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बिहार में अगले 48 घंटे में दिखेगा चक्रवात ‘मोंथा’ का असर

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चक्रवात ‘मोंथा’ के बिहार में प्रभाव का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में तेज़ बारिश और तेज़ हवाओं के साथ मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। मौसम विभाग ने इसके मद्देनजर कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। चक्रवात की वजह से बिहार में तापमान में गिरावट और तेज़ हवाओं के चलने की संभावना जताई जा रही है। इस बदलाव से राज्य के कई हिस्सों में सामान्य जीवन प्रभावित हो सकता है, इसलिए विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

चक्रवात ‘मोंथा’ का बिहार में प्रभाव 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक रहेगा

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात ‘मोंथा’ का असर बिहार में बुधवार, 29 अक्टूबर से लेकर 1 नवंबर तक रहेगा। इस दौरान बारिश के साथ-साथ हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है। इसके कारण राज्य के कई जिलों में अधिकतम तापमान में चार डिग्री तक गिरावट हो सकती है। इससे ठंडक का एहसास होने लगेगा। बुधवार को पटना समेत कई जिलों में बादल छाए रहेंगे। वहीं, गुरुवार को राज्य के 48 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

चक्रवात ‘मोंथा’ से प्रभावित होने वाले जिले

चक्रवात ‘मोंथा’ के असर के तहत बिहार के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने जमुई, बांका, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार, गया, पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, कैमूर, रोहतास, शेखपुरा, और नवादा में अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को गयाजी, पश्चिमी चंपारण और रोहतास में हल्की बारिश हुई थी। चक्रवात के प्रभाव से ये इलाके आने वाले दिनों में ज्यादा बारिश और तेज हवाओं का सामना कर सकते हैं।

किसानों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को खासतौर पर सलाह दी है कि वे अपनी तैयार फसलों को जल्द से जल्द काटकर सुरक्षित जगह पर रख लें। इसके अलावा खेतों में या खुले में रखे अनाज को ढककर रखें ताकि बारिश से उनका नुकसान न हो। सब्जी की फसल उगाने वाले किसानों को सलाह दी गई है कि वे कुछ दिनों तक खेतों में सिंचाई न करें, ताकि अधिक पानी के कारण फसल को नुकसान न पहुंचे। मौसम विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे मौसम की ताजातरीन जानकारी प्राप्त करें और सतर्क रहें।

सार्वजनिक सुरक्षा और सावधानियां

मौसम विभाग ने चक्रवात के दौरान सुरक्षा को लेकर भी अहम दिशानिर्देश जारी किए हैं। लोगों से कहा गया है कि जब बिजली चमके, तो वे खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के पास न खड़े हों। साथ ही, घर में रहें और बिजली के उपकरणों का सावधानी से उपयोग करें। बिजली और मोबाइल फोन का उपयोग करते समय अधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, प्रशासन ने यात्रियों को सूचित किया है कि विमान और ट्रेन सेवाओं में किसी भी प्रकार के व्यवधान के कारण यात्रा करने से पहले अपडेट चेक करें।

चक्रवात ‘मोंथा’ क्यों आ रहा है?

चक्रवात ‘मोंथा’ बंगाल की खाड़ी से मंगलवार शाम को उठा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों से टकराना शुरू हो गया। इसके कारण यह तूफान तेजी से मजबूत हो गया और आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में जन जीवन को प्रभावित किया। चक्रवात की वजह से इन राज्यों में 32 विमान और 27 ट्रेन सेवाओं को रद्द कर दिया गया है। अब चक्रवात का असर बिहार पर भी दिखने की संभावना है, जिसके कारण राज्य में मौसम में बदलाव आ सकता है।

चक्रवात ‘मोंथा’ का परिवहन और दैनिक जीवन पर प्रभाव

चक्रवात के कारण परिवहन सेवाओं में भी बड़े व्यवधान देखने को मिल सकते हैं। तूफान की बढ़ती ताकत को देखते हुए 32 उड़ानें और 27 ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। यात्री अपनी यात्रा को प्रभावित होने से बचाने के लिए किसी वैकल्पिक मार्ग या सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। मौसम विभाग लगातार चक्रवात की दिशा पर नजर बनाए हुए है और यदि आवश्यक हुआ, तो और भी निर्देश जारी किए जाएंगे।

जैसा कि चक्रवात ‘मोंथा’ बिहार की ओर बढ़ रहा है, राज्य के नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें और आवश्यक कदम उठाएं। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सलाह दी गई है। साथ ही, सामान्य नागरिकों से यह आग्रह किया गया है कि वे बाहर न निकलें और मौसम के दौरान सुरक्षा के उपायों का पालन करें। चक्रवात के कारण बिहार में आगामी दिनों में तापमान में गिरावट, तेज हवाएं और बारिश की संभावना है, जिससे राज्य में एक ठंडी और बरसाती माहौल का निर्माण होगा।

अगले 48 घंटों में चक्रवात का असर बढ़ने की संभावना है, और इस दौरान मौसम में लगातार बदलाव आ सकता है। इसलिए सभी को सतर्क और तैयार रहना बेहद जरूरी है।

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