुल गांधी पर विवादित टिप्पणी

इस दौरान अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी एक विवादित टिप्पणी की। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने छठ माता का अपमान किया था, जब वह प्रधानमंत्री की आलोचना कर रहे थे। यह बयान राजनीतिक हलकों में विवाद का कारण बना और विपक्षी दलों ने शाह की टिप्पणी की निंदा की। शाह का यह बयान आगामी चुनावों में और अधिक राजनीतिक बहस को जन्म देने की संभावना रखता है।

अमित शाह का सीतामढ़ी में दिया गया भाषण राष्ट्रीय सुरक्षा और बिहार के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट करता है। उनका यह वादा कि पाकिस्तान से हुई किसी भी आक्रामकता का जवाब बिहार में बने गोले से दिया जाएगा, इस बात को स्पष्ट करता है कि भारत की सुरक्षा के प्रति सरकार गंभीर है। इसके साथ ही, शाह ने औद्योगिक पार्क, स्वतंत्रता सेनानियों के लिए स्मारक और बाढ़ राहत जैसे विकासात्मक कदमों की घोषणा की, जो बिहार के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।

हालांकि, शाह के राहुल गांधी पर दिए गए विवादित बयान ने राजनीतिक गर्मी और बहस को जन्म दिया है। आगामी चुनावों में इस प्रकार की टिप्पणियों का क्या असर होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। लेकिन कुल मिलाकर, शाह का यह भाषण बिहार में विकास और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा सकता है।

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